IND vs ENG T20Is: युवा जोश वाले टी20 में इंग्लैंड-इंडिया को 30+ से गजब का लगाव!

IND vs ENG T20Is: इंग्लैंड के खिलाफ जब 5 मैचों की टी20 सीरीज़ का आगाज़ होने जा रहा है तो हर किसी की नज़रें 30 साल के सूर्यकुमार यादव पर टिकी हैं. भारतीय चयनकर्ता अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 30 साल वाले खिलाड़ियों को मौका देने में बहुत उत्साह नहीं दिखाते हैं.

Source: News18Hindi Last updated on: March 11, 2021, 8:21 AM IST
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IND vs ENG T20Is: युवा जोश वाले टी20 में इंग्लैंड-इंडिया को 30+ से गजब का लगाव!
भारत और इंग्लैंड के बीच पहला टी20 मैच 12 मार्च को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला जाएगा. (फोटो साभार-नवदीप सैनी ट्विटर)
नई दिल्ली. टी20 फॉर्मेट की जब शुरुआत हुई तो ये कहा गया कि ये युवाओं का खेल है. तेज़ तर्रार और ऊर्जावान खिलाड़ियों का. इसमें अनुभव से ज़्यादा मायने रखती है आपका यौवन. जोखिम उठाने की काबिलियत क्योंकि अनुभवी खिलाड़ी अक्सर जोखिम लेने से पहले दो बार सोचता है जबकि युवा को नाकामी की फिक्र उस तरीके से परेशान नहीं करती है. जब टीम इंडिया ने पहला वर्ल्ड कप एक नये नवेले व अनुभवहीन कप्तान और उसके ज़्यादातर युवा खिलाड़ियों की फौज के बूते 2007 में जीत ली तो बस इस धारणा पर आधिकारिक मुहर लग गई. टी20 फॉर्मेट का मतलब आपकी उम्र भी 20 वाले कैटेगरी में हो तो बेहतर. 30 या उससे ज़्यादा वाले खिलाड़ी खेल तो सकते हैं लेकिन अपवाद के तौर पर.

उम्र नहीं आपका कौशल और योग्यता रखती है मायने
बहरहाल, पिछले डेढ़ दशक में इस फॉर्मेट ने भी कई बदलाव और दुनिया भर में अलग-अलग तरह की लीग भी देखी. नए-नए ट्रेंड भी उभरकर सामने आये. ख़ासतौर पर आईपीएल जैसे टूर्नामेंट ने कई पुरानी मान्यताओं को ध्वस्त किया. उनमें से सबसे दिलचस्प और प्रभावशाली रहा 30 या फिर उससे ज़्यादा उम्र वाले खिलाड़ियों को सम्मान. शेन वॉर्न तो अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह चुके थे लेकिन तथाकथित बुढ़ापे में भी उन्होंने राजस्थान रॉयल्स को चैंपियन बनवा डाला. उसके बाद तो कई ऐसे खिलाड़ी आये जिन्होंने साबित कर दिया कि उम्र नहीं आपका कौशल और योग्यता मायने रखती है.

30+ वाले खिलाड़ियों की टीम इंडिया में भरमार!
यही वजह है कि इंग्लैंड के खिलाफ जब 5 मैचों की टी20 सीरीज़ का आगाज़ होने जा रहा है तो हर किसी की नज़रें 30 साल के सूर्यकुमार यादव पर टिकी हैं. भारतीय चयनकर्ता अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 30 साल वाले खिलाड़ियों को मौका देने में बहुत उत्साह नहीं दिखाते हैं. लेकिन, यादव ने लगातार 4-5 साल से घरेलू क्रिकेट में इस तरह से दरवाजा खटखटाया है कि उन्हें नज़रअंदाज़ करना मुश्किल हो गया है. मजेदार बात ये है कि टीम इंडिया के बड़े मैच-विनर माने जाने वाले ज़्यादातर खिलाड़ी चाहे वो कप्तान विराट कोहली(32) हों या फिर ओपनिंग जोड़ी रोहित शर्मा(33) और शिखर धवन(35) की, सब 30 पार वाले ही हैं. गेंदबाज़ों में भुवनेश्वर कुमार(31) और युजवेद्र चाहल भी 30 पार करने के बावजूद बड़े मैच-विनर माने जाते हैं. वहीं हाल ही में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का स्वाद चखने वाले टी नटराजन(29), शार्दुल ठाकुर(29) और वरुण चक्रवर्ती(29) भी बस 30 के होने ही वाले हैं. हार्दिक पंड्या(28) और अक्षर पटेल(27) भी बहुत युवा नहीं है तो केएल राहुल और नवदीप सैनी भी 28 पार कर चुके हैं.

