Opinion: मॉल और पूजास्थल खुलने के बाद सुरक्षा को लेकर बढ़ी चुनौती

Unlock-1: भारत जैसे बड़े देश में जहां हर समय एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, मेट्रो स्टेशन, अदालतों और मंदिर-मस्जिद जैसी भीड़भाड़ वाली जगहों पर आतंकी खतरे का अंदेशा बना रहता है. ऐसे में कोरोना संकट (Corona Crisis) के बीच सुरक्षाबलों के सामने चुनौतियां बढ़ गई हैं.

Source: News18Hindi Last updated on: June 8, 2020, 5:54 PM IST
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Opinion: मॉल और पूजास्थल खुलने के बाद सुरक्षा को लेकर बढ़ी चुनौती
पूजास्थलों, शॉपिंग मॉल, रेलवे स्टेशनों पर प्रवेश के पहले थर्मल स्कैनिंग, मास्क की अनिवार्यता, सैनेटाइजर जैसे जरूरी सुरक्षा इंतजाम किए जा रहे हैं.
कोरोना संकट के बीच आज देश के अलग-अलग हिस्सों में पूजास्थलों के साथ-साथ शॉपिंग मॉल, रेस्टोरेंट खोल दिए गए हैं. इससे पहले देश में हवाई यात्रा और रेल यात्रा पहले भी शुरू हो चुकी है. साफ है देश में सत्ता चलाने वाली सरकारों से लेकर आम आदमी ने मान लिया है कि आने वाले समय में हमें कोरोना के साथ ही जीना है. इसको लेकर अंदाजा तो पहले से लगया जा रहा था, लेकिन सरकार ने अब फैसला भी ले लिया है. उस पर अमल भी होने लगा है. इस दौर में कोरोना से बचना तो बड़ी चुनौती है ही, साथ ही एक और चुनौती सामने खड़ी हो गई है और वो भीड़-भाड़ वाले सार्वजनिक स्थलों की सुरक्षा की.

भारत जैसे बड़े देश में जहां हर समय एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, मेट्रो स्टेशन, अदालतों और मंदिर-मस्जिद जैसी भीड़भाड़ वाली जगहों पर आतंकी खतरे का अंदेशा बना रहता है. ऐसे में कोरोना संकट के बीच सुरक्षाबलों के सामने चुनौतियां बढ़ गई हैं.

2 गज दूर रहकर कैसे होगी सुरक्षा जांच
देश में कोरोना से बचने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी समेत तमाम जानकार 2 गज की दूरी की बात कर रहे हैं. पूजास्थलों, शॉपिंग मॉल, रेलवे स्टेशनों पर प्रवेश के पहले थर्मल स्कैनिंग, मास्क की अनिवार्यता, सैनेटाइजर जैसे जरूरी सुरक्षा इंतजाम किए जा रहे हैं. ऐसे में सुरक्षाबलों के सामने सबकी जांच करना बड़ी चुनौती है. देश में एवं भीड़-भाड़ वाली जगहों की सुरक्षा को देखें तो देश में ज्यादातर जगहों जैसे एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, शॉपिंग मॉल, पूजा के स्थल इन तमाम जगहों जहां पर भीड़ इकट्ठी होती है और आतंकवादी हमले का खतरा होता है, वहां फ्रिसकिंग के जरिए ही आने वाली भीड़ की जांच की जाती है.
इस दौरान चाहे एयरपोर्ट हो, रेलवे स्टेशन, मेट्रो हो या शॉपिंग मॉल, सामान की स्कैनिंग के साथ साथ सुरक्षाबल हमारे शरीर को मेटल डिटेक्टर और कभी-कभी खुद अपने हाथ से छूकर चेक करते हैं कि कोई संदिग्ध सामान अपने साथ ना ले जा रहा हो, लेकिन जब कोरोना के इस दौर में 2 गज दूरी रखना अनिवार्य है ऐसे में सुरक्षाबलों के सामने सबसे बड़ी चुनौती आ गई है कि तलाशी लें तो कैसे.

