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    IPL 2020: केकेआर ही नहीं, देश के भविष्य की जोड़ी है मावी-नागरकोटी

    अगर मावी जूनियर क्रिकेट में दिल्ली से मौका नहीं मिलने पर यूपी चले गये तो राजस्थान के बारमेर शहर से आने वाले नागरकोटी के पास किसी भी तरह की सुविधा नहीं थी. लेकिन, इन दोनों को अंजाने में ही एक हीरो ने जोड़ रखा था. वो हीरो हैं- भुवनेश्वर कुमार.

    Source: News18Hindi Last updated on: October 1, 2020, 12:22 PM IST
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    IPL 2020: केकेआर ही नहीं, देश के भविष्य की जोड़ी है मावी-नागरकोटी
    पिछले दो मैचों में 215 से ज्यादा रन बनाने वाली राजस्थान रॉयल्स के बल्लेबाज़ी क्रम को धवस्त करने का कमाल मावी-नागरकोटी की जोड़ी ने दिखाया.
    यूं तो जोड़ी के तौर पर शिवम मावी (Shivam Mavi) और कमलेश नागरकोटी (Kamlesh Nagarkoti) कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के लिए आईपीएल में दूसरा मैच खेल चुके थे. लेकिन, सही मायनों में इस जोड़ी की असली शुरुआत राजस्थान रॉयल्स के ख़िलाफ मैच से शुरू हुई. एक ऐसी शुरुआत जिसका सपना इन दोनों ने साथ मिलकर दो साल पहले देखा था. लेकिन, किस्मत इनसे ऐसी रुठी कि एक के बाद एक करके कभी चोट तो कभी किसी और वजह के चलते ये दोनों फ्रैंचाइजी के लिए खेल नहीं पाये. लेकिन, दाद देनी होगी नाइट राइडर्स के मैनेजमेंट और मालिकों की जिन्होंने भारत के दो होनहार युवा खिलाड़ियों पर भरोसा एक मिनट के लिए नहीं खोया.

    पिछले दो मैचों में 215 से ज्यादा रन बनाने वाली राजस्थान रॉयल्स के बल्लेबाज़ी क्रम को धवस्त करने का कमाल मावी-नागरकोटी की जोड़ी ने दिखाया. दोनों ने मिलकर सिर्फ 6 ओवर डाले और महज़ 33 रन खर्च करके रॉयल्स के टॉप ऑर्डर के 4 विकेट झटके. इस टूर्नामेंट के शुरु होने से पहले मावी ने मुझे बताया था कि उनका सपना है कि एक छोर से वो गेंदबाज़ी करे और दूसरे से नागरकोटी. ये अपने अंडर 19 वर्ल्ड कप की कामयाबी को तरोताज़ा करने के लिए सबसे अच्छा होगा. कमलेश भी कुछ ऐसी ही हसरत रखते थे. और ऐसे सपने की एक ख़ास वजह थी. 2018 में अंडर 19 टीम के स्टार बल्लेबाज़ पृथ्वी शॉ जहां भारत के लिए तीनों फॉर्मेट में खेल चुके थे वहीं शुभमन गिल भी वन-डे मैचों में डेब्यू कर चुके हैं और टी20 के टीम में शामिल भी रहें हैं. लेकिन, उसी चैंपियन टीम के दो गेंदबाज़ भारत तो क्या इंडिया ए के लिए भी नियमित तौर पर खेल नहीं पाये थे. ये झुंझलाहट और निराशा वाली बात थी. दोनों के ऊपर कोलकाता ने 2018 ऑक्शन के दौरान 3-3 करोड़ खर्च किए थे जिसका एक अतिरिक्त दबाव भी उन पर पड़ रहा था.

