जीतन राम मांझी की सब सुन रहे... बस ट्विटर नहीं सुन रहा 'हम' सुप्रीमो का दर्द!

पूर्व मुख्यमंत्री और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (सेकुलर) के अध्यक्ष का आधिकारिक अकाउंट लिखने के बाद भी ट्विटर जीतन राम मांझी (Jitan Ram Manjhi) की नहीं सुन रहा. 37 हजार से ज्यादा फॉलोअर होने के बाद भी ट्विटर उन्हें सीरियसली नहीं ले रहा. जब बात नहीं बनी तो उन्होंने अपना दर्द सार्वजनिक कर दिया.

Source: News18Hindi Last updated on: June 13, 2021, 6:34 PM IST
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जीतन राम मांझी की सब सुन रहे... बस ट्विटर नहीं सुन रहा 'हम' सुप्रीमो का दर्द!
जीतन राम मांझी को इस बात का दुख है कि बार-बार आग्रह करने के बाद भी उनके ट्विटर अकाउंट को ब्लू टिक देकर वेरीफाइड नहीं किया गया (फाइल फोटो)
पटना. पूर्व मुख्यमंत्री और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (सेकुलर) यानी हम के अध्यक्ष जीतन राम मांझी (Jitan Ram Manjhi) बहुत दुखी हैं. उन्हें एक बात अंदर से खाये जा रही है. जीवन में सबकुछ मिला. खुद बिहार के मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंचे और बेटे के साथ-साथ समधन तक का मामला सेट कर दिया. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) भी उनकी हर मांग झट से मान लेते हैं. एनडीए (NDA) में आते ही मांझी को जेड प्लस सुरक्षा मिल गई. हाल ही में बिहार सरकार (Bihar Government) ने बीपीएससी रैंक के एक अधिकारी को उनका आप्त सचिव भी बना दिया. लेकिन मांझी इतने से खुश रहने वाले कहां हैं. मांझी को सबकुछ मिल जाता है लेकिन वो नहीं मिला जिसकी उन्हें सबसे ज्यादा चाह है. उनकी एक पीड़ा है जो उन्हें सालती रहती है, और इसका इजहार वो गाहे-बगाहे करते भी रहते हैं. उन्हें ये दर्द न तो नीतीश कुमार ने और न लालू यादव ने नहीं दिया है बल्कि उन्हें तो ये दर्द ट्विटर (Twitter) ने दिया है. ट्विटर पर लगातार सक्रिय जीतन राम मांझी को आस है ब्लू टिक की.

बिहार के कई कद्दावर नेताओं को ट्विटर ने ब्लू टिक से नवाजा लेकिन इसमें मांझी पीछे रह गए. है ना यह दर्द वाली बात. एड़ी चोटी का जोर लगाया लेकिन ट्विटर है कि मांझी की मांग हर बार ठुकरा दे रहा है. जीतन राम मांझी ने ट्विटर प्रोफाइल पर वो सब कुछ लिखा है जिससे उन्हें ब्लू टिक मिल जाए. पूर्व सीएम और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा सेकुलर के अध्यक्ष का आधिकारिक अकाउंट लिखने के बाद भी ट्विटर उनकी नहीं सुन रहा. 37 हजार से ज्यादा फॉलोअर होने के बाद भी ट्विटर उन्हें सीरियसली नहीं ले रहा. जब बात नहीं बनी तो उन्होंने अपना दर्द सार्वजनिक कर दिया. जीतन राम मांझी ने ट्विटर को ही ट्वीट कर कह दिया कि मुझे ब्लू टिक दो.



बात नहीं बनी तो जीतन राम मांझी विक्टिम कार्ड भी खेल गए
मगर ट्विटर भी कहां सुनने वाला है. उसने ठान लिया है कि चाहे ऐरे गैरे नत्थू खैरे को ब्लू टिक दे देंगे, लेकिन जीतन राम मांझी को नहीं देंगे. जब बात नहीं बनी तो मांझी विक्टिम कार्ड भी खेल गए. ट्विटर ने जब मांझी की गुहार नहीं सुनी तो उनके समर्थक मैदान पर कूद पड़े और ट्विटर को लगे गाली देने. उनके समर्थकों ने ट्विटर को जातिवादी करार दे दिया. एक समर्थन ने यहां तक लिख दिया कि जीतन राम मांझी अत्यंत पिछड़ी मुसहर जाति से आते हैं, इसलिए ट्विटर उनका अकाउंट वेरीफाइड नहीं कर रहा.

अपनी हर बात ट्विटर के जरिये लोगों तक पहुंचाने के साथ ही मांझी सियासी बात भी ट्विटर पर ही करते हैं. उनका अकाउंट देखकर कोई भी अंदाजा लगा सकता है कि मांझी की नाव किधर डोल रही है, और किस किनारे लग सकती है. एक तरह से जीतन राम मांझी ने ट्विटर को ही अपना सियासी हथियार बना लिया है. उनके ट्वीट देखकर सियासी बाजार में अफवाहों का बाजार गर्म हो जाता है. मांझी खुद भी यही चाहते हैं. मार्केट वैल्यू बनाये रखने के लिए जीतन राम मांझी ट्विटर का जमकर इस्तेमाल कर रहे हैं लेकिन हाय रे ट्विटर जो उनकी एक छोटी सी मुराद पूरी नहीं कर रहा.

हर राजनीतिक दल में जीतन राम मांझी की अभी पूछ

मांझी अभी बिहार की राजनीतिक के सबसे चर्चित चेहरों में से हैं जिनकी हर दल में पूछ है. आजकल जहां वो सीएम नीतीश कुमार की आंखों का तारा हैं वहीं, उनके धुर-विरोधी लालू यादव भी उनकी ओर आस भरी निगाह से देख रहे हैं. मांझी ने पिछले दिनों ट्विटर पर लालू यादव को जन्मदिन की बधाई क्या दी कि, धन्यवाद देने खुद लालू के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव मांझी के घर आ धमके. फिर बंद कमरे में दोनों के बीच लंबी गुफ्तगू हुई, इस दौरान मांझी ने फोन पर लालू यादव से 10 मिनट बात भी की. यह अलग बात है कि इस बातचीत ने बिहार की सियासत में अफवाहों का बाजार गर्म कर दिया है. लोग कयास लगाने लगे हैं कि क्या बिहार में सरकार बदलने वाली है और जीतन मांझी पाला बदलने वाले हैं?

जरा सोचिये जिस आदमी के एक ट्वीट से बिहार की सरकार बनने और बिगड़ने के कयास लगने लगते हैं, उस आदमी का ट्विटर हैंडल अगर वेरीफाइड ना हो तो कैसे काम चलेगा. आखिर है ना मांझी जी का दर्द जस्टिफाइड. मांझी का दर्द यह भी है कि उनके नाम से कई फर्जी अकाउंट चल रहे हैं और ब्लू टिक ना होने की वजह से उन्हें परेशानी हो रही है. जीतन राम मांझी ने ट्विटर इंडिया को ऐसे सभी अकाउंट बंद करने की भी अपील की है जो उनकी फोटो लगाकर उनके नाम से चल रहे हैं.​
(डिस्क्लेमर: ये लेखक के निजी विचार हैं. लेख में दी गई किसी भी जानकारी की सत्यता/सटीकता के प्रति लेखक स्वयं जवाबदेह है. इसके लिए News18Hindi किसी भी तरह से उत्तरदायी नहीं है)
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First published: June 13, 2021, 6:21 PM IST
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