Opinion: राष्ट्रपति के 'एट होम' में कोरोना वॉरियर्स का अभिवादन!

Independence Day 2020: राष्ट्रपति भवन (President House) में हर साल दो मौकों पर 'एट- होम' रिसेप्शन का आयोजन होता है, गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस (Republic Day and Independence Day) के मौके पर. लेकिन इस बार स्वतंत्रता दिवस के मौके पर आयोजित होने वाले एट होम कार्यक्रम में कोरोना (coronavirus) की छाप साफ दिखने वाली है.

Source: News18Hindi Last updated on: August 14, 2020, 6:57 PM IST
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Opinion: राष्ट्रपति के 'एट होम' में कोरोना वॉरियर्स का अभिवादन!
74वें स्‍वतंत्रता दिवस पर राष्‍ट्रपति के 'एट होम' कार्यक्रम में शामिल होंगे 26 कोरोना वॉरियर्स
स्वतंत्रता दिवस के मौके पर आयोजित होने वाले राष्ट्रपति के एट होम कार्यक्रम में इस बार नजारा अलग होगा. कोरोना के कारण मेहमानों की संख्या में 90 प्रतिशत से भी अधिक की कटौती की गई है और करीब सौ चुनिंदा लोगों को ही कल शाम होने वाले इस कार्यक्रम के लिए बुलाया गया है, इनमें से 26 कोरोना वॉरियर्स होंगे.

राष्ट्रपति भवन में हर साल दो मौकों पर 'एट- होम' रिसेप्शन का आयोजन होता है, गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस के मौके पर. लेकिन इस बार स्वतंत्रता दिवस के मौके पर आयोजित होने वाले एट होम कार्यक्रम में कोरोना की छाप साफ दिखने वाली है. 15 अगस्त के मौके पर राष्ट्रपति भवन के सांस्कृतिक केंद्र में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में आम तौर पर हजार से ज्यादा लोग आमंत्रित होते हैं, लेकिन इस दफा संख्या में काफी कटौती की गई है. सौ के आस-पास ही लोगों को आमंत्रित किया गया है, जिसमें उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से लेकर भारत के मुख्य न्यायाधीश तो होंगे ही, वरिष्ठ मंत्री, सुप्रीम कोर्ट के कुछ जज, दिल्ली के मुख्यमंत्री, कुछ प्रमुख नौकरशाह, सेना के शीर्ष अधिकारी और कुछ वरिष्ठ पत्रकार होंगे.

लेकिन सबसे खास बात है इस दफा के एट होम में कोरोना वॉरियर्स को बुलाया जाना. इनकी संख्या 26 है यानी कुल आमंत्रित मेहमानों की एक चौथाई संख्या. इस अनुपात से ही पता चल जाता है कि कोरोना वॉरियर्स को कितनी अहमियत दी जा रही है इस बार. इन कोरोना वॉरियर्स में चिकित्सकों के अलावा, सफाईकर्मी और श्मशान गृहों में कोरोना संक्रमण के कारण मरने वाले लोगों का अंतिम संस्कार करने वाले कर्मचारी भी होंगे. निश्चित तौर पर देश के सांवैधानिक प्रमुख और प्रथम पुरुष रामनाथ कोविंद की तरफ से ये बड़ा संदेश है. संदेश ये कि किस तरह से देश इन बहादुरों के हौसले को सलाम करता है. अपनी जान की परवाह किये बगैर जिस तरह से कोरोना वॉरियर्स पिछले चार महीने से कोरोना संक्रमित लोगों का इलाज करने से लेकर मृत्यु की हालत में अंतिम संस्कार तक तमाम खतरे उठाते हुए करने में लगे हैं, वो उनके असाधारण साहस और कर्तव्य पथ पर पूरे जोश के साथ डटे रहने का ही संकेत है.

