OPINION: TRP गेम के बाद सबसे बड़ा सवाल, रिया चक्रवर्ती का गुनहगार कौन?

देश को दो हिस्सों में बांटने का काम कुछ न्यूज़ चैनल बखूबी कर रहे हैं. उन्होंने सुशांत सिंह की मौत पर तमाशा किया. टीआरपी के लिए लोगों के जज़्बातों से खेला और फिर खुद नंबर वन की रेस में आगे बढ़ने के लिए आपस में ही उलझ गए. सुशांत की लाश पर खुद को नंबर वन बनाने वाले क्या अपने गिरेबां में देखेंगे, क्या वो अब कहेंगे कि उन्होंनें रिया चक्रवर्ती के साथ गलत किया.

Source: News18Hindi Last updated on: October 8, 2020, 8:40 PM IST
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OPINION: TRP गेम के बाद सबसे बड़ा सवाल, रिया चक्रवर्ती का गुनहगार कौन?
रिया चक्रवर्ती को ज़मानत मिलने के बाद बॉलीवुड के कई एक्टर एक्ट्रेस ने ट्वीट किए.
वो जादूगरनी है, वो क़ातिल है, वो ड्रग माफिया का हिस्सा है. उसने एक मासूम और टैलेंटेड अभिनेता को अपने प्रेम के जाल में फंसाया और फिर हत्या कर दी. वो तो काला जादू करना जानती है, वो सुशांत सिंह राजपूत (Sushant Singh Rajput) के पैसों पर ऐश करती थी, वो सुशांत सिंह के पैसे हड़पना चाहती थी. रिया की ड्रग मंडली...फलाना, ढिकाना. ऐसी न जाने कितनी ख़बरें रोज़ाना महीनों तक मीडिया में चलीं. 28 दिन तक रिया जेल में रही और आख़िरकार बॉम्बे हाईकोर्ट (Bombay High Court) से उसे ज़मानत मिल गई. ज़मानत देते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि जैसा एनसीबी (NCB) ने आरोप लगाया था, रिया किसी ड्रग माफिया का हिस्सा नहीं हैं. अदालत ने एनसीबी की उस दलील को भी खारिज कर दिया कि प्रसिद्ध लोगों या लोकप्रिय हस्तियों के साथ कठोर बर्ताव होना चाहिए ताकि उदाहरण पेश किया जा सके. अदालत ने कहा कि कानून के सामने सभी बराबर हैं. अदालत ने कहा, ‘वह ड्रग डीलर्स का हिस्सा नहीं हैं. उसने कथित रूप से अपने खरीदे हुए ड्रग्स को धन या किसी अन्य लाभ के लिए किसी और को नहीं दिया.’ अदालत ने यह भी कहा कि रिया या सुशांत घरों से कोई ड्रग्स बरामद नहीं हुआ है.

रिया के माता-पिता एक महीने बाद जब अपनी बेटी से मिले तो जज़्बातों का सैलाब उमड़ पड़ा. मीडिया से मां ने कहा कि उनकी बेटी मज़बूत है लेकिन ये मुश्किल वक्त न वो भूल पाएगी न हमारा परिवार. रिया की मां कहती हैं कि उनके दोनो बच्चे जेल में थे और वो इस क़दर टूट गईं थी कि जान देने तक का ख़्याल ज़हन में आया. लेकिन वो निराश नहीं हुईं उन्हें उम्मीद थी कि एक रोज़ उनकी बेटी लौटेगी. 28 दिन तक जेल में रहने वाली रिया जेल से निकलने के बाद भी उसी मज़बूती से खड़ी हैं जैसे पहले थीं. जबकि कुछ न्यूज़ चैनल्स ने तो उन्हें बाकायदा सुशांत सिंह राजपूत की हत्या का दोषी भी करार दे दिया था. लगातार कई दिनों तक रिया को निशाना बनाया गया. रोज़ाना का प्राइम टाइम जैसे रिया को कातिल साबित करने के लिए चलाया जा रहा था. रिया के चरित्र हनन से लेकर उसे ड्रग माफिया का हिस्सा बताना सुर्खियों का हिस्सा था. मीडिया के साथ सोशल मीडिया पर भी रिया चक्रवर्ती को लेकर एक ट्रेंड चला उसकी गिरफ्तारी से लेकर उसे सख़्त सज़ा देने तक. ऐसा लग रहा था कि जैसे सुशांत को इंसाफ़ दिलाने के ज़्यादा ज़रूरी है कि रिया को सज़ा मिले फिर भले वो गुनहगार हो या ना हो.