एयरपोर्ट, मेट्रो और रेलवे के साथ पूजास्थलों पर बढ़ने लगी भीड़
इसके पहले तमाम ऐसी घटनाएं आई, जब किसी अपराधी को पकड़ने गए सुरक्षाकर्मी कोरोना वायरस की चपेट में आ गए. दिल्ली और मुंबई एयरपोर्ट पर भी जब दुनियाभर से लोग वतन वापसी कर रहे थे सैकड़ों की संख्या में सुरक्षाकर्मी कोरोना की चपेट में आ गए. यही हाल रेलवे का भी है यहां रेलवे सुरक्षाबल और राजकीय रेलवे पुलिस के सैकड़ों जवान अब तक कोरोना के संक्रमण की जद में आ चुके हैं. यह हाल तब है जब रेलवे स्टेशन और हवाई अड्डे पर यात्रियों की संख्या बहुत कम थी. ऐसे में जब रेलयात्रा हवाईयात्रा पूरी क्षमता के साथ शुरू हो रही है तो सुरक्षा एक बड़ी चुनौती होगी. सूत्रों की मानें तो सुरक्षाबल इस मामले पर अभी तैयारी ही कर रहे हैं. हालांकि सुरक्षा से जुड़े अधिकारी कुछ भी खुलकर बोलने को तैयार नहीं हैं, लेकिन साफ है कि अभी भी तैयारियां अधूरी हैं.10 हजार से ज्यादा स्थानों पर सुरक्षा जांच की जरूरत
दुनिया के कई देश एयरपोर्ट में बॉडी स्कैनर का इस्तेमाल कर रहे. हालांकि इसको लेकर विवाद भी है, लेकिन मुंबई एयरपोर्ट और दिल्ली एयरपोर्ट पर बॉडी स्कैनर का इस्तेमाल अभी ट्रायल के तौर पर किया जा रहा है. भारत में 8 हजार से ज्यादा रेलवे स्टेशन, 5 सौ के आसपास एयरपोर्ट हैं और दिल्ली मेट्रो के करीब डेढ़ सौ स्टेशनों समेत देशभर में 3 सौ से ज्यादा मेट्रो स्टेशन हैं. हजारों की संख्या में मंदिर-मस्जिद-गुरुद्वारे और चर्च हैं. हजारों की संख्या में शॉपिंग मॉल हैं, जहां आमदिनों में भी आतंकी खतरे का अंदेशा बना रहता है. अब तक इन जगहों पर सुरक्षा फ्रिसकिंग के जरिए ही हो रही थी, लेकिन कोरोना संकट के बाद फ्रिसकिंग करना बड़ी चुनौती है.

मानसिक तनाव में पुलिसकर्मी, तलाशने होंगे नए उपाय
उत्तर प्रदेश के पूर्व डीजीपी विक्रम सिंह मानते हैं ऐसे समय में देश में ज्यादातर जगहों पर बॉडी स्कैनर का प्रयोग किया जाना चाहिए. हालांकि प्राइवेसी समेत कई विवाद भी रहे हैं लेकिन विक्रम सिंह का मानना है कि ऐसे माहौल में सुरक्षाकर्मियों के कोरोना से बचाव के लिए बॉडी स्कैनर एक अच्छा विकल्प हो सकता है. ऐसे समय में जब देशभर में हजारों की संख्या में जवान कोरोना की चपेट में आ चुके हैं और सैकड़ों की मौत हो चुकी है. केवल महाराष्ट्र में ढाई हजार से ज्यादा पुलिसकर्मी कोरोना की चपेट में आ चुके हैं और 30 से ज्यादा पुलिसकर्मियों की मौत हो चुकी है.

पुलिस कर्मी पीटीएसडी (Post-Traumatic Stress Disorder) की चपेट में आ रहे हैं, मानसिक रूप से कमजोर पड़ रहे हैं, अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं और उनका शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य बिगड़ रहा है, तो सरकार की जिम्मेदारी बनती है कि वह कोरोना से उनके बचाव के लिए पर्याप्त उपाय करे, जिससे उनमें ये संदेश जाए कि वो अपनी ड्यूटी के दौरान सुरक्षित रहेंगे और कोरोना की चपेट में नहीं आएंगे. ऐसे में सरकार को और सुरक्षा से जुड़े जानकारों को सुरक्षा के नए-नए उपाय तलाशने के साथ-साथ संदिग्ध लोगों पर नजर रखने के लिए नए रास्ते तलाशने होंगे, क्योंकि सुरक्षाबलों में विश्वास पैदा किए बिना न तो आतंकी गतिविधियां रोकी जा सकती हैं और न ही अपराध रोके जा सकते हैं.

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अनिल राय

अनिल रायएडिटर (स्पेशल प्रोजेक्ट)

अनिल राय भारत के प्रतिष्ठित युवा पत्रकार हैं, जिन्हें इस क्षेत्र में 18 साल से ज्यादा का अनुभव है. अनिल राय ने ब्रॉडकास्ट मीडिया और डिजिटल मीडिया के कई प्रतिष्ठित संस्थानों में कार्य किया है. अनिल राय ने अपना करियर हिंदुस्तान समाचार पत्र से शुरू किया था और उसके बाद 2004 में वह सहारा इंडिया से जुड़ गए थे. सहारा में आपने करीब 10 वर्षों तक विभिन्न पदों पर कार्य किया और फिर समय उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड में चैनल प्रमुख नियुक्त हुए. इसके साथ ही वह न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में तीन वर्ष तक मैनेजिंग एडिटर रहे हैं. फिलहाल आप न्यूज़ 18 हिंदी में एडिटर (स्पेशल प्रोजेक्ट) के तौर पर कार्य कर रहे हैं.

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First published: June 8, 2020, 5:54 PM IST
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