Ind vs Eng: चेतेश्वर पुजारा तो बच जाएंगे, अजिंक्य रहाणे का क्या होगा?

India vs England: भारतीय बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे (Ajinkya Rahane) इंग्लैंड दौरे पर 3 टेस्ट मैच में 95 रन ही बना सके हैं. मेलबर्न टेस्ट में 112 रनों की पारी खेलकर टीम को जीत दिलाने वाले रहाणे पिछली 18 पारियों से शतक के लिए तरस गए हैं. ओवल में होने वाले चौथे टेस्ट मैच में विराट कोहली (Virat Kohli) इस बल्लेबाज को प्लेइंग 11 से बाहर कर सकते हैं.

Source: News18Hindi Last updated on: August 30, 2021, 12:13 PM IST
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Ind vs Eng: चेतेश्वर पुजारा तो बच जाएंगे, अजिंक्य रहाणे का क्या होगा?
Ind vs Eng: चेतेश्वर पुजारा और अजिंक्य रहाणे टेस्ट क्रिकेट में रन बनाने के लिए जूझ रहे हैं. (फोटो-AP/AFP)

नई दिल्ली. मौजूदा इंग्लैंड दौरे से पहले टीम इंडिया (India vs England) के बल्लेबाजी क्रम को लेकर हर तरह के सवाल जानकारों के जेहन में थे. सबसे अहम था क्या रोहित शर्मा (Rohit Sharma) ओपनर के तौर पर इतने चुनौती वाली परिस्थितियों में कामयाब हो पायेंगे? क्या केएल राहुल (KL Rahul) को ओपनर के तौर पर मौका मिलेगा तो वो कामयाब हो सकते हैं? क्या विराट कोहली (Virat Kohli) 2014 वाले पूरी तरह से ‘जेम्स एंडरसन के सामने पस्त वाले कोहली’ दिखेंगे या फिर 2018 वाला वो असाधारण फॉर्म दोहरा पायेंगे? क्या ऋषभ पंत (Rishabh Pant) छठे नंबर पर नियमित तौर पर बेहतरीन पारियां खेलने का भरोसा दे पायेंगे? क्या रवींद्र जडेजा (Ravindra Jadeja) टेस्ट बल्लेबाज के तौर पर आखिर में अपनी छाप छोड़ पायेंगे?


सबसे अहम सवाल था पुजारा-रहाणे और इंग्लैंड का फेर

लेकिन, इन तमाम सवालों के बीच जो सबसे अहम सवाल था वो ये कि क्या चेतेश्वर पुजारा और अजिंक्य रहाणे इंग्लैंड में अपने टेस्ट रिकॉर्ड को बेहतर करते हुए टीम के लिए सीरीज जीत में अपना किरदार निभा पाएंगे. जैसा कि उन्होंने ऑस्ट्रेलिया में लगातार दो टेस्ट सीरीज में जीत के दौरान किया था? रोहित ने तो हर किसी को चौंकाते हुए पहली बार विदेशी जमीं पर टेस्ट क्रिकेट में अपनी तकनीक और टेम्परामेंट का लोहा मनवाया, भले ही वो अब तक एक बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे हों. राहुल ने भी दिखाया कि उनको भविष्य के लिए रोहित का स्थायी जोड़ीदार के तौर पर देखा जा सकता है. कोहली ने भी दिखाया कि वो 2018 का फॉर्म भले ही दोहरा ना पायें लेकिन 2014 के बुरे सपने के करीब वो कभी भी नहीं पहुंचेंगे.


पंत ने तो अब तक मायूस ही किया है जो एक युवा खिलाड़ी के लिए कोई बहुत चौंकाने वाली बात नहीं है. वैसे भी पंत ने अपने पहले इंग्लैंड दौरे यानि कि 2018 में ओवल टेस्ट में एक हैरतअंगेज पारी खेलकर अपनी आने वाली महानता की झलक दे दी थी. लेकिन, पुजारा और रहाणे का क्या? ये दोनों खिलाड़ी इंग्लैंड के तीसरे दौरे पर एक बड़ी साख लेकर पहुंचे थे. दोनों को ये बात बखूबी पता थी कि उनके बल्ले से इस मुल्क में सिर्फ 1-1 शतक ही निकले हैं और उनका टेस्ट औसत इंग्लैंड की जमीं पर 30 से भी कम का था, जो उनकी प्रतिष्ठा के साथ मेल नहीं खाता था.


बड़ी निजी गिरावट के मोड़ पर खड़े हैं अब रहाणे

तीन टेस्ट खत्म होने के बाद इन दोनों ने आलोचकों को निराश ही किया है. लीड्स टेस्ट की दूसरी पारी में पुजारा ने 91 रन की पारी खेलकर भले ही चौथे टेस्ट के लिए अपना स्थान पक्का कर लिया हो लेकिन रहाणे के सिर पर तलवार लटक रही है. हो सकता है कि रहाणे को चौथे टेस्ट में प्लेइंग 11 से बाहर होना पड़े. अगर ऐसा होता है तो ये कितनी बड़ी निजी गिरावट रहाणे के लिए होगी? कप्तान के तौर पर मेलबर्न टेस्ट में शानदार शतक लगाकर जीत का आधार रखने वाला बल्लेबाज अगली 18 पारियों में शतक के लिए तरस गया है.


