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शाम को लालू के घर इफ्तार, अगले दिन गृह मंत्री से मंत्रणा-आखिर क्या है नीतीश के मन में?

Nitish Kumar, Nitish Kumar, Lalu Yadav, Amit Shah: नीतीश कुमार नहीं चाहते कि इफ्तार को लेकर राजनीति हो लेकिन बिहार जैसे राज्य में जहां राजनीति लोगों का प्रिय विषय है, राजनीतिक अटकलबाज़ियाँ कहाँ थमने वाली है. नीतीश कुमार इफ्तार को लेकर कहते हैं इसमें गलत क्या है? हमने भी तो सबको बुलाया था.

Source: News18Hindi Last updated on: April 23, 2022, 5:46 PM IST
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शाम को लालू के घर इफ्तार, अगले दिन गृह मंत्री से मंत्रणा-आखिर क्या है नीतीश के मन में?
सीएम नीतीश कुमार ने गृह मंत्री का एयरपोर्ट पर स्वागत किया.

जब नीतीश कुमार 22 अप्रैल की शाम को लालू यादव के घर जाकर इफ्तार पार्टी में शामिल होते हैं, बिहार की सियासत में कयासों का बाज़ार गरम हो जाता है. कोई कुछ कहने लगता है, कोई कुछ. यानि जितने मुंह, उतनी बातें. यहाँ पहले नीतीश और लालू परिवार के मध्य मुलाक़ात की बात करते हैं. नीतीश अपने मुख्यमंत्री आवास, 1 अन्ने मार्ग से निकल कर 10 सर्क्युलर रोड स्थित लालू परिवार के निवास पैदल ही जाते हैं, दोनों ही निवास आमने-सामने है लेकिन एक सड़क पार करने में नीतीश कुमार को चार वर्ष का समय लग गया.


दो मुलाक़ातें और कयास का दौर-

इस मुलाक़ात के बाद दोनों परिवारों के बीच दूरी तो कम हो गई लेकिन चाचा की राजद परिवार में एंट्री होगी ये तय नहीं है. हाँ, इस मुलाक़ात के बाद प्रतिक्रियाओं का दौर ज़रूर शुरू हो गया.

अगले दिन, दूसरी तस्वीर हम पटना एयरपोर्ट पर देखते हैं, जहां नीतीश कुमार गृह मंत्री अमित शाह का स्वागत करने के लिए एयरपोर्ट पहुँच जाते हैं, उनकी 15 मिनट तक बंद लाउंज में गृह मंत्री से मुलाक़ात होती है.


दोनों के मध्य क्या बातचीत हुई, ये तो दोनों नेता ही जानें लेकिन इस मुलाक़ात से कई संदेश निकल कर ज़रूर सामने आते हैं. पहला कि कल शाम तक लोग जो बातें कर रहे थे और समझ रहे थे, वैसा कुछ है नहीं.


तेजप्रताप के बयान पर जगदा बाबू ने डाला ठंढा पानी-

राजद नेता तेजप्रताप यादव, जिन्होने कल शाम को यह बोलकर सनसनी फैला दिया था कि चाचा और भतीजे के बीच गुप्त बातचीत हुई है. लेकिन अगले ही दिन तेजप्रताप के बयान पर राजद अध्यक्ष जगदानंद सिंह ने जैसे ठंडा पानी दाल दिया यह कहकर कि नीतीश कुमार के लिए महागठबंधन के अंदर कोई जगह नहीं है.


नीतीश कुमार नहीं चाहते कि इफ्तार को लेकर राजनीति हो लेकिन बिहार जैसे राज्य में जहां राजनीति लोगों का प्रिय विषय है, राजनीतिक अटकलबाज़ियाँ कहाँ थमने वाली है. नीतीश कुमार इफ्तार को लेकर कहते हैं इसमें गलत क्या है? हमने भी तो सबको बुलाया था.


बिहार के उप मुख्यमंत्री (जो बीजेपी कोटा से हैं) तारकिशोर प्रसाद कहते हैं विपक्ष नीतीश के नेतृत्व में चल रहा है. इफ्तार तो अच्छी बात है. ऐसे मौके पर राजनीतिक फ़ायदा-नुकसान देखना मुंगेरीलाल के सपने के समान है. बिहार की राजनीति में समय-समय पर खींचतान चलती रहती है, इसमें तेजी बोचाहा उपचुनाव के नतीजों के बाद बढ़ गई, जिसमें राजद ने भाजपा को पटखनी दे दी.


नीतीश ज़्यादा बोलते नहीं, उन्हें समझना आसान नहीं





बिहार के जाने-माने राजनीतिक पर्यवेक्षक प्रोफेसर नवलकिशोर चौधरी वर्तमान राजनीतिक घटना विकास को लेकर कहते हैं, “नीतीश आपको अनुमान करने के लिए छोड़ देते हैं. उनका राजनीतिक व्यवहार समझ में नहीं आता है. वो 15 वर्ष सत्ता में रह चुके हैं, वो सत्ता से बाहर तभी जाएंगे जब वो मजबूत स्थिति में होंगे. अभी स्थिति इतनी साफ नहीं है. “


पिछले कुछ महीनों से नीतीश कुमार सभी नेताओं से खूब मिल-जुल रहे हैं, कई लोग कहते हैं कि नीतीश शायद अपने आप को नई भूमिका के लिए तैयार कर रहे हैं, इसलिए वो अपने विरोधियों से भी ज़्यादा दूरी बनाकर नहीं रखना चाहते हैं.


आगे क्या होगा इसका किसी को पता नहीं पर बिहार की एनडीए सरकार को लेकर अगर कहीं संशय था तो नीतीश कुमार और अमित शाह की मुलाक़ात ने इसको काफी हद तक दूर कर दिया है.


(डिस्क्लेमर: ये लेखक के निजी विचार हैं. लेख में दी गई किसी भी जानकारी की सत्यता/सटीकता के प्रति लेखक स्वयं जवाबदेह है. इसके लिए News18Hindi उत्तरदायी नहीं है.)
ब्लॉगर के बारे में
ब्रज मोहन सिंह

ब्रज मोहन सिंहएडिटर, इनपुट, न्यूज 18 बिहार-झारखंड

पत्रकारिता में 22 वर्ष का अनुभव. राष्ट्रीय राजधानी, पंजाब , हरियाणा, राजस्थान और गुजरात में रिपोर्टिंग की.एनडीटीवी, दैनिक भास्कर, राजस्थान पत्रिका और पीटीसी न्यूज में संपादकीय पदों पर रहे. न्यूज़ 18 से पहले इटीवी भारत में रीजनल एडिटर थे. कृषि, ग्रामीण विकास और पब्लिक पॉलिसी में दिलचस्पी.

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First published: April 23, 2022, 5:16 PM IST
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