OPINION: बिहार में लगी 'सियासी आग' से JDU और BJP गठबंधन पर उठ रहे सवाल

जेडीयू की ओर से 11 अगस्त को सांसद और विधायकों को पटना बुलाया गया है. इसके साथ ही सभी विधायकों और विधान पार्षदों की मंगलवार को बैठक बुलाई गई है. आरजेडी की ओर से मंगलवार की सुबह 9 बजे राबड़ी आवास में बैठक बुलाई गई है. इससे राजद-जदयू की सरकार को लेकर कयासबाजियां शुरु हो गई है.

Source: News18Hindi Last updated on: August 8, 2022, 11:58 pm IST
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OPINION: बिहार में लगी 'सियासी आग' से JDU और BJP गठबंधन पर उठ रहे सवाल
बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने जेडीयू की बैठक बुलाई है. (AP)

आरसीपी सिंह के इस्तीफे के साथ बिहार में शुरू हुए सियासी संग्राम ने बिहार में राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया है. बीजेपी पर दूसरा चिराग तैयार करने का आरोप लगाते हुए जदयू ने पिछले कई दिनों से राजनीतिक गलियारे में चल रहे बड़े बदलाव के संकेत को बल दिया हैं. राजनीतिक जानकारों का कहना है कि मंगलवार को जदयू, आरजेडी और कांग्रेस विधायकों की होने वाली बैठक के बाद स्थिति साफ हो जाएगी.


जेडीयू की ओर से 11 अगस्त को सांसद और विधायकों को पटना बुलाया गया है. इसके साथ ही सभी विधायकों और विधान पार्षदों की मंगलवार को बैठक बुलाई गई है. आरजेडी की ओर से मंगलवार की सुबह 9 बजे राबड़ी आवास में बैठक बुलाई गई है. इसमें पार्टी के सभी विधायकों मौजूद रहने को कहा गया है. वहीं, बिहार कांग्रेस ने सभी विधायकों को आज शाम तक पटना पहुंचने के लिए कहा गया है. इसके बाद पटना के राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा तेज है कि भाजपा और जदयू का गठबंधन कब तक? इसके साथ ही राजद-जदयू की सरकार को लेकर कयासबाजियां शुरु हो गई है.



दरअसल, बिहार में जो चर्चा और कयास लगाए जा रहे हैं उसको लेकर राजनीतिक पंडितों का अपना तर्क है. वरीय पत्रकार लव कुमार मिश्रा का कहना है कि बिहार में पिछले दो दिनों का जो घटनाक्रम है उससे साफ है कि बिहार में एक नए राजनीतिक समीकरण की तैयारी शुरु हो गई है. जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह की ओर से रविवार को एक के बाद एक जो दो बयान दिए वह बिहार की राजनीति में एक नई पारी की शुरुआत की ओर इंगित कर रहा है. उनके इस बयान के बाद ही बिहार में राजनीतिक तापमान बढ़ा है.



जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह रविवार को आरसीपी सिंह के आरोप पर पलटवार के लिए प्रेस वर्ता बुलाया था. लेकिन, उनके निशाने पर बीजेपी ही रही. बिना नाम लिए उन्होंने बीजेपी को चेताया कि वो बिहार में दूसरा चिराग पासवान बनाने की तैयारी नहीं करें. इसके गंभीर परिणाम सामने आयेंगे. इसके साथ ही उन्होंने महंगाई के खिलाफ राजद के प्रदर्शन का यह कहते हुए समर्थन किया कि देश में महंगाई तो बढ़ी है, इसका मुद्दा राजद ने उठाया है, हम इसका विरोध क्यों करें?



इसी प्रकार हर बात में जदयू को टारगेट बनाने वाली आरजेडी ने भी रविवार को महंगाई के मुद्दे पर जदयू को इससे दूर रखा और केंद्र की बीजेपी सरकार पर जमकर हमला किया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मुख्यमंत्रियों की होने वाली बैठक में सीएम नीतीश कुमार का नहीं जाना भी राजनीतिक गलियारे में चर्चा का विषय बना हुआ है. सीएम के पीएम के साथ होने वाली बैठक में नहीं जाने को लेकर कहा गया है कि नीतीश कोरोना से उबरे हैं इसलिए दिल्ली नहीं गए हैं. लेकिन, पटना में उनकी सक्रियता पर कयास लगाये जा रहे हैं.



सावन में लगी ‘सियासी आग’


दरअसल, नीतीश कुमार वर्ष 2015 का बिहार विधानसभा चुनाव महागठबंधन के साथ मिलकर भाजपा के खिलाफ लड़े थे. यह चुनाव नीतीश के चेहरे पर लड़ा गया था. आरजेडी, कांग्रेस सहित वाम दल ने भी उन्हें सहयोग किया था. इस चुनाव में भी नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू को आरजेडी से कम सीट आई थी, बावजूद इसके लालू प्रसाद ने नीतीश कुमार मुख्यमंत्री बनाया था. वहीं, लालू प्रसाद यादव के दोनों बेटे तेजप्रताप यादव और तेजस्वी यादव मंत्री बने थे. तेजप्रताप को स्वास्थ्य मंत्रालय मिला था तो तेजस्वी सरकार में दूसरे नंबर पर थे. प्रदेश में सरकार चल ही रही थी. इसी दौरान केंद्र की बीजेपी की सरकार ने लालू यादव के खिलाफ IRCTC घोटाले की फाइल खोल दी. IRCTC घोटाले में लालू प्रसाद के साथ साथ उनके बेटे तेजस्वी का नाम सामने आते ही सुशील मोदी ने लालू परिवार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था. नीतीश कुमार अपनी जीरो टॉलरेंस की छवि बचाने के लिए 25 जुलाई 2017 को महागठबंधन सरकार से अलग होने का फैसला किया था. एक बार फिर पिछले कुछ दिनों से बिहार में तेजी से बदलते राजनीतिक घटना क्रम के बाद इस बात की चर्चा तेज हो गई है कि ‘सियासी आग’ बिहार में क्या पूर्व की तरह सरकार बदल देगी.



(डिस्क्लेमर: ये लेखक के निजी विचार हैं. लेख में दी गई किसी भी जानकारी की सत्यता/सटीकता के प्रति लेखक स्वयं जवाबदेह है. इसके लिए News18Hindi उत्तरदायी नहीं है.) 

(डिस्क्लेमर: ये लेखक के निजी विचार हैं. लेख में दी गई किसी भी जानकारी की सत्यता/सटीकता के प्रति लेखक स्वयं जवाबदेह है. इसके लिए News18Hindi उत्तरदायी नहीं है.)
ब्लॉगर के बारे में
राजेश कुमार

राजेश कुमारवरिष्ठ पत्रकार

लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं.

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First published: August 8, 2022, 11:58 pm IST