युवा जोश को नहीं मिलेगा फटाफट फॉर्मेट में ज़्यादा मौका?
अजीब विडंबना ये है कि टीम में शामिल दो सबसे युवा खिलाड़ी वाशिंगटन सुंदर(21) और ऋषभ पंत(23) हाल के दिनों में टेस्ट क्रिकेट में बड़े मैच विनर के तौर पर उभरे हैं और मुश्किल लम्हों में बेहतरीन कौशल दिखाते हुए हारने वाले मैचों की जीत में तब्दील किया है. और इन्हीं दोनों खिलाड़ियों का प्लेइंग इलेवन में होना एकदम से पक्का नहीं है. अगर पंत की जगह राहुल को विकेटकीपर कम मिड्ल ऑर्डर बल्लेबाज के तौर पर जगह मिलने की उम्मीद ज्यादा है तो चहल और पटेल को शायद सुंदर से पहले मौका मिले. यानि, टीम इंडिया तो लगभग मान चुकी है कि टी20 फॉर्मेट में युवा जोश की बजाए अनुभव को ही वो ज्यादा अहमियत देगी.यह भी पढ़ें: IPL 2021: विराट की आरसीबी में शामिल हुए फिन एलेन; लगाते हैं बड़े-बड़े छक्के, स्ट्राइक रेट 180 से ज्यादा

इंग्लैंड को भी 30+ खिलाड़ियों से लगाव कोई कम नहीं!
वैसे, अगर विरोधी इंग्लैंड पर नज़र डालें तो उनका भी 30+ खिलाड़ियों से लगाव कोई कम नहीं है. टीम के कप्तान ऑयन मोर्गन ही 34 साल के हैं तो मोईन अली और डेविड मलान (33), जॉनी बेस्ट्रो और मार्क वुड (31), जेसन रॉय और जोश बटलर(30), क्रिस जॉर्डन और आदिल रशीद (32) के हैं जबकि बेन स्टोक्स और सैम बिलिंग्स (29) भी बस 30 वाली कैटेगरी में शामिल होने वाले ही हैं. और इंग्लैंड के लिए इस फॉर्मेट में भी यही नाम है जो अपनी टीम के लिए बड़े मैच-विनर साबित हो सकते हैं. यानि कि सिर्फ टीम इंडिया ही नहीं इंग्लैंड भी इस बात को मान चुकी है कि टी20 फॉर्मेट को महज़ युवा जोश का खेल कहना सही नहीं है.

इंग्लैंड टीम में भी सैम कुरेन (22) को इस फॉर्मेट में सुंदर और पंत की तरह मैच-विनर देखा जा रहा है तो और टॉम कुरेन और जोफ्रा आर्चर (25) ना तो बहुत युवा हैं और ना ही बहुत उम्रदराज. लेकिन 2019 वर्ल्ड कप की चैंपियन टीम के ज़्यादातर चेहरे टी20 फॉर्मेट का हिस्सा हैं और इंग्लैंड उम्मीद कर रही है कि अगले 2 साल में वो दो वर्ल्ड कप इसी टीम के बूते जीत लें.

दो टी20 वर्ल्ड कप के लिए 30+ वाले खिलाड़ियों के ही भरोसे ?
लेकिन, क्या टीम इंडिया के लिए ऐसा मुमकिन होगा? क्या टीम इंडिया आने वाले 2 सालों में 2 टी20 वर्ल्ड कप के लिए ऐसे ही 30+ वाले खिलाड़ियों के भरोसे रहेगी या फिर अभी से, इस सीरीज़ से पंत और सुंदर समेत कुछ और युवा खिलाड़ियों को इतने मौके देगी ताकि वो वर्ल्ड कप आते आते तक मंझे खिलाड़ी बन जाए. वैसे भी टेस्ट क्रिकेट के ज़्यादा चुनौती वाले हालात में इन युवा खिलाड़ियों ने उम्मीद से बेहतर खेल दिखाया है और सिर्फ कम अनुभव का हवाला देकर उन्हें प्लेइंग इलेवन में शामिल नहीं करना भारतीय क्रिकेट के लिए अच्छा संदेश नहीं होगा. (यह लेखक के निजी विचार हैं.)
(डिस्क्लेमर: ये लेखक के निजी विचार हैं. लेख में दी गई किसी भी जानकारी की सत्यता/सटीकता के प्रति लेखक स्वयं जवाबदेह है. इसके लिए News18Hindi किसी भी तरह से उत्तरदायी नहीं है)
ब्लॉगर के बारे में
विमल कुमार

विमल कुमार

न्यूज़18 इंडिया के पूर्व स्पोर्ट्स एडिटर विमल कुमार करीब 2 दशक से खेल पत्रकारिता में हैं. Social media(Twitter,Facebook,Instagram) पर @Vimalwa के तौर पर सक्रिय रहने वाले विमल 4 क्रिकेट वर्ल्ड कप और रियो ओलंपिक्स भी कवर कर चुके हैं.

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First published: March 11, 2021, 8:19 AM IST
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