राजीव त्यागी को 'आम भोज' और दोस्तों को उपहार में तुलसी का पौधा देने के लिए भी याद किया जाएगा

दो साल पहले गाजियाबाद (Ghaziabad) में राजीव त्यागी (Rajiv Tyagi) ने आम के सीजन (Mango Season) में 'आम भोज' का आयोजन किया था. इस 'आम भोज' में देश के कई जाने-माने पत्रकार (Journalist) और नेताओं (Politicians) को विशेषतौर पर बुलाया गया था.

Source: News18Hindi Last updated on: August 12, 2020, 11:33 PM IST
शेयर करें: Facebook Twitter Linked IN
राजीव त्यागी को 'आम भोज' और दोस्तों को उपहार में तुलसी का पौधा देने के लिए भी याद किया जाएगा
राजीव त्यागी बहुत कम ही समय में कांग्रेस के तेज-तर्रार प्रवक्ता बन गए थे. (फाइल फोटो)
कांग्रेस के तेज-तर्रार प्रवक्ता राजीव त्यागी (Congress spokesperson Rajiv Tyagi) का निधन हो गया है. राजीव त्यागी की मौत हार्ट अटैक (Heart Attack) से हुई है. बता दें कि राजीव त्यागी बहुत कम ही समय में कांग्रेस के तेज-तर्रार प्रवक्ता बन गए थे. त्यागी अक्सर सोशल मीडिया (Social Media) पर भी अपनी बातों को बहुत मजबूती और तर्क के साथ रखने के लिए भी जाने जाएंगे. त्यागी के अचानक निधन से राजनीतिक जगत में तो शोक की लहर है ही मीडिया जगत के लिए भी बहुत बड़ा नुकसान हुआ है. राजीव त्यागी ने बहुत ही कम समय में मीडिया में कई अच्छे दोस्त भी बना लिए थे. हाल के दिनों में कांग्रेस के गिने-चुने प्रवक्ताओं में राजीव त्यागी का नाम सबसे आगे था. आइए राजीव त्यागी के कुछ व्यक्तिगत जीवन से जुड़े यादें आप तक साझा करूं.

दो साल पहले गाजियाबाद में 'आम भोज' का किया था आयोजन
दो साल पहले गाजियाबाद में राजीव त्यागी आम के सीजन में 'आम भोज' का आयोजन किया था. इस 'आम भोज' में देश के कई जाने-माने पत्रकार और नेताओं को विशेषतौर पर बुलाया गया था. हमें भी त्यागी जी का सबसे पहले मैसेज आया और फिर बाद में उन्होंने खुद फोन कर इस भोज में आने के लिए आमंत्रित किया था. त्यागी जी से हमारी दोस्ती नई-नई हुई थी. त्यागी जी हमारे पड़ोसी भी थे. इसलिए उन्होंने कहा, 'आपको सबसे पहले आना है और सबसे अंत में जाना है. आपके कई पुराने साथी भी आ रहे हैं.'

मैं आपको बता दूं कि वह दिन शायद रविवार का था. इस भोज में मुझे जाने का मन नहीं था, लेकिन लगभग 3-4 बजे के बीच मेरे पास राजीव त्यागी जी के नंबर से किसी और ने फोन कर कहा कि त्यागी जी आपको याद कर रहे हैं. मैंने पूछा कि कार्यक्रम अभी भी चल ही रहा है. उधर से जवाब आया कि हां अभी भी लोग आ रहे हैं. मैंने अपने बेटे को घुमाने का वायदा किया था. इसलिए मैं अपने बेटे के साथ भोज के लिए निकल गया.
तुलसी का पौधा उपहार में देते
मैंने वहां पहुंचने पर देखा कि देश के तकरीबन सभी बड़े पत्रकार, टीवी एंकर, कांग्रेस या दूसरे बीट कवर करने वाले कई सारे पत्रकार आम के स्वाद का आनंद ले रहे थे. मैं भी एक कोने में अपने बेटे के साथ बैठ गया. मेरा बेटा छोटा था इसलिए वह आम खाने में ना-नुकूर कर रहा था. आम परोसने वाले घूम-घूम कर आम की क्वालिटी बता-बता कर लोगों को आम परोस रहे थे. त्यागी जी भी दूसरे मेहमानों को आम परोसने के काम में लगे हुए थे.

दोस्तों से दोस्ती निभानी आती थीमैं अपने परिचित पत्रकार साथियों के साथ आम भोज का आनंद लेने लगा. मैं जब उठने ही वाला था कि राजीव त्यागी जी पीछे से एक हाथ में आम से भरी हुई थाली और दूसरे हाथ में चाकू लिए मेरे पास पहुंच गए. मुझसे बोले देखिए ये मेरे पड़ोसी हैं और सबसे लेट आए हैं और वह भी जब इनको फोन किया तो आए हैं. ऐसे कैसे काम चलेगा. तुरंत ही उनका हाथ मेरे थाली की तरफ बढ़ता है. मैं उनको मना करता हूं कि मैंने पूरा भोजन कर लिया है. अब और आम नहीं खा पाऊंगा. तुरंत वह जवाब देते हैं कि ये आम आपको बैरा नहीं दिया होगा. यह दौसा आम है मेरे बागीचे का है. इसका आनंद लें. न-न करने के बाद भी वह एक आम काट कर मेरे थाली में डाल देते हैं.

