World UFO Day: अगस्‍त के लिए कोई योजना न बनाएं!

यह सच्‍चाई है कि नासा हो या यूएस एयर फोर्स या फिर दुनिया की अधिकांश सरकारें, किसी ने भी आज तक यूएफओ के अस्तित्‍व को स्‍वीकारा नहीं है_ लेकिन इज़राइल के स्‍पेस डिपार्टमेंट के मुखिया रहे हाइम एशाद ने कहा था कि आकाशगंगा से जुड़े कुछ लोगों ने इंसानों से संपर्क किया है. वर्ल्‍ड यूएफओ डे पर यूएफओ, एलियंस, उन पर बनी फिल्‍मों और 'एरिया 51' की बात.

Source: News18Hindi Last updated on: July 2, 2022, 7:11 pm IST
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World UFO Day: अगस्‍त के लिए कोई योजना न बनाएं!
World UFO Day 2022

‘अगस्‍त के लिए कोई योजना न बनाएं’, यह चेतावनी 1996 में अमेरिका के इंडिपेंडेंस डे के पहले पृथ्‍वी के निवासियों के लिए जारी की गई थी. यह चेतावनी एलियन्‍स की तरफ से उनके प्रतिनिधियों रोलेंड एमेरिच और डीन डेवलिन ने जारी की थी. इसके बाद Enormous Extraterrestrial यानि आलौकिक शक्तियां 02 जुलाई को न्‍यूयार्क, लॉस एंजिल्‍स और वाशिंगटन डीसी सहित दुनिया भर के प्रमुख शहरों में वृहत रूप से अनेक तश्‍तरियां तैनात कर देती हैं. अमेरिका स्थित नेवादा के रेगिस्‍तान का ‘एरिया 51’ इस युद्ध में अहम रोल निभाता है. अंतत: अमेरिका के स्‍वतंत्रता दिवस 4 जुलाई को मानव सभ्‍यता द्वारा यह युद्ध जीत लिया जाता है.


यह सच्‍ची घटना नहीं बल्कि एक काल्‍पनिक कहानी है, ये तो आप समझ ही रहे होंगे. यह कथानक अमेरिकन साइंस, फिक्‍शन, एक्‍शन मूवी ‘इंडिपेंडेस डे’ का है जिसे ‘आईडी 4’ के रूप में भी जाना जाता है. इसके निर्देशक थे रोलेंड एमेरिच और इसे प्रोड्यूस किया था डीन डेवलिन ने. इन्‍हीं दोनों की जोड़ी ने ही इसे लिखा भी था. इसीलिए हमने इन्‍हें एलियन के प्रतिनिधि के रूप में संबोधित किया. यह एक साइंस, फिक्‍शन, एक्‍शन फिल्‍म है.


साइंस, फिक्‍शन, एक्‍शन और स्‍टार वार हॉलीवुड का प्रिय विषय रहे हैं. बड़े पैमाने पर भारी बजट के साथ बनाई जाने वाली इन फिल्‍मों को रियलिस्टिक टच दिया जाता है. इनकी विषयवस्‍तु के केन्‍द्र में सिर्फ अमेरिका नहीं होता बल्कि पूरा विश्‍व होता है. बाहरी हमला भी पृथ्‍वी पर अटैक के रूप में दिखाया जाता है. ताकि फिल्‍म को ग्‍लोबली स्‍वीकृति मिल सके और पूरी दुनिया को फिल्‍म अपनी सी लगने लगे. तभी तो पूरी दुनिया से धन का संचय संभव है.


‘इंडिपेंडेस डे’ का विषय यूएफओ था और फिल्‍म में पृथ्‍वी पर काल्‍पनिक हमले को रियलिस्टिक टच देने के लिए 02 जुलाई को चुना गया और इसके रिलीज़ के लिए तारीख भी यही मुकर्रर की गई. बता दें 02 जुलाई वर्ल्‍ड यूएफओ डे है. फिल्‍म के काल्‍पनिक हमलावरों पर विजय पाने के लिए भी 04 जुलाई का चयन किया गया, क्‍योंकि यह अमेरिका का इंडिपिंडेंस डे यानि स्‍वतंत्रता दिवस है. यानि अमेरिका की हार, दुनिया की हार और अमेरिका की जीत दुनिया की जीत. मानो अमेरिका ही दुनिया है. बहरहाल, हम इस पचड़े में नहीं पड़ेंगे और इस दिन बात करेंगे यूएफओ, एलियंस, उन पर बनी फिल्‍मों की और ‘एरिया 51’ की, जिसका फिल्‍म में अहम किरदार है और जो यूएफओ जितना ही रहस्‍यमय स्‍थान है.


बता दें ‘अगस्‍त के लिए कोई योजना न बनाएं’ फिल्‍म ‘इंडिपेंडेस डे’ की टैगलाइन है. सटीक टैगलाइन बताती है कि फिल्‍म के लिए कितनी बारीकी से मेहनत की गई है. वैसे इसकी और भी टैगलाइनें थीं, यह नया प्रयोग था.


