पीएम के लोकसभा क्षेत्र वाराणसी में हुए विकास से मिली बीजपी सांसदों को सीख

पीएम नरेन्द्र मोदी के लोकसभा क्षेत्र वाराणसी के कायाकल्प ने बीजेपी सासंदों के लिए एक मिसाल कायम कर दी है....

Source: News18Hindi Last updated on: December 11, 2020, 8:24 am IST
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पीएम के लोकसभा क्षेत्र वाराणसी में हुए विकास से मिली बीजेपी सांसदों को सीख
पीएम नरेन्द्र मोदी के लोकसभा क्षेत्र वाराणसी के कायाकल्प ने बीजेपी सासंदों के लिए एक मिसाल कायम कर दी है. पिछले 6 सालो से वीवीआईपी क्षेत्र बनी काशी में सड़कों से लेकर घाटों के कायाकल्प ने सिर्फ वाराणसी के लोगों को नहीं बल्कि पूरे देश और दुनिया में लोगों को दांतों तले उंगली दबाने पर मजबूर कर दिया है. बीजेपी सांसद भी इससे अछूते नहीं रहे हैं. आखिर पीएम मोदी ने उन्हें एक ही सबक दिया है कि जब संसद नहीं चल रहा हो तो उनका संसदीय क्षेत्र औऱ फिर पार्टी ही उनकी प्राथमिकता होनी चाहिए. मोदी सरकार के 6 सालों ने साफ कर दिया है कि बीजेपी सांसदों के लिए अपने क्षेत्र का विकास शीर्ष प्राथमिकता बना हुआ है. पीएम मोदी का अपने संसदीय क्षेत्र पर विशेष ध्यान देना उनके सामने एक बड़ा उदाहरण बना हुआ है.



लॉकडाउन के बाद थोड़ी गतिविधियां बढीं तो बीजेपी के तीन सांसदों ने तय किया कि अब आने वाले दिनों में अपने इलाकों में विकास की गतिविधियों को तेज कैसे करना है ये पीएम मोदी के लोकसभा क्षेत्र जाकर देखना और सीखना चाहिए. दिल्ली से सांसद मनोज तिवारी ने अपने दो सांसद मित्रो झारखंड के गोड्डा से तीसरी बाद संसद में पहुचे निशिकांत दूबे और पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रधेखऱ के बेटे और बीजेपी सांसद नीरज शेखर से बात बात में कहा कि सब साथ ही पीएम मोदी के लोकसभा क्षेत्र चलें और समझें की कैसे विकास के कामों को अंजाम पर पहुंचाया जा रहा है.



6 साल पहले सोचा भी नहीं जा सकता था...

30 नवंबर को पीएम मोदी के वाराणसी दौरे के एक सप्ताह बाद ही ये तीनों सांसद जा पहुंचे वीवीआईपी लोकसभा क्षेत्र वाराणसी और जम कर वाराणसी मे हुए विकास से सबक भी लिया और वहां की गलियो में चाय से लेकर कचौरी का लुत्फ भी उठाया.



वाराणसी से लौटने के बाद मनोज तिवारी ने न्यूज18 को बताया कि उन्होंने अपने दोनों सांसद मित्रों निशिकांत दूबै और नीरज शेखर के साथ वाराणसी के बाबतपुर हवाई अड्डे से शहर तक बनी सड़क का जायजा लिया. उसे बनाने वाले लोगों से बात कर ये जानने की कोशिश की कि इतनी जल्दी इतना शानदार प्रोजेक्ट के मुकाम तक कैसे पहुंचाया गया. मनोज तिवारी जो खुद बीएचयू से पढे हैं और वाराणसी की गलियां उनके लिए नयीं नहीं है. उनके लिए वाराणसी का ये नया बदता स्वरुप खासा आश्चर्यजनक है. तिवारी का मानना है कि ये पीएम मोदी का ही विकास का मॉडल है जो वाराणसी की उन गलियो का स्वरुप भी बदल दिया है औऱ घाटों को भी ऐसा बदला है जिसे नया रुप देने के बारे में 6 साल पहले सोचा भी नहीं जा सकता था.



