हेमंत सोरेन मंत्रिमंडल का 12वां मंत्री कौन....

हेमंत सोरेन मंत्रिमंडल के 12वें मंत्री के लिए रांची से लेकर दिल्‍ली तक बैठकों का दौर जारी है. कांग्रेस कोटे में आने वाले इस मंत्री पद के लिए अब सभी की निगाहें केंद्रीय आला कमान पर टिकी हुईं हैं.

Source: News18Hindi Last updated on: June 16, 2021, 6:10 PM IST
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हेमंत सोरेन मंत्रिमंडल का 12वां मंत्री कौन....
झारखंड के नए मंत्री का फैसला अब कांग्रेस के केंद्रीय आलाकमान के हाथों में दिख रहा है.

झारखंड मंत्रिमंडल का विस्तार की अटकलें काफी गर्म है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन मंगलवार से ही दिल्ली में हैं तो सहयोगी कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष रामेश्वर उरांव भी एक दिन पहले से ही दिल्ली में डेरा जमाए हुए हैं. कयास लगाए जा रहे हैं कि हेमंत मंत्रिमंडल में खाली एक मंत्रीपद को इस बार भरा जायगा. बताया जाता है कि ये खाली मंत्री पद कांग्रेस कोटे का है. इसे लेकर मंथन का दौर दिल्ली मे जारी है, कई दौर की बैठक हो चुकी है लेकिन किसी नाम पर सहमति होती दिख नही रही है. ऐसे में सभी विधायकों की निगाहें कांग्रेस आलाकमान की तरफ है.


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झारखंड के हेमंत मंत्रिमंडल में झारखंड मुक्ति मोर्चा के पास मुख्यमंत्री के अलावा पांच मंत्री पद हैं. वहीं, कांग्रेस के पास चार मंत्री पद और दूसरी सहयोगी पार्टी राजद के पास एक है. ऐसे में एक खाली पद पर कांग्रेस की दावेदारी शुरु से रही है. हर विधायक अपनी तरफ से दावेदारी रांची से लेकर दिल्ली तक कर रहे हैं. कोई जातीय समीकरण की बात कर रहा है, तो कई चुनाव पूर्व किए वायदों को याद दिला रहे हैं.


विधायकों की खीज वक्त -वक्त पर देखने को मिलती रहती है. विधायक कभी प्रदेश अध्यक्ष, तो कभी मंत्रियों के खिलाफ झांडा बुलंद करते नजर आते हैं. इतना ही नहीं, मंत्रीपद पर दावेदारी जमाने वाले ये विधायक केंद्रीय नेतृत्व को भी खरी खोटी सुनाने से गुरेज नहीं करते हैं.

मंत्री पद नही तो मलाईदार बोर्ड ही सही...
मंत्री पद से महरुम रह गये कांग्रेस और झारखंड मक्ति मोर्चा के विधायकों  को भी पता है कि हेमंत मंत्रिमंडल में सिर्फ एक ही जगह खाली है. ऐसे में, अगर उन्हें कुछ मिल सकता है तो वो है बोर्ड. जिसकी संभावना सबसे ज्यादा है. सूत्र बताते हैं कि ज्यादातर विधायकों ने मलाईदार बोर्ड के लिए अपने-अपने दल में दबाब बनाना शुरु कर दिया है. दोनों पार्टियों में विधायकों को खुश करने के साथ-साथ संगठन के भी कुछ नेताओं को बोर्ड में जगह देने की बात की जा रही है.


कांग्रेस की रणनीति...विधायकों में नाराजगी सबसे ज्यादा कांग्रेस में है. ऐसे में, कांग्रेस पार्टी चाहती है कि मंत्रियों के कामकाज की समीक्षा की जाए. जिसका परफॉर्मेंस कमजोर रहा, उसकी जगह दूसरे को मौका दिया जाए. जिससे ज्यादा से ज्यादा विधायकों को बारी-बारी से मंत्री पद से खुश रखा जा सके.


वहीं दूसरी तरफ, इस पर भी विचार किया जा रहा है कि पार्टी में एक व्यक्ति-एक पद के माध्यम से या तो अध्यक्ष की जगह खाली होगा, या फिर मंत्री पद. ऐसे में किसी एक की नाराजगी दूर हो सकती है. कांग्रेस पार्टी के लिए एक-एक जगह पार्टी को सही सलामत रखने के लिए काफी मायने रख रही है.


मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रमेश्वर उरांव के दिल्ली दौरे से झारखंड में विधायकों की उम्मीदें बढ़ गयी हैं. लेकिन, कांग्रेस के विश्वस्त सूत्र बताते हैं कि इस दौरे से कोई सहमति बनती नही दिख रही है. ऐसें में एक बार फिर सभी इच्छुक विधायकों को मायूस होना पड सकता है.


(डिस्क्लेमर: ये लेखक के निजी विचार हैं. लेख में दी गई किसी भी जानकारी की सत्यता/सटीकता के प्रति लेखक स्वयं जवाबदेह है. इसके लिए News18Hindi किसी भी तरह से उत्तरदायी नहीं है)
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First published: June 16, 2021, 6:10 PM IST
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