OPINION: A to Z की बात करने वाले तेजस्वी को लालू यादव के MY समीकरण पर भरोसा

महागठबंधन की बिहार में बनी नई सरकार में आरजेडी ने अपने परंपरागत वोटर माई समीकरण पर भरोसा जताया है. राजद कोटे से 16 विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली. जातीय आधार पर इसका विश्लेषण करें तो पता चलता है कि तेजस्वी यादव आरजेडी को A टू Z की पार्टी जरुर बनाना चाह रहे हैं. लेकिन, उनकी पार्टी का बेस वोट माई समीकरण का ही रहा है.

Source: News18Hindi Last updated on: August 19, 2022, 9:26 am IST
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OPINION: A to Z की बात करने वाले तेजस्वी को लालू यादव के MY समीकरण पर भरोसा

सत्ता परिवर्तन के बाद बिहार में बनी महागठबंधन की सरकार का मंत्रिमंडल विस्तार किया गया. मंत्रिमंडल विस्तार में लालू प्रसाद के माई समीकरण का दबदबा रहा. वहीं  A टू Z की पार्टी का दावा करने वाले तेजस्वी यादव पर सवाल खड़े हो गए. बीजेपी के राज्यसभा सांसद सुशील मोदी ने मंत्रिमंडल विस्तार के बाद कहा कि आरजेडी ने कान्यकुब्ज और मैथिल ब्राह्मण की अनदेखी की है और एमवाई (मुस्लिम-यादव) समीकरण का बोलबाला रहा. माई समीकरण के तहत राजद कोटे से 10 मंत्री बनाए गए हैं. जिसमें आरजेडी कोटे से सात यादव और तीन मुस्लिम हैं. सुशील मोदी ने इसपर तेजस्वी यादव का बिना नाम लिए तंज कसते हुए कहा कि क्या यही है A टू Z.


दरअसल, महागठबंधन की बिहार में बनी नई सरकार में आरजेडी ने A टू Z की जगह अपने परंपरागत वोटर माई समीकरण पर भरोसा जताया. राजद कोटे से मंगलवार को 16 विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली. जातीय आधार पर इसका विश्लेषण करें तो सबसे ज्यादा सात यादव समुदाय से मंत्री बने हैं और तीन मुस्लिम हैं. यादव समाज से तेजस्वी यादव, तेज प्रताप यादव, सुरेंद्र यादव, डॉ. रामानंद यादव, चंद्रशेखर यादव, ललित यादव और जितेंद्र राय मंत्री बने हैं. इसी प्रकार तीन मुस्लिम नेताओं इस्माइल मंसूरी, शमीम अहमद और शाहनवाज आलम को भी मंत्रिमंडल में जगह मिली है.अगर चर्चा नीतीश कैबिनेट की करें तो पांच लोग इस समाज से मंत्री बने हैं. जेडीयू कोटे से जमा खान और कांग्रेस के दो मंत्री में एक आफाक आलम भी मुस्लिम समाज से ही आते हैं. इन्हें भी नीतीश मंत्रिमंडल में जगह मिली है.


वहीं विधान सभा चुनाव में  A टू Z की बात करने वाले तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार की कैबिनेट में आरजेडी कोटे से सबसे कम उच्च जातियों को मंत्री बनाया है. आरजेडी कोटे से मात्र दो अगड़ी जाति से मंत्री बने हैं. एक सुधाकर सिंह, जो राजपूत समुदाय से आते हैं और दूसरा कार्तिक सिंह जो भूमिहार समुदाय से हैं. तेजस्वी ने तीन ब्राह्मण विधायकों के रहने के बाद भी उन्हें  मंत्री बनने का मौका नहीं दिया है. जदयू ने जरुर 31 सदस्यीय कैबिनेट में अपने कोटे से एक ब्राह्मण संजय झा को मंत्री बनाया है. इसको लेकर ब्राह्मणों में आक्रोश है. ब्राह्मण समाज के नेता एमएन उपाध्याय का कहना है आरजेडी शुरु से ब्राह्मण के साथ छल किया करती रही है. चुनाव के समय वो जरुर ब्राह्मणों को आगे करती है. लेकिन, काम निकल जाने के बाद वो उन्हें बाहर कर देती है. इधर, इसपर राजद प्रवक्ता चितरंजन गगन का कहना है कि मंत्रिमंडल का जो अगला विस्तार होगा उसमें  ब्राह्मणों को भी मौका दिया जाएगा. मंगलवार को जो मंत्रिमंडल का विस्तार हुआ है उसमें जातीय की अपेक्षा क्षेत्रीय समीकरण का खास ध्यान रखा गया है.


वरीय पत्रकार लव कुमार मिश्रा का कहना है कि तेजस्वी यादव आरजेडी को A टू Z की पार्टी जरुर बनाना चाह रहे हैं. लेकिन, उनकी पार्टी का बेस वोट माई समीकरण का ही रहा है. यही कारण है कि इस समाज से ज्यादा लोगों को मंत्री बनाया गया है.लालू प्रसाद ने इसी समीकरण के तहत करीब 15 साल तक लगातार राज किया है. इसी समीकरण के सहारे 2015 में आरजेडी फिर से सत्ता में वापसी आई थी. 2020 में भी तेजस्वी यादव को इसी समाज के लोगों का समर्थन मिला था. विपक्ष की ओर से लालू प्रसाद के खिलाफ कई बार कई यादव नेता को खड़ा करने का प्रयास किया गया लेकिन, यादव जाति के लोगों ने लालू प्रसाद के बाद तेजस्वी यादव को एग्रेसिव अंदाज में समर्थन किया. संभवतः इसी कारण से तेजस्वी  भी सत्ता में वापसी के बाद अपनी जाति के लोगों को तवज्जो दिया है.


लव कुमार मिश्रा कहते हैं कि आरजेडी A टू Z की बात जरुर करती है. लेकिन, उसे यह पता है कि उसका पंरपरागत वोट बैंक ‘माई’ ही है. 2020 में अल्पसंख्यक वोट के बिखराव के बाद आरजेडी ने एक बार फिर से उनकी भागीदारी बढ़ाकर उनको अपने पक्ष में करने का प्रयास किया है. 2020 के विधानसभा चुनाव में आरजेडी के गढ़ में एआईएमआईएम ने चार सीटें जीत ली थीं. इसमें से कुछ सीटों पर आरजेडी को नुकसान उठाना पड़ा था.



(डिस्क्लेमर: ये लेखक के निजी विचार हैं. लेख में दी गई किसी भी जानकारी की सत्यता/सटीकता के प्रति लेखक स्वयं जवाबदेह है. इसके लिए News18Hindi उत्तरदायी नहीं है.)

(डिस्क्लेमर: ये लेखक के निजी विचार हैं. लेख में दी गई किसी भी जानकारी की सत्यता/सटीकता के प्रति लेखक स्वयं जवाबदेह है. इसके लिए News18Hindi उत्तरदायी नहीं है.)
ब्लॉगर के बारे में
राजेश कुमार

राजेश कुमार

Hi I am a Engineering student from Bangalore I would like to raise my voice against few things happening in Indian Policital System.

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First published: August 19, 2022, 9:26 am IST