    लेकिन, लॉकडाउन के दौरान दोनों फोन पर एक-दूसरे के संपर्क में थे और कोलकाता के लिए जीत की योजनायें बनाने में व्यस्त थे. मावी के मुताबिक नई गेंद से वो विकेट झटकना चाहते थे क्योंकि स्विंग उनकी ताकत है. बल्लेबाज़ के तौर पर उन्होंने आंद्रे रसैल से आक्रामक बल्लेबाज़ी के गुर सीखे और बताया कि उन्हें अक्सर 6-7 गेंदें ही बल्लेबाज़ी करने के लिए मिलेंगी और उनका इरादा इस दौरान कम से कम 1 चौका और 1 छक्का लगाने का रहेगा.
    साथी नागरकोटी मावी की तरह फिलहाल बल्लेबाज़ी ऑलराउंडर की कैटेगरी में नहीं है लेकिन ज़रुरत पड़ने पर उनकी टीम उन्हें बल्ले से जौहर दिखाने के लिए कह सकती है जैसा कि रॉयल्स के खिलाफ मैच में हुआ जब वो मावी से ऊपर बल्लेबाज़ी के लिए आये.

    अगर मावी जूनियर क्रिकेट में दिल्ली से मौका नहीं मिलने पर यूपी चले गये तो राजस्थान के बारमेर शहर से आने वाले नागरकोटी के पास किसी भी तरह की सुविधा नहीं थी. लेकिन, इन दोनों को अंजाने में ही एक हीरो ने जोड़ रखा था. वो हीरो हैं- भुवनेश्वर कुमार.
    दोनों युवा भवी की स्विंग और विविधता के कायल हैं और उनकी तरह ही बनना चाहतें हैं. हालांकि, मावी को मोहम्मद शमी की कला भी बहुत पसंद हैं.
    दोनों गेंदबाज़ों में एक और समानता ये है कि वो 140 किलीमीटीर प्रति घंटे की रफ्तार से भी ज़्यादा तेज़ गेंद फेंक सकते हैं. ख़ासतौर पर नागरकोटी तो 150 भी छू लेते हैं. दोनों बहुत ही उम्दा फील्डर भी है लेकिन इस मामले में नागरकोटी अपने दोस्त पर भारी पड़ते हैं जिनके हीरो जोंटी रोड्स हैं.
    दिनेश कार्तिक जहां नागरकोटी को रविंद्र जडेजा के स्तर का फील्डर मानते हैं वहीं नागरकोटी के बचपन के कोच सुरेंद्र राठौढ़ ने मुझे बताया कि डाइव मारने की बजाए चीते की तेज़ी से गेंद के नीचे आने की अदभुत प्रतिभा नागरकोटि के ही पास है जो कभी भी तेज़ गेंदबाज़ों के साथ ये हुनर नहीं दिखता है. इस मामले में राजस्थान का ये खिलाड़ी अपवाद है.

    मावी के लिए टेस्ट क्रिकेट में जैक कैलिस, वन-डे में कपिल देव और टी20 में रसैल हीरो हैं. अगर किसी भी फॉर्मेट में मावी किसी भी एक हीरो की तरह कामयाबी हासिल कर पायें तो भारतीय क्रिकेट के लिए ये एक शानदार बात होगी.


    वैसे चलते-टलते आपको ये बता दें कि जनवरी 2018 में पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने विराट कोहली, बीसीसीआई और वीवीएस लक्ष्मण को टैग करते हुए एक टिव्ट किया था- “ नज़र रखिये अंडर 19 के इन दो युवाओं पर. न्यूज़ीलैंड में 145 की रफ्तार से गेंद डालना वाले.. गज़ब..”आज सौरव गांगुली बीसीसीआई के अध्यक्ष हैं और जिस तरह से वीरेंद्र सहवाग, युवराज सिंह और हरभजन जैसे प्रतिभाओं पर कप्तान के तौर पर उन्होंने भरोसा दिखाया, शायद अब वैसा ही भरोसा अपनी पूरानी फ्रैंचाइजी के इन दो होनहार खिलाड़ियों पर दिखाने की ज़रुरत है.
    ब्लॉगर के बारे में
    विमल कुमार

    विमल कुमार

    न्यूज़18 इंडिया के पूर्व स्पोर्ट्स एडिटर विमल कुमार करीब 2 दशक से खेल पत्रकारिता में हैं. Social media(Twitter,Facebook,Instagram) पर @Vimalwa के तौर पर सक्रिय रहने वाले विमल 4 क्रिकेट वर्ल्ड कप और रियो ओलंपिक्स भी कवर कर चुके हैं.

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    First published: October 1, 2020, 12:17 PM IST
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