बात यूएफओ की. आकाश में उड़ती किसी अज्ञात वस्‍तु को यूएफओ (Unidentified Flying Object) के नाम से पुकारा जाता है. ये आप जानते हैं और ये भी कि इनका आकार किसी डिस्‍क या तश्‍तरी की तरह होता है इसलिए इसे उड़नतश्‍तरी कहा जाता है. यह भी सच्‍चाई है कि नासा हो या यूएस एयर फोर्स या फिर दुनिया की अधिकांश सरकारें, किसी ने भी आज तक यूएफओ के अस्तित्‍व को स्‍वीकारा नहीं है, हमेशा नकारा है.  लेकिन इज़राइल के स्‍पेस डिपार्टमेंट के तीन दशक तक मुखिया रहे हाइम एशाद का विचार नासा और सरकारों के विचार से जुदा है. एक इज़राइली अखबार से बात करते हुए उन्‍होंने कहा था कि आकाशगंगा से जुड़े कुछ लोगों ने इंसानों से संपर्क किया है. उनके अनुसार एलियंस का अस्तित्‍व है और वे भी ब्रम्‍हाण्‍ड के रहस्‍यों को भेदना चाहते हैं. एशाद एयरोनॉटिक्‍स और एस्‍ट्रोनॉटिक्‍स के विजि़टिंग प्रोफेसर हैं तथा इज़राईल मिलिट्री इंटेलीजेंस के रिटायर्ड ब्रिगेडियर जनरल भी.  इसलिए उनकी बात को हवा में नहीं उड़ाया जा सकता, लेकिन साथ ही जिम्‍मेदार सरकारों पर भी उंगली नहीं उठाई जा सकती.


‘एरिया 51’ का नाम उड़नतश्‍तरियों के संदर्भ में बार-बार लिया जाता रहा है. यह नाम साल 2019 में तब ज्‍यादा लाइम लाइट में आया जब यूएफओ में इंटरेस्‍ट रखने वाले लोगों ने ‘एरिया 51’ में इकट्ठा होने का आव्हान किया. एक व्‍यक्ति ने ‘स्‍टोर्म एरिया 51, दे कांट स्‍टॉप अस’ शीर्षक से एक फेसबुक पेज बनाया और लोगों ने ‘एरिया 51’ के लिए कूच का आह्वान किया. इस पेज पर जब पंद्रह लाख लोगों ने लॉग इन किया तो अमेरिकी सरकार के कान खड़े हो गए तथा  यूएस एयर फोर्स सामने आई तथा उसने बाकायदा एक चेतावनी जारी करते हुए यहां इकट्ठा होने का प्रयास करने वालों को गंभीर परिणाम भुगतने के लिए वार्न किया और कहा – ‘यहां से दूर रहें.’ तब फेसबुक बनाने वाले शख्‍स ने इसे एक मजाक बताते हुए कहा कि ‘एरिया 51’ में जाने का उसका कोई इरादा नहीं है और कोई और भी न जाए.


‘एरिया 51’ दरअसल यूएफओ की तरह ही रहस्‍य के आवरण में ढंका जमीन का, एक सूख चुकी झील का 3.7 किलोमीटर का छोटा सा टुकड़ा है. यह नेवादा स्‍टेट के दक्षिण हिस्‍से में स्थित मरूस्‍थल में मौजूद है.ये चर्चा में तब आया,  जब 1950 में खबर उड़ी कि मेक्सिको के रोसवेल गांव में एक उड़नतश्‍तरी दुर्घटनाग्रस्‍त होकर गिरी है. इस क्रेश एलियन एयरक्राफ्ट को स्‍टोर करके ‘एरिया 51’ में रखा गया है और उसका परीक्षण किया जा रहा है. कहा तो यहां तक गया कि इस दुर्घटना में एक एलियन जिंदा भी पकड़ा गया है. जिसे यहां रखकर उसका भी परीक्षण किया जा रहा है. लेकिन अधिकारिक रूप से इसका खंडन किया गया और बताया गया कि ऐसा कुछ भी नहीं है. रोसवेल में वास्‍तव कोई उड़नतश्‍तरी या यूएफओ नहीं गिरा और न ही दुर्घटनाग्रस्‍त हुआ है. बल्कि अमेरिकी वायु सेना का एक गुब्‍बारा ब्‍लॉस्‍ट हुआ है. लेकिन अफवाहें आधिकारिक सूचना पर हावी रहीं और ‘एरिया 51’ लोगों के लिए कौतूहल का विषय बना रहा.  कुछ समय बाद अमेरिका में एक पीआईएल दाखिल की गई और ‘एरिया 51’ के बारे में जानकारी मांगी गई. तब 2013 में सीआईए ने पहली बार माना कि हां, अमेरिका में ‘एरिया 51’ का अस्तित्‍व है और यहां यूएस एयर फोर्स का एक रिसर्च और ट्रेनिंग सेंटर भी है.


