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कोरोना संकट के बीच जब पीएम मोदी ने वरिष्ठ नेताओं से पूछी कुशलक्षेम, तो उनमें आ गई नई ऊर्जा

प्रधानमंत्री लगातार देश की उस पीढ़ी का ध्यान रख रहे हैं जो देश की विरासत संभाले हुए हैं. पीएम उनसे लगातार बात कर रहे हैं. अक्सर खबरें आ रही हैं कि प्रधानमंत्री बीजेपी के उन नेताओं से बात कर रहे हैं जो पार्टी के पुराने कार्यकर्ता हैं या यूं कहें जो बीजेपी की नींव की ईंट हैं.

Source: News18Hindi Last updated on: April 28, 2020, 3:53 PM IST
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कोरोना संकट के बीच जब पीएम मोदी ने वरिष्ठ नेताओं से पूछी कुशलक्षेम, तो उनमें आ गई नई ऊर्जा
पीएम ने लॉकडााउन बढ़ाने का ऐलान किया.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का काम करने का अंदाज सबसे अलग है. यह बात अक्सर देखने को मिलती है. कोरोना के इस संकट में भी प्रधानमंत्री मोदी एक ओर जहां लगातार काम कर रहे हैं, देश के लिए बड़े फैसले ले रहे हैं, वहीं उन्हें देश की उस पीढ़ी की चिंता करते भी देख जा सकता है जिन पर कोरोना का सबसे ज्यादा असर हो सकता है. प्रधानमंत्री लगातार देश की उस पीढ़ी का ध्यान रख रहे हैं जो देश की विरासत संभाले हुए हैं. पीएम उनसे लगातार बात कर रहे हैं. अक्सर खबरें आ रही हैं कि प्रधानमंत्री बीजेपी के उन नेताओं से बात कर रहे हैं जो पार्टी के पुराने कार्यकर्ता हैं या यूं कहें जो बीजेपी की नींव की ईंट हैं. सक्रिय राजनीति छोड़ चुके इन नेताओं में प्रधानमंत्री के फोन के बाद से गजब का उत्साह है.

पुरानी यादों में खोए पुराने नेता
प्रधानमंत्री के फोन के बाद अपनी यादों को ताजा करते हुए उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री बालेश्वर त्यागी बताते हैं, 'एक अवसर को छोड़कर मेरा मोदी जी से कभी प्रत्यक्ष परिचय नहीं हुआ. जिस दिन माननीय रामप्रकाश गुप्त जी ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के पद से त्यागपत्र दिया था, मोदी जी उनका त्यागपत्र दिलाने राजभवन गए थे. उस समय मोदी जी भाजपा के महामंत्री संगठन थे. जब दोनों लौटकर मुख्यमंत्री आवास 5 कालिदास मार्ग आए तब मैं भी वहां पहुंच गया था. रामप्रकाश जी ने मोदी जी से मेरा परिचय कराया था और विशेष रूप से उल्लेख किया था कि ये जेब खर्च नहीं लेते हैं. तब मोदी जी ने पूछा कि ये कैसे मैनेज करते हैं तब रामप्रकाश जी ने जवाब दिया था, ये लेते ही नहीं, इसीलिए मैनेज की आवश्यकता ही नहीं होती. मोदी जी ने कहा कि फिर तो ये अन्य प्रदेशों के लिए उदाहरण हैं. मोदी जी को तो वह छोटी सी बात याद भी नहीं होगी.

25 अप्रैल को प्रधानमंत्री के यहां से टेलीफोन आया. उन्होंने पूछा कि बलिश्वर बोल रहे हैं. मैंने कहा कि बलिश्वर नहीं बालेश्वर त्यागी, तब प्रधानमंत्री जी को फोन दिया. उन्होंने कहा कि कोरोना के समय में अपने पुराने कार्यकर्ताओं का जिन्होंने संगठन के लिए बहुत काम किया उनके हालचाल जानने के लिए फोन किया. उन्होंने मेरा और मेरे परिवार का हालचाल जाना. और संगठन द्वारा सेवाकार्यों के संबंध में पूछा.'
हिमाचल प्रदेश में 83 वर्षीय चिकित्सक व वरिष्ठ भाजपा कार्यकर्ता डॉ. प्रेम गुप्ता को जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आवाज सुनाई दी, तो वे हैरान रह गए. डॉ. प्रेम गुप्ता ने बताया, 'प्रधानमंत्री ने इतने वर्षों के बाद भी मुझे नाम से पुकारा और फोन पर बात की. यह मेरे जीवन के लिए सबसे बड़ा गौरव और खुशी का पल था.'

पीएम ने जिनसे बात की उनमें बिहार में पूर्व मंत्री और पटना विश्वविद्यालय की प्रोफेसर सुखदा पांडे समेत कई विधायक, विधान पार्षद, पूर्व प्रदेश पदाधिकारियों से लेकर कार्यकर्ता तक शामिल रहे.

सिर्फ आवाज सुनकर आ गई नई ऊर्जाप्रधानमंत्री ने किन-किन को फोन किया, इसकी कोई आधिकारिक लिस्ट नहीं है, लेकिन एक बात तय है कि प्रधानमंत्री मोदी के फोन के बाद अपने आपको हशिए पर समझ रहे इन नेताओं में नया जोश भर दिया. प्रधानमंत्री मोदी की आवाज ने इन लोगों में जितना उत्साह भरा है, उतना शायद ही कोई और भर सकता.

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अनिल राय

अनिल रायएडिटर (स्पेशल प्रोजेक्ट)

अनिल राय भारत के प्रतिष्ठित युवा पत्रकार हैं, जिन्हें इस क्षेत्र में 18 साल से ज्यादा का अनुभव है. अनिल राय ने ब्रॉडकास्ट मीडिया और डिजिटल मीडिया के कई प्रतिष्ठित संस्थानों में कार्य किया है. अनिल राय ने अपना करियर हिंदुस्तान समाचार पत्र से शुरू किया था और उसके बाद 2004 में वह सहारा इंडिया से जुड़ गए थे. सहारा में आपने करीब 10 वर्षों तक विभिन्न पदों पर कार्य किया और फिर समय उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड में चैनल प्रमुख नियुक्त हुए. इसके साथ ही वह न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में तीन वर्ष तक मैनेजिंग एडिटर रहे हैं. फिलहाल आप न्यूज़ 18 हिंदी में एडिटर (स्पेशल प्रोजेक्ट) के तौर पर कार्य कर रहे हैं.

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First published: April 28, 2020, 3:33 PM IST
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