मिर्जा़पुर सीज़न टू – 23 अक्‍टूबर से, कौन बैठेगा ‘मिर्जा़पुर’ की गद्दी पर?

अमेज़न प्राइम (Amazon Prime) की हिट सीरीज मिर्जा़पुर का दूसरा सीजन (Mirzapur Season) 23 अक्‍टूबर को रिलीज होने वाला है. इसके पहले जान लें कि इस सीरीज में क्या कुछ खास होने वाला है.

Source: News18Hindi Last updated on: October 22, 2020, 7:11 PM IST
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मिर्जा़पुर सीज़न टू – 23 अक्‍टूबर से, कौन बैठेगा ‘मिर्जा़पुर’ की गद्दी पर?
'मिर्जापुर 2' 23 अक्टूबर को अमेजन प्राइम वीडियो पर स्ट्रीम होगी. (फोटो साभारः ट्विटर- @YehHaiMirzapur)
'हमारा सब कुछ छीन लिया और हमें छोड़ दिया, गलत किया'
(गुड्डू पंडित)

‘ जो आया है वो जाएगा भी बस मर्जी हमारी होगी ‘
‘गद्दी पर हम रहें या मुन्‍ना, नियम सेम होगा’
(कालीन भैया)

‘और हम एक नया नियम एड कर रहे हैं, मिर्जा़पुर की गद्दी पर बैठने वाला कभी भी नियम बदल सकता है’ (मुन्‍ना भैया)

‘अब हमको बदला भी लेना है और मिर्जा़पुर भी’ (गुड्डू पंडित)ये धांसू डॉयलाग्‍स हमने ‘मिर्जा़पुर 2’ के ट्रेलर से लिए हैं. जो ओटीटी प्‍लेटफार्म अमेज़न प्राइम की खूब देखी जाने वाली, पापुलर और चर्चित सीरीज़ है. इसका दूसरा पार्ट 23 अक्‍टूबर को रिलीज़ हो रहा है.

सीज़न टू की बात करें इसके पहले हम सीज़न वन के टीज़र का जि़क्र. बता दें टीज़र, ट्रेलर के मुकाबले बहुत छोटा होता है 13 सेकंड़स से एक-डेढ़ मिनिट का. यह ज्‍यादा जानकारी नहीं देता. टीज़र में महज़ एक संवाद है, पूरी कहानी कहने में सक्षम संवाद.

टीज़र बहुत प्रभावी है, स्‍क्रीन पर एक कालीन नज़र आता है उसमें से एक गन झांक रही है. संवाद के बीच में कालीन से बाहर एक लाश के दो पंजे झांकते हैं और घंटों की कहानी सैकंड्स में बयां करते हैं, संवाद यूं है –

‘यहां हम गन बनाते हैं और उसे कंट्रोल भी करते हैं. इस व्‍यापार में तुम हमारे साथ हो या हमारे खिलाफ़, हम हैं कालीन भैया और ये है मिर्जा़पुर’
कहते हैं पुरानी और नई पीढ़ी के सोच में बहुत अंतर है. सच है, लेकिन कभी कभी लगता है बिलकुल भी अंतर नहीं है. अब फिल्‍मी दुनिया ही देख लीजिए, यहां हम जब फिल्‍मी दुनिया की बात कर रहे हैं तो उसमें ओटीटी प्‍लेटफार्म को भी शामिल कर लिया है. ‘धांसू डायलाग्‍स‘ बरसों से सिनेमा हाल को तालियों से गुंजाते रहे हैं और पैसों की बारिस भी करवाते रहे हैं. बाक्‍स ऑफिस पर भी और सिनेमा हाल के पर्दे पर सचमुच में भी.