यूएफओ पर निर्मित फिल्‍मों की बात करें तो अनेक टाइटल याद आते हैं. ‘क्‍लोज एनकाउंटर ऑफ थर्ड काइंड’ 1977 की साइंस, फिक्‍शन, एक्‍शन फिल्‍म है, जिसका कथानक यूएफओ और एलियन मुठभेड़ पर केन्द्रित है. ‘ईटी द एक्‍सट्रा-टेरेस्ट्रियल’ इस विषय पर सबसे अलग विषय की फिल्‍म है. स्‍टीवन स्‍पीलबर्ग की यह फिल्‍म एलियन से मुठभेड़ नहीं दिखाती न उड़नतश्‍तरी से दहशत जमाती है बल्कि यह भावना की चाशनी में दर्शकों को गहरे डुबाती है. यह एक बच्‍चे और उसके दोस्‍त बने एलियन की कहानी कहती है.

1982 की इस फिल्‍म पर आरोप लगा कि इसकी विषयवस्‍तु भारतीय फिल्‍मकार सत्‍यजीत रे की 1967 की स्क्रिप्‍ट ‘द एलियन’ से चुराई गई है. रे का कहना था ‘ईटी उनकी स्क्रिप्‍ट के बिना संभव नहीं थी.’ जवाब में स्‍पीलबर्ग ने इसका खंडन करते हुए कहा कि ‘मैं हाई स्‍कूल में एक बच्‍चा था, जब उनकी (रे की) स्क्रिप्‍ट हॉलीवुड में प्रसारित हो रही थी.’


बॉलीवुड की राकेश रोशन निर्देशित और रितिक अभिनीत फिल्‍म ‘कोई मिल गया’ ईटी से प्रभावित मानी गई. इसका एलियन केरेक्‍टर ‘जादू’लोकप्रिय हुआ था. ‘बेटलशिप’ पीटर बर्ग निर्देशित एक अमेरिकन मिलिट्री साइंस फिक्‍शन एक्‍शन मूवी है. फिल्‍म में युद्धपोतों के छोटे समूह के चालक दल को एक्‍स्‍ट्राटेरेट्रियल ओरिजन यानि अलौकिक मूल के नौसेनिक बेड़े के खिलाफ युद्ध करने के लिए मजबूर होना पड़ता है. ताकि उनके विनाशकारी लक्ष्‍यों को नाकाम किया जा सके. बाद में इसी नाम से एक बोर्ड गेम भी बनाया गया जो खूब पापुलर हुआ.


‘प्री‍डेटर’ अर्नाल्‍ड श्वार्जनेगर अभिनीत 1987 की बॉक्‍स ऑफिस पर सफल फिल्‍म है. इसमें एलियन का अलग ही रूप है. बाद मे इस सीरीज़ की प्रीडेटर 2 (1990), प्रीडेटर्स (2010), द प्रीडेटर (2018) भी प्रदर्शित हुईं. 2022 में भी इस सीरीज़ की नई फिल्‍म आ सकती है. अर्नाल्‍ड की एक और बहुत पॉपुलर फिल्‍म है ‘ द टर्मिनेटर’. इसे एलियन फिल्‍म का दर्जा नहीं दिया जाता, इसलिए क्‍योंकि एलियन दूसरे ग्रह के प्राणी है. जबकि इस फिल्‍म में कम्‍प्‍यूटर जनित इंसान से अर्नार्ड का मुकाबला होता है. इसे भी एलियन माना जाना चाहिए. इस सीरीज़ में तीन फिल्‍मों का निर्माण हुआ. पार्ट 2 को सबसे ज्‍यादा पसंद किया गया. यह अपने समय की सुपरहिट मूवी थी. भारत सहित दुनिया भर में इसने सफलता के झंडे गाड़े. अर्नाल्‍ड को इससे बहुत लोकप्रियता मिली.


यूएफओ पर आधारित फिल्‍मों की लिस्‍ट बहुत लंबी है. इन फिल्‍मों में तकनीकी पक्ष बहुत हावी होता है, शायद इसलिए बॉलीवुड में इस विषय पर ज्‍यादा काम नहीं हुआ है, क्‍योंकि बॉलीवुड का जोर एक्‍शन से ज्‍यादा भावनाओं पर रहा है. लेकिन साउथ की फिल्‍मों की सफलता ने एक्‍शन और तकनीक को रियल हीरो बता कर बॉलीवुड को अलग तरह से सोचने के लिए चेताया है. बहरहाल हॉलीवुड द्वारा साइंस, फिक्‍शन, एक्‍शन को लगातार भुनाया जाता रहा है, भुनाया जा रहा है और संभवत: आगे भी एक्‍सप्‍लोर किया जाता रहेगा.

(डिस्क्लेमर: ये लेखक के निजी विचार हैं. लेख में दी गई किसी भी जानकारी की सत्यता/सटीकता के प्रति लेखक स्वयं जवाबदेह है. इसके लिए News18Hindi उत्तरदायी नहीं है.)
ब्लॉगर के बारे में
शकील खान

शकील खानफिल्म और कला समीक्षक

फिल्म और कला समीक्षक तथा स्वतंत्र पत्रकार हैं. लेखक और निर्देशक हैं. एक फीचर फिल्म लिखी है. एक सीरियल सहित अनेक डाक्युमेंट्री और टेलीफिल्म्स लिखी और निर्देशित की हैं.

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First published: July 2, 2022, 7:11 pm IST
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