बहरहाल, ये तर्क सही हो सकता है इंग्लैंड में कामयाब होना ही महानता की सबसे बड़ी निशानी निश्चित तौर पर नहीं है क्योंकि वीवीएस लक्ष्मण जैसे बल्लेबाज का वहां कोई शतक नहीं जबकि वीरेंद्र सहवाग का रिकॉर्ड भी कोई बहुत लाजवाब नहीं. ऐसे में इस बात को आप पुजारा और रहाणे जैसे बल्लेबाजों के खिलाफ कैसे इस्तेमाल कर सकते हैं जो मौजूदा दौर में कोहली के बाद टीम इंडिया के लिए पिछले एक दशक में सबसे उम्दा बल्लेबाज रहे हैं.


बात सिर्फ इस इंग्लैंड दौरे की नहीं है

पुजारा तो इस आलोचना से बच निकलेंगे लेकिन रहाणे के लिए इस संकट से बाहर निकलना आसान नहीं है. बात सिर्फ इस इंग्लैंड दौरे की नहीं हो रही है. 2016 में इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज के समय से लेकर अब तक रहाणे के आंकड़ों पर नजर दौड़ाएं तो 48 टेस्ट में उनका औसत 33.77 का है जिसे हर हाल में मामूली ही कहा जा सकता है. 48 टेस्ट कोई कम संख्या नहीं और ये रहाणे के करियर का दो तिहाई हिस्सा है. पिछले तीन दशक में किसी भी भारतीय बल्लेबाज ने 48 टेस्ट के सफर में कभी भी 35 से नीचे का औसत नहीं रखा है. ऐसे में अगर कोहली इस बार उप-कप्तान रहाणे को बाहर भी कर देते हैं तो उनके साथ ना तो सहानूभूति होगी और ना ही मीडिया में हाय-तौबा मचेगी.


फिलहाल रहाणे से बेहतर तो मोहम्मद शमी!





पिछली 18 पारियों में रहाणे के बल्ले से सिर्फ 2 अर्धशतक निकले हैं. आलम ये है कि 3 टेस्ट के बाद रहाणे के बल्ले से जितने रन (95) निकले हैं, तकरीबन मोहम्मद शमी ने भी उतने ही रन (75) बना लिए हैं. कहने का मतलब साफ है कि विदेशी जमीं पर रहाणे को इतने खराब दौर से शायद कभी नहीं गुजरना पड़ा हो. रहाणे के करियर में सबसे बड़ी कमी यही रही है कि आज तक उन्होंने किसी भी एक सीरीज में अपना दबदबा नहीं दिखाया है. शायद यही वजह है कि कई बेशकीमती और मुश्किल हालात में मैच जिताने वाली पारियां खेलने के बावजूद उन्हें कोहली तो दूर की बात कोई पुजारा के आस-पास भी नहीं समझता है. जबकि 2013 के साउथ अफ्रीका दौरे तक रहाणे का विदेशी जमीं पर रिकॉर्ड कोहली से भी बेहतर हुआ करता था. ये बात जानकर खेल-प्रेमियों को अचंभा होगा.


क्या 100 टेस्ट का सपना साकार कर पायेंगे रहाणे?

खैर, खेल और खिलाड़ियों का मूल स्वभाव यही है कि पासा पलटने में वक्त नहीं लगता और किसी बल्लेबाज को एक शानदार पारी खेलने में भी कोई चमत्कार की दरकार नहीं होती है. अगर रहाणे पर टीम मैनेजमेंट भरोसा दिखाती है और वो अगला टेस्ट खेलते हैं तो ये उनके करियर का आखिरी टेस्ट साबित हो सकता है, अगर वो फिर से नाकाम होते हैं. लेकिन, अगर रहाणे अपने करियर के सबसे नाज़ुक दौर में एक शानदार पारी खेलते है तो ना सिर्फ वो सीरीज के आखिरी मैच में खेलेंगे बल्कि पुजारा की तरह 100 टेस्ट मैच खेलने का सपना भी साकार कर सकते हैं.


(डिस्क्लेमर: ये लेखक के निजी विचार हैं. लेख में दी गई किसी भी जानकारी की सत्यता/सटीकता के प्रति लेखक स्वयं जवाबदेह है. इसके लिए News18Hindi किसी भी तरह से उत्तरदायी नहीं है)
ब्लॉगर के बारे में
विमल कुमार

विमल कुमार

न्यूज़18 इंडिया के पूर्व स्पोर्ट्स एडिटर विमल कुमार करीब 2 दशक से खेल पत्रकारिता में हैं. Social media(Twitter,Facebook,Instagram) पर @Vimalwa के तौर पर सक्रिय रहने वाले विमल 4 क्रिकेट वर्ल्ड कप और रियो ओलंपिक्स भी कवर कर चुके हैं.

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First published: August 30, 2021, 12:06 PM IST
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