धांसू डायलाग्‍स पर फिदा होने का यह ज़ुनून दर्शकों पर अब भी जारी है, तालियां अब भी पीटी जा रही हैं और पैसों की बारिश अब भी हो रही है. किसी भी शो की बात हो, दर्शक उसे ज़ुनून की हद तक तभी प्‍यार करते हैं जब वो क्रिएशन की हर फील्ड में नंबर वन हो. फिर चाहे वो स्‍टोरी हो, स्‍क्रीनप्‍ले, संवाद या अभिनय हो या फिर निर्देशन. गीत, संगीत यहां तक कि सिनेमेटोग्राफी और एडिटिंग सब कमाल की होना ज़रूरी है. सब कुछ अपटू द मार्क होने पर भी दर्शक से सीधा संवाद डॅायलाग्‍स ही करते हैं. इसलिए अगर ये चुम्‍बकीय और प्रभावी हैं तो क्रिएशन सीधे दिल में उतर जाता है. पुरानी, नई अनेक सफल फिल्‍मों की तरह ‘मिर्जा़पुर सीज़न वन’ की सफलता की गाडी़ भी धांसू संवादों के इन्‍हीं कंधों पर सवार होकर सीज़न टू तक पहुंची है. इसमें केरेक्‍टराईजे़शन भी कमाल का है.

अब ‘मिर्जा़पुर 2’ का ट्रेलर भी यही बता रहा है कि गुड्डु पंडित, मुन्‍ना भैया, कालीन भैया और शरद शुक्‍ला की मुठभेड़ भी मारधाड़, खून-खराबा और गोलियों से कम और धांसू डॉयलाग्‍स से ज्‍यादा लुभाने वाली है. लुभाने वाली ? जी हां, ओटीटी प्‍लेटफार्म रूपी नए सिनेमा में खून-खराबे और मारधाड़ तथा गालियों की भरमार है, जो खूब पसंद की जा रही है, यानि ‘लुभा’ रही है. फिल्‍मी भाषा में कहें तो बाक्‍स ऑफिस पर पैसों की बरसात कर रही है. तो ऐसा करते हैं नैतिकता को फिलहाल ताक पर रखते हैं और सीधे मुद्दे पर आते हैं, ‘मिर्जा़पुर’ की बात करते हैं ‘मिर्जा़पुर सीज़न टू’ की बात.

वेब सीरीज 'मिर्जापुर-2' का पोस्टर.


‘मिर्जा़पुर सीज़न वन’ की शुरूआत मुन्‍ना भैया के संवाद से होती है- ‘कालीन भैया.....किंग ऑफ मिर्जा़पुर... तो ‘भो...’ के हम हुए... प्रिंस ...प्रिंस ..’

ऐसे ही एक संवाद में कालीन भैया ऐलान करते नज़र आते हैं कि ‘अब से मिर्जा़पुर पर हमारा राज चलेगा‘.
सीज़न वन का समापन शरद शुक्‍ला के एक संवाद से होता है जिसमें वो पिस्‍टल सामने रखते हैं और बहुत ही प्रभावी अंदाज़ में अपने आप से कहते हैं
‘हमको मिर्जा़पुर चहिए शरद,.... किसी भी कीमत पे’.

जिस तरह टीज़र सीज़न वन की कहानी कहता है, वैसे ही शरद का संवाद अगली कहानी बयां कर देता है.

डॉयलागबाजी तो बहुत हो गई. अब कुछ और बातें भी हो जाएं. बात मिर्जा़पुर की गद्दी की करते हैं जो हर समस्‍या की जड़ भी है और हर किरदार का अंतिम लक्ष्‍य भी.

कालीन भैया जो हाल फिलहाल ‘मिर्जा़पुर’ पर गद्दीनशीं हैं लेकिन ट्रेलर में उनका संवाद बता देता है कि उन्‍होंने अपने बेटे मुन्‍ना भैया को गद्दी सौंपने का निर्णय कर लिया है. जवाब में मुन्‍ना का संवाद यह बताता है कि वो निरंकुश तरीके से राज करने वाला है.

गुड़डू पंडित तो दावेदार है ही. उसकी स्‍वर्गीय बीवी स्‍वीटी गुप्‍ता की बहन गोलू गुप्‍ता भी दावेदार है. स्‍वीटी और गोलू पंडित के भाई बबलू को मुन्‍ना ने मार दिया था. स्‍वीटी का एक संवाद है जिसमें वो कहती नज़र आती है.