रिया के गुनहगार कौन ?
रिया चक्रवर्ती को ज़मानत मिलने के बाद बॉलीवुड के कई एक्टर एक्ट्रेस ने ट्वीट किए. फरहान अख़्तर ने लिखा क्या अब मीडिया और समाज रिया और उसके परिवार से माफी मांगेगा. यहां बात ज़िम्मेदारी की हो रही है कि क्या किसी को रिया और उसके परिवार की इज़्ज़त, इमेज और सम्मान को खराब करने के लिए दोषी माना जाएगा. क्या कोई चक्रवर्ती परिवार से माफ़ी मांगेगा. क्या इतना आसान है बच के निकल जाना. अपने निजी फायदे के लिए, टीआरपी के लिए या फिर राजनीति के लिए क्या कोई किसी को घर तोड़ सकता है. हम आप 8 घंटे किसी जेल में बिताएं तो तमाम उम्र वो आठ घंटे आंखों और ज़हन में घूमते रहेंगे तो क्या रिया ज़िंदगी के ये 28 दिन भूल जाएगी जो उसने जेल में बिताए. इसके अलावा जो रोज़ाना उसे और उसके परिवार को ज़लील किया गया उसकी भरपाई कौन करेगा. और क्या वाकई इसकी भरपाई है भी. जिस पर गुज़रती है वही जानता है. रिया के माता पिता से लेकर उसके घर के बाहर तैनात सुरक्षा गार्ड तक को मीडिया ने नहीं बख़्शा. उसकी बिल्डिंग में रहने वाले पड़ोसिया से चटखारे लेकर सवाल किए. सवाल सिर्फ़ सवाल नहीं थे वो फ़ैसला थे. ये पहले से तय कर लिया गया था कि इसे आरोपी या संदिग्ध नहीं कहना है सीधा फ़ैसला सुनाना है. एनसीबी सूत्रों के हवाले से रोज़ाना बिना सबूतों की खबरें आईं. दीपिका पादुकोण, सारा अली खान, श्रद्धा कपूर को पूछताछ के लिए बुलाया गया तो ऐसे पेश किया गया कि जैसे सारी एक्ट्रेस ही नशेड़ी हैं. और उसके बाद सब गायब. देश का एक बड़ा अख़बार शाहरुख खान, डीनो मारिओ, अर्जुन रामपाल के नाम इस ड्रग रैकेट से जोड़ देता है. जिसका बाद में खंडन भी किया गया.
देश को दो हिस्सों में बांटने का काम कुछ न्यूज़ चैनल बखूबी कर रहे हैं. उन्होंने सुशांत सिंह की मौत पर तमाशा किया. टीआरपी के लिए लोगों के जज़्बातों से खेला और फिर खुद नंबर वन की रेस में आगे बढ़ने के लिए आपस में ही उलझ गए. सुशांत की लाश पर खुद को नंबर वन बनाने वाले क्या अपने गिरेबां में देखेंगे, क्या वो अब कहेंगे कि उन्होंनें रिया चक्रवर्ती के साथ गलत किया. लेकिन यहां ये रिवाज नहीं है. टीआरपी के लिए जो ये लड़ाई चल रही है इस पर मुंबई पुलिस ने खुलासा किया है कि फेक टीआरपी का खेल चल रहा था. पुलिस ने फर्ज़ी तरीके से टीआरपी बढ़ाने वाले गिरोह का खुलासा किया है. जिसमें दो लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है. टीआरपी के इस खेल में रोज़ाना पूछता है भारत करने वाले तथाकथित देश का नंबर वन चैलन भी शामिल कहा जा रहा है.

लड़ाई इंसाफ़ की नहीं थी.
सुशांत सिंह राजपूत की आत्महत्या को हत्या कहकर जो इंसाफ़ का झंडा लेकर चल रहे थे वो सिर्फ़ अपना फायदा देख रहे थे. वो चाहे बिहार चुनाव हो या फिर बॉलीवुड में भाई-भतीजावाद. अपनी एक्टिंग के दम पर देश के दिलों में राज करने वाली कंगना राणावत ने भी सुशांत की मौत को एक तरह से भुनाया. नेपोटिज़्म के खिलाफ़ शुरु हुई ये जंग ड्रग माफिया तक पहुंची. यहां बॉलीवुड भी दो धड़ों में बंट गया. कंगना ने जया बच्चन से लेकर अमिताभ बच्चन, जावेद अख़्तर, दीपिका पादुकोण, स्वरा भास्कर, अनुराग कश्यप सभी पर आरोप लगाए. लड़ाई सुशांत को इंसाफ़ दिलाने की थी लेकिन वो पहुंच गई निजी खुन्नस पर. अनुराग कश्यप पर अभिनेत्री पायल घोष ने छेड़छाड़ का आरोप लगाया और अनुराग के खिलाफ़ एफआईआर दर्ज कर दी. पायल ने अनुराग पर आरोप लगाते हुए हुमा क़ुरैशी, रिचा चड्ढा पर आपत्तिजनक बातें कहीं. जिसके बाद रिचा ने पायल पर मानहानि का केस ठोक दिया.कुछ गलतियों सिर्फ़ गलतियां नहीं होती हैं वो गुनाह बन जाती हैं. रिया चक्रवर्ती के मामले में मीडिया और समाज के एक तबके ने जो व्यवहार किया, जो चरित्र हनन किया उसकी क्या वाकई माफ़ी है. क्या रिया इतनी आसानी से अपने गुनहगारों का माफ़ कर देगी. क्या रिया ने जेल में जो वक्त ग़ुज़ारा उसकी भरपाई है. रिया अपने ख़िलाफ़ प्रोपेगेंडा चलाने वालों पर कानूनी कार्रवाई करें लेकिन ये काफ़ी नहीं. हम सबको माफ़ी मांगनी चाहिए रिया से उसके परिवार से और इस पर ऊपर वाले का शुक्र मनाना चाहिए कि चक्रवर्ती परिवार इस मुश्किल वक्त में टूटा नहीं और किसी अनहोनी का शिकार नहीं हुआ.
(ये लेखक के निजी विचार है)
ब्लॉगर के बारे में
निदा रहमान

निदा रहमानपत्रकार, लेखक

एक दशक तक राष्ट्रीय टीवी चैनल में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी. सामाजिक ,राजनीतिक विषयों पर निरंतर संवाद. स्तंभकार और स्वतंत्र लेखक.

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First published: October 8, 2020, 8:29 PM IST
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