एट होम के दौरान राष्ट्रपति कोविंद अपने संक्षिप्त संबोधन में कोरोना वॉरियर्स के इस पराक्रम की सराहना करने वाले हैं. अमूमन राष्ट्रपति एट होम के मौके पर कोई संबोधन नहीं करते हैं, लेकिन एक तो कोरोना वॉरियर्स का अभिवादन और दूसरा मेहमानों के नजदीक जाकर मिलने की परंपरा से इस बार कोरोना के कारण किनारा करने की मजबूरी, राष्ट्रपति इसकी भरपाई अपने संक्षिप्त संबोधन के जरिये करने जा रहे हैं.
कोरोना काल में होने वाले एट होम के लिए सावधानी भी काफी बरती जा रही है. एक तो मेहमानों की संख्या काफी कम की गई है, दूसरा बैठने के इंतजाम भी इस तरह से किये जा रहे हैं कि मेहमानों की मूवमेंट ज्यादा न हो और वो एक-दूसरे के ज्यादा करीब न आएं. सभी मेहमानों की मेज भी पहले से तय रहने वाली है. इसलिए राष्ट्रपति भवन सांस्कृतिक केंद्र, जो मुख्य भवन से अलग एक नई बनी ईमारत है, उसके सभा कक्ष में 25 मेजें लगाई जा रही हैं. इन सभी मेजों का नाम भारत की तमाम प्रमुख नदियों के नाम पर है.

मुख्य मेज पर राष्ट्रपति कोविंद के साथ उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू, पीएम नरेंद्र मोदी और चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया शरद अरविंद बोबडे होंगे, जबकि बाकी मेजों पर चार-चार अतिथि थोड़ी दूरी के साथ बैठने वाले हैं. नाश्ता भी सादा रखा गया है, वो भी मेज पर ही सर्व होने वाला है. राष्ट्रपति भवन के जो कर्मचारी नाश्ता तैयार करने या फिर उसे सर्व करने में लगे होंगे, उनकी पहले ही मेडिकल जांच की जा चुकी है, यानी उन्हीं कर्मचारियों को ड्यूटी पर लगाया गया है, जिनकी कोविड-19 टेस्ट रिपोर्ट निगेटिव आई है.

कोरोना के इस दौर में राष्ट्र के संवैधानिक प्रमुख के आधिकारिक आवास में इस तरह की सावधानी बरतना आवश्यक ही है. हालांकि ये दिल्ली में सैकड़ों ऐसे लोगों के लिए मायूसी का भी सबब होगा, जो उन चुनिंदा हजार-बारह सौ लोगों में होते थे, जिन्हें पिछले वर्षों में राष्ट्रपति भवन से इस कार्यक्रम के लिए आमंत्रण आता था. लेकिन कोरोना काल में इस मायूसी को बर्दाश्त करना होगा. लेकिन सबसे खास बात है, वो संकेत, जो राष्ट्र के प्रथम पुरुष की तरफ से दिया जा रहा है, कोरोना वॉरियर्स की साहसिक भूमिका को पूरा देश किस तरह से सलाम करता है और उनके प्रति ऋणि महसूस कर रहा है. राष्ट्रपति भवन की तरफ से दिया जाने वाला ये संदेश इन कोरोना वॉरियर्स के जज्बे को कर्तव्य पथ पर और साहसी ढंग से चलने के लिए प्रेरित ही करेगा, जिसकी काफी जरूरत है कोरोना संक्रमण के इस दौर में, जिससे भारत ही नहीं, दुनिया के तमाम देश बुरी तरह प्रभावित हैं.
ब्लॉगर के बारे में
ब्रजेश कुमार सिंह

ब्रजेश कुमार सिंहGroup Consulting Editor

लेखक नेटवर्क18 समूह में मैनेजिंग एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. भारतीय जनसंचार संस्थान, नई दिल्ली से 1995-96 में पत्रकारिता की ट्रेनिंग, बाद में मास कम्युनिकेशन में पीएचडी. अमर उजाला समूह, आजतक, स्टार न्यूज़, एबीपी न्यूज़ और ज़ी न्यूज़ में काम करने के बाद अप्रैल 2019 से नेटवर्क18 के साथ. इतिहास और राजनीति में गहरी रुचि रखने वाले पत्रकार, समसामयिक विषयों पर नियमित लेखन, दो दशक तक देश-विदेश में रिपोर्टिंग का अनुभव.

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First published: August 14, 2020, 6:42 PM IST
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