‘आप ही का मन था ना कि आपकी बेटी मिर्जा़पुर पर राज करे, बड़ी ना सही छोटी ही सही’

शरद शुक्‍ला तो हैं ही, जिनके पिता को गुड्डु पंडित ने सरे आम गोली मार दी थी. जिसके बाद शरद ने प्रण किया था मिर्जा़पुर पर राज करने का. गुड्डू पंडित उन दिनों कालीन भैया के लिए काम करता था. लेकिन गोली उसने बिना परमीशन के मारी थी.

सीरीज़ टू में एक नया केरेक्‍टर एंटर हुआ है. जो बिहार में मंत्री है. इस तरह ‘मिर्जा़पुर’ की कहानी और कालीन भैया के तार बिहार से जुड़ने की संभावना दिख रही है. दद्दा त्‍यागी नाम का यह किरदार लगभग तीन फीट के लिलिपुट ने निभाया है. यह केरेक्‍टर बहुत इंटरेस्टिंग लग रहा है. दद्दा त्‍यागी के कमरे का दरवाजा करीब तीन फीट ऊंचा है. यानि उनसे मिलने जो भी आएगा उसे झुक कर ही आना पड़ेगा. ये भी मिर्जा़पुर की गद्दी के दावेदार हो सकते हैं. इनका एक सेवक विजय वर्मा भी है.

सीज़न वन के क्‍लाईमेक्‍स में कालीन भैया कुछ पुलिस वालों को गोली मारते हैं. उस समय एसएसपी मौर्या को भी उनके कब्‍जे में बंधा हुआ दिखाया गया था. यह भ्रम पैदा किया गया था कि मौर्या को भी मार दिया गया है. ट्रेलर में इस रहस्‍य से परदा उठता है और मौर्या अपनी ड्यूटी करता दिखाया गया है. दर्शकों के मन में यह सहज जिज्ञासा है कि पहले सीज़न में कालीन भैया का प्रबल विरोधी रहा ये एसएसपी मौत के मुंह से कैसे बचा? क्‍या उसे कालीन भैया ने खुद छोड़ा ? देखना रोचक है कि वो अब किस रूप में सामने आएगा, विरोधी या समर्थक?

एक और अहम केरेक्‍टर है लाला. कालीन का सहयोगी जो उसे अफीम सप्‍लाई करता है. जिसकी बेटी की शादी के रिशेप्‍शन में मुन्‍ना गुड्डू को मारने गया था, जहां उसने स्‍वीटी और बबलू के साथ लाला के नवजात दामाद को भी मार डाला था. लाला भी बदला लेने की फिराक में रहेगा.

फिल्‍म बनाने से ज्‍यादा मुश्किल काम उसका ट्रेलर बनाना होता है. क्‍योंकि उसमें बहुत ही संक्षेप में पूरी फिल्‍म की कहानी कहनी पड़ती है. ‘मिर्जा़पुर सीज़न टू’ का ट्रेलर बहुत ही कमाल का है और दर्शकों को यह सीज़न देखने के लिए ललचाता है. ट्रेलर ने पिछले पंद्रह सोलह दिनों से सोशल मीडिया पर धमाल मचा रखा है. ‘मिर्जा़पुर’ प्रेमी इसके मोहजाल में पूरी तरह फंस चुके हैं और उनको पूरा भरोसा है कि सीज़न टू, सीज़न वन से ज्‍यादा रोचक और मनोरंजक होने वाला है.

कालीन भैया की दूसरी पत्‍नी वीना त्रिपाठी भी बेहद रोचक केरेक्‍टर है. उसके तेवर भी कम नहीं हैं.

जाते-जाते एक चेतावनी. ये शो फेमिली के साथ देखने वाला कतई नहीं है. इसमें कोई शक नहीं कि शो बहुत शानदार है लेकिन मारधाड़, खून खराबे और गाली गुफ्तार से भरपूर है, इसलिए इसे अकेले ही देखें.
ब्लॉगर के बारे में
शकील खान

शकील खानफिल्म और कला समीक्षक

फिल्म और कला समीक्षक तथा स्वतंत्र पत्रकार हैं. लेखक और निर्देशक हैं. एक फीचर फिल्म लिखी है. एक सीरियल सहित अनेक डाक्युमेंट्री और टेलीफिल्म्स लिखी और निर्देशित की हैं.

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First published: October 22, 2020, 7:05 PM IST
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