हम गुलाम जनता नहीं, शर्मनाक है MP में अधिकारियों-पुलिस और सरकार का रवैया!

हैरानी इस बात की है कि 25 सीटों के लिए एमपी में उपचुनाव है. गुना और भिंड में भी हैं, वहां तो शरणागत होना चाहिए सरकार को क्‍योंकि वहां तो वोट मांगना है. वहां यदि ईस्ट इंडिया कम्पनी (East India Company) के अधिकारियों की तरह प्रशासन बर्ताव करेगा, तो जनता कब तक गुलाम भारत के लोगों की तरह बर्दाश्त करेगी.

Source: News18 Madhya Pradesh Last updated on: July 16, 2020, 7:43 PM IST
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हम गुलाम जनता नहीं, शर्मनाक है MP में अधिकारियों-पुलिस और सरकार का रवैया!
गुना मामले में सरकार ने डीएम और एसपी का तबादला कर अपना हित साधा है ! (फाइल फोटो)
मध्‍य प्रदेश में कुछ दिनों से पुलिस और प्रशासन के लोग जिस तरह से बर्ताव कर रहे हैं, वो शर्मसार करने वाला है. दो ताज़े मामले के सन्दर्भ में यदि पूरे विषय को विस्तार दिया जाए, तो लगता है कि कितनी हेकड़ी, कितनी अकड़ और कैसे आम लोगों के प्रति कीड़े मकोड़े जैसा भाव रखकर चल रहे हैं अधिकारी. गुना (Guna) में अतिक्रमण हटाने गई पुलिस ने एक किसान के परिवार को इतनी बेरहमी से पीटा कि देखकर कमज़ोर दिल वाला इंसान कांप जाए. बाद में जब वीडिओ वायरल हुआ और मीडिया में प्रमुखता से इस खबर को लिया जाने लगा तो सरकार की चेतना अचानक जागृत हुई. आनन-फानन में गुना के कलेक्टर, एसपी सहित ग्वालियर रेंज के आईजी, जो अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक के दर्ज़ा पाए हैं, उन्हें भी हटा दिया गया.

कार्रवाई पर सवाल
हालांकि सरकार ने इस मसले में आड़ में झाड़ गाड़ लिए. ग्वालियर रेंज के आईजी राजा बाबू सिंह को हटाने की मंशा सरकार की बहुत पहले से ही थी. इन्हें कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह (Digvijay Singh) का क़रीबी समझा जाता है और ज़ाहिर है कि नई सरकार में इन्हें नापना ही था,सो नप गए. बहरहाल, सरकार ने कार्रवाई तो कर दी लेकिन सवाल अधिकारियों की मानसिकता का है,जो आम लोगों को बहुत दोयम समझती है.

CM हेल्प लाइन पर ऐसा निस्तारण!
एक और घटना का जिक्र भी यहां मौजू हो जाता है. भिंड की लहार विधानसभा के एक व्यक्ति ने मुख्यमंत्री हेल्प लाइन (Chief Minister Helpline) में शिकायत की कि उसके गांव में 8 माह पहले हैण्डपंप की ख़ुदाई तो कर दी गई लेकिन ज़रूरी सामान नहीं लगाया गया, यानी पानी अभी भी नहीं मिल पा रहा है. बेहद वाज़िब शिकायत की थी ये. मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में जिस विभाग की शिकायत की जाती है, वहां के अधिकारी को जवाब देना होता है. लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी यानी पीएचई (PHE) के अधिकारी ने जवाब क्या दिया उसे अक्षरशः आप ख़ुद पढ़िए और समझिये कि कैसे ख़ुदा हो जाने का भाव अधिकारियों के मन में है. उस शिकायत के निराकरण में लिखा गया है “शिकायतकर्ता का पूरा परिवार पागल है, इन्हें मिर्गी के दौरे आते हैं, हमेशा अंड-शंड बकता है. हैण्ड पम्प नहीं इसका दिमाग ख़राब है.अब समय आ गया है कि चीनी युद्ध किया जाए, जो गुरिल्ला नीति कहती है. उक्त हैंडपम्प उखाड़ कर शिकायतकर्ता के सीने में गाड़ दिया जाए” ये जवाब दे रहा है एक अधिकारी पी के गोयल. महत्वपूर्ण ये है कि सिद्धांततः मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की सारी शिकायतें सीधे मुख्यमंत्री के संज्ञान में होती हैं. भले ही व्यवहार में ऐसा न होता हो, फिर भी ये शुरू इसी लिए की गईं हैं ताकि मुख्यमंत्री के नाम से अधिकारियों के मन में शिकायत के जल्द निराकरण का खौफ़ हो. इसके बावजूद यदि ये अधिकारी इतना गुस्ताख़ है और अभी भी उसके खिलाफ़ कोई कार्रवाई नहीं की गई तो अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि अधिकारी एमपी में कितने बेख़ौफ़ हैं.

ये भी पढ़ें- गुना: किसान दंपति के जहर खाने के मामले में मजिस्ट्रियल जांच के आदेश, 30 दिन में देनी होगी रिपोर्ट

 

शिवराज जी को एक विशेष ट्रेनिंग सेशन चलाना चाहिए!
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह (Chief Minister Shivraj Singh) कितने ही खुद को विनम्र और सहज,सुलभ नेता के तौर पर प्रस्तुत करते रहेंगे,लेकिन उनका प्रशासनिक अमला ऐसे आसमान की तरफ देखकर चलता रहेगा, तो सूबे की जनता कहां जायेगी. शिवराज जी को एक विशेष ट्रेनिंग सेशन इन्हीं अधिकारियों के लिए चलाना चाहिए कि जनता के साथ पेश कैसे आएं. हैरानी इस बात की है कि 25 सीटों के लिए एमपी में उपचुनाव है. गुना और भिंड में भी हैं, वहां तो शरणागत होना चाहिए सरकार को क्यूंकि वहां तो वोट मांगना है. वहां यदि ईस्ट इंडिया कम्पनी के अधिकारियों की तरह प्रशासन बर्ताव करेगा, तो जनता कब तक गुलाम भारत के लोगों की तरह बर्दाश्त करेगी. चुनाव में यदि वो भी “पूर्ण स्वराज” की मांग प्रतीकों में करते हुए आपके खिलाफ़ उतर गई तो...? सरकार को हर हाल में अधिकारियों को सख्त निर्देश देने होंगे कि वो आम लोगों के साथ सभ्यता से पेश आए,तभी लगेगा कि एमपी में भी कोई जनहितैषी सरकार है.
डिस्क्लेमर- ये लेखक के निजी विचार हैं.
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First published: July 16, 2020, 7:23 PM IST
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