सांसद नीरज शेखर भी वाराणसी से लौटने के बाद खासे भावुक दिखे. उन्होंने न्यूज 18 से कहा कि बलिया के बाद वाराणसी उनका दूसरा घर है. ये पीएम मोदी का ही प्रताप है कि यहां की तंग गलियां अब पक्की भी हो रहीं है और चौड़ी सड़कों में भी बदल रही हैं. नीरज शेखर की नजर में सबसे खास बात है वाराणसी में बाबा विश्वनाथ के मंदिर का कायाकल्प. काशी-विश्वनाथ मदिर कॉरिडोर का निर्माण वाराणसी को एक नया रुप दे कर जाएगा. क्योंकि अब मदिर तक पहुंचना भी अब आसान होता जा रहा है. इससे न सिर्फ श्रद्धालु बल्कि वाराणसी आने वाले पर्यटकों की संख्या भी बढेगी. नीरज शेखर कहते हैं कि पिछले 6 सालों में वाराणसी का कायाकल्प ऐसा बदला है जिसके बारे में उन्होंने सोचा ही नहीं था. ये सब पीएम मोदी के विकास के विजन और लगातार मॉनिटरिंग का असर है.



विकास के काम को कैसे गति देनी है ये सबक भी लिया

इस तिकड़ी के सदस्य और गोड्डा, झारखंड के सांसद निशिकांत दूबे ने कहा कि वो वाराणसी अक्सर आते जाते रहे हैं लेकिन पहली बार अपने सांसद मित्रों के साथ वे ऐसे स्टडी टूर पर निकले की विकास के कामों को शुरु कर उसे अंजाम तक पहुंचाने की कला पीएम मोदी कैसे अमल में लाते हैं. निशिकांत दूबे का मानना है कि 2014 तक को यही चलता था कि योजनाएं शुरु एक नेता करता है और अंजाम तक पहुंचाने में दूसरे नेता को मशक्कत करनी पड़ती है, लेकिन अब मोदी राज स्थितियां बदल गयी हैं. वाराणसी इसका एक बहुत बड़ा उदाहरण हैजब तंग गलियों को चौड़ा करने और घाटों की सफाई में अखिलेश सरकार का सहयोग नहीं मिल रहा था तब शुरुआती झटके मिले थे लेकिन पीएम मोदी की कोशिशें और वाराणसी के दौरे जारी रहे. नतीजे ऐसे की वाराणसी की तर्ज पर विकास की मांग दूसरे क्षेत्रों में उठने लगी है.



वीवीआईपी यानि पूर्व प्रधानमंत्रियों लोकसभा क्षेत्र तो कई हैं और देश की जनता जानती है कि आज उन क्षेत्रों का क्या हाल है. पीएम मोदी ने 2014 से अब तक 24 बार वाराणसी के दौरे किया है. वाराणसी के जनता के लिए हर बार कोई न कोई सौगात लेकर ही गए हैं. वाराणसी बदल रहा है. यही कारण है कि निशिकांत दूबे, मनोज तिवारी और नीरज शेखर ने अपने दौरे में काफी कुछ सीखा और अपने क्षेत्रों में विकास के काम को कैसे गति देनी है ये सबक भी लिया.
(डिस्क्लेमर: ये लेखक के निजी विचार हैं. लेख में दी गई किसी भी जानकारी की सत्यता/सटीकता के प्रति लेखक स्वयं जवाबदेह है. इसके लिए News18Hindi उत्तरदायी नहीं है.)
ब्लॉगर के बारे में
अमिताभ सिन्हा

अमिताभ सिन्हाएक्जूक्यूटिव एडिटर, न्यूज 18 इंडिया.

अमिताभ सिन्हा News18 India के एक्जिक्यूटिव एडिटर हैं. प्रिंट और टीवी पत्रकारिता में पच्चीस साल से ज्यादा का अनुभव है. पटना 'टाइम्स ऑफ इंडिया' से करियर की शुरुआत की और 'आज तक' में तकरीबन 14 साल तक रिपोर्टिंग की. सात साल से नेटवर्क 18 से जुड़े हुए हैं. हिंदी और अंगरेजी भाषाओं में समान अधिकार से लिखने वाले अमिताभ सिंहा ने देश -विदेश के बहुत से महत्वपूर्ण आयोजनों और घटनाओं की रिपोर्टिंग की है. संसदीय पत्रकारिता का लंबा अनुभव है, साथ ही सरकार की नीतियों और योजनाओं पर खास पकड़ रखते हैं. News18 की हिंदी और अंगरेजी दोनों भाषाओं की वेबसाइट पर लगातार लिखते रहते हैं. उच्च शिक्षा दिल्ली विश्वविद्यालय से प्राप्त की है.

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First published: December 11, 2020, 8:24 am IST
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