जिंदादिल इंसान थे राजीव त्यागी
इसी बीच मेरे बेटे पर उनकी नजर पड़ती है. वह तपाक से बोलते हैं कि यह जरूर रवि बाबू का सुपूत्र है. बेटे से बोलते हैं कि बेटा तुम कुछ खा नहीं रहे हो. बेटे की तरफ से मैं बोलता हूं इसको आम पसंद नहीं है. यह सिर्फ घूमने आया है. त्यागी जी बोलते हैं यह कैसे होगा आप आम का आनंद लेंगे और यह कुछ नहीं खाएगा. वह उसको भी आम खाने के लिए कहते हैं और खुद आम का एक कच्चा उसको खिलाते हैं. पूछते हैं बेटा आपके लिए मिठाई भी भिजवाता हूं. राजीव त्यागी जी हर पत्रकार के पास खुद ही जा-जा कर आम परोसते और उसका कुशलक्षेम पूछते. राजीव त्यागी भोज में शामिल होने आए हर शख्स को जाते समय विदाई भी दे रहे थे. आपको हैरान होगा कि विदाई में वह तुलसी का पौधा देते और पौधे के गुण के बारे में भी बताते.

बता दें कि इसी तरह साल 2018 में इंडिया गेट पर राहुल गांधी ने महिलाओं के साथ हो रहे रेप और हत्या को लेकर मिडनाइट कैंडिल मार्च का आयोजन किया था. इंडिया गेट पर कांग्रेस का प्रोटेस्ट चल रहा था. उस समय के कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने लोगों से इंडिया गेट पर आने को कहा था. बहुत सारे लोग इंडिया गेट पहुंचे थे. मैं भी कवर करने इंडिया गेट पर पहुंचा. इसी कैंडिल मार्च में प्रियंका गांधी के साथ कुछ बदतमीजी की गई थी. प्रियंका भीड़ में गिर गई थीं. राजीव त्यागी वहां सभी चैनल्स में कांग्रेस का पक्ष रख रहे थे.

मदद करने में उनका कोई जवाब नहीं
रात के तकरीबन दो बजे तक लोग अपने-अपने घरों की तरफ जाने लगे. हमारे साथ समस्या थी कि घर कैसे पहुंचा जाए. कोई साधन नहीं था और कैब भी बुक नहीं हो पा रही थी. अगर बुक भी करते तो गाजियाबाद जाने से ड्राइवर मना कर देता. ऐसे में मैं कुछ मीडिया के मित्रों को खोजने लगा जो गाजियाबाद की तरफ जा रहे हों लेकिन, मुझे उसमें कुछ कामयाबी नहीं मिली और मैं निराश हो गया कि घर कैसे पहुंचा जाए. मैंने राजीव त्यागी जी को मीडिया से बात करते हुए देखा था. मैंने राजीव त्यागी को फोन किया और कहा कि मैं भी आपके साथ निकलूंगा. राजीव त्यागी कहते हैं मैं तो निकल गया और अब अक्षरधाम क्रास कर रहा हूं. हमने कहा है आप फिर निकल जाएं. मैंने अपनी मजबूरी बताई कि कोई भी कैब वाला गाजियाबाद की तरफ जाने से मना कर रहा है. उन्होंने तुरंत ही बोला कि मैं पहुंच रहा हूं. लगभग 10 मिनट में वह मुझको लेने इंडिया गेट पहुंच गए. रास्ते में काफी सारी बातें हुईं. जब मैं वैशाली पहुंचा तो मैंने उनसे बोला कि मेरी सोसायटी के गेट तक आप छोड़ कर चले जाएं, क्योंकि रात बहुत हो गई है. उन्होंने तुरंत बोला, रात को मैं आपको सोसाइटी के गेट पर कैसे छोड़ सकता. इसी बहाने आपका घर तो देख लूं. उनका इरादा मेरा घर देखने का नहीं था, बल्कि मेरे घर तक छोड़ने का था.

छोटे-बड़े सभी पत्रकारों से अच्छे संबंध
बता दूं कि आज जब राजीव त्यागी जी की मौत की खबर मैंने अपने बेटे का साथ शेयर की तो वह कहता है, 'वही अंकल जो हाथ में पन्नी लगा कर आपको आम खिला रहे थे. मैं आम नही खा रहा था हमको भी खिला दिए.' राजीव त्यागी एक जिंदादिल इंसान थे. राजीव त्यागी की मौत पर उनके सहयोगियों के साथ कई सारे पत्रकारों का भी सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया आ रहा है. जन्माष्टमी के दिन राजीव त्यागी ने आखिरी सांस ली. अंत में कहना चाहता हूं कि वह मेरे बेहद प्यारे पड़ोसी तो थे ही शालीन इंसान भी थे. अक्सर बात करने पर बोलते कि घर पर चाय पीने कब आएंगे. ऐसे मिलनसार और मनोहर राजनीतिज्ञ को हार्ट अटैक से मौत ने दिल को झकझोर दिया है. राजीव त्यागी जी के रूप में मैंने अपने बड़े भाई और बेहद अजीज मित्र को खो दिया है.
facebook Twitter whatsapp
First published: August 12, 2020, 11:15 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर