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ऋषभ पंत, हार्दिक पंड्या और दिनेश कार्तिक की तिकड़ी का साथ होना एक बेहद रोमांचक चयन

दिनेश कार्तिक के फिर से 3 साल बाद टीम इंडिया में वापसी करना चौंकाने वाला है तो कई मायनों में बेहद स्वाभाविक. चौंकाने वाला इसलिए क्योंकि जब टीम इंडिया के पास प्रतिभाओं का अकाल नहीं है, तब भी करीब 37 साल के कार्तिक के पास वापस लौटना दिखाता है कि सबसे मुश्किल रोल के लिए युवा खिलाड़ी चुनौतियां का सामना नहीं करना चाहते हैं.

Source: News18Hindi Last updated on: May 23, 2022, 8:48 AM IST
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ऋषभ पंत, हार्दिक पंड्या और दिनेश कार्तिक की तिकड़ी का साथ होना एक बेहद रोमांचक चयन
ऋषभ पंत, हार्दिक पंड्या और दिनेश कार्तिक- तीनों खिलाड़ी 2019 में हुए वनडे वर्ल्ड कप में भी एक साथ थे

साउथ अफ्रीका के खिलाफ टी20 टीम के चयन में अगर सबसे ज्‍यादा रोमांचित करने वाली कोई एक बात है तो वो है ताबड़तोड़ अंदाज में खेलने वाले युवा और अनुभवी भारतीय बल्लेबाजों का पहली बार एक साथ टीम में होना. ऋषभ पंत, हार्दिक पंड्या और दिनेश कार्तिक- अगर ये तिकड़ी एक साथ किसी भी टी20 टीम में मिडिल ओवर्स में मौजूद हो तो कप्तान के लिए आधी समस्या खत्म हो जाती है. हालांकि, ये तीनों खिलाड़ी 2019 में हुए वनडे वर्ल्ड कप में भी एक साथ थे, लेकिन तब कप्तान और कोच को नंबर 4 पर किसे भेजे के प्रश्न ने बुरी तरह से कंफ्यूज कर रखा था. नतीजा ये हुआ था कि ना पंत, ना पंड्या और ना कार्तिक को इस नंबर के लिए भरोसे का खिलाड़ी माना गया और ना ही उन्हें फिनिशर की भूमिका दी गयी. कुछ महीने बाद ऑस्ट्रेलिया में होने वाले टी20 वर्ल्ड कप से पहले एक बार फिर भारतीय क्रिकेट को इन तीनों बल्लेबाजों के खास हुनर को ध्यान में रखते हुए एक खास रणनीति बनाने की जरुरत होगी.

अगर पंत ने खुद की आतिशी बल्लेबाजी की झलक टेस्ट क्रिकेट में ज़्यादा दी है तो पंड्या ने इस आईपीएल में दिखाया कि वो नंबर 4 पर भी बल्लेबाजी करते हुए जिम्मेदारी उठा सकते हैं. आखिरी ओवर्स में धुआंधार बल्लेबाजी करने वाला हुनर तो उनमें है ही. लेकिन, दिनेश कार्तिक के फिर से 3 साल बाद टीम इंडिया में वापसी करना अगर एक मायने में चौंकाने वाला है तो कई मायनों में बेहद स्वाभाविक. चौंकाने वाला इसलिए क्योंकि जब टीम इंडिया के पास प्रतिभाओं का अकाल नहीं है तब भी करीब 37 साल के कार्तिक के पास एक फिनिशर वाली भूमिका के लिए वापस लौटना दिखाता है कि क्रिकेट के सबसे मुश्किल रोल के लिए युवा खिलाड़ी चुनौतियां का सामना नहीं करना चाहते हैं.

अगर साउथ अफ्रीका की टीम पर नजर डालें तो उन्होंने ना तो कागिसो रबाडा और ना ही एनरिक नोकिया को आराम दिया है और ना ही युवा यानसेन , क्विंटन डि कॉक तो हैं ही उस टीम में. लेकिन, टीम इंडिया ने बड़ी सहज़ता से नये कप्तान रोहित शर्मा, विराट कोहली और जसप्रीत बुमराह को इस सीरीज से बाहर रखा है. लेकिन, चयनकर्ताओं के पास कोई विकल्प भी नहीं था, क्योंकि इन तीनों को इंग्लैंड के खिलाफ 1 जुलाई से होने वाले एकमात्र टेस्ट में खेलना भी है और उसके लिए इन्हें पहले इंग्लैंड पहुंचना हैं. लेकिन, यही तर्क चयनकर्ताओं ने केएल राहुल और पंत के लिए नहीं अपनाया जो इन्हीं खिलाड़ियों की तरह निश्चित तौर पर प्लेइंग इलेवन का हिस्सा होंगे. कम से कम पंत को तो टी20 सीरीज़ के लिए आराम दिया ही जा सकता था खासकर ये देखते हुए कि ईशान किशन और कार्तिक जैसे खिलाड़ियों का विकल्प तो चयनकर्ताओं ने कप्तान राहुल को दिया ही है. इसके अलावा पंत दिल्‍ली कैपिटल्स की कप्तानी करते हुए और लगातार क्रिकेट खेलते हुए उतने ही थके और परेशान नजर आ रहें हैं जितने कि कोहली, रोहित या बुमराह थे. हो सकता है कि पंत का युवा होना उनके खिलाफ गया हो!


अर्शदीप सिंह और उमरान मलिक का सफर अलग लेकिन मंजिल एक

युवा होना अर्शदीप सिंह और उमरान मलिक जैसे गेंदबाजों के खिलाफ नहीं गया. चयनकर्ताओं ने दोनों गेंदबाजों को आईपीएल 2022 में शानदार खेल दिखाने का पुरस्कार दिया है. सबसे मजेदार बात ये है कि दोनों बिल्‍कुल अलग-अलग किस्म के गेंदबाज हैं और इनकी टीमें भले ही आईपीएल में संघर्षरत रही, लेकिन इन्होंने अपने निजी खेल से ना सिर्फ अपना, बल्कि टीमों का भी मान बढ़ाया. अगर पंजाब के अर्शदीप सिंह बायें हाथ के मीडियम पेसर हैं और स्विंग और विविधिता और शानदार नियंत्रण के चलते दिग्गजों को परेशान करते हैं तो वहीं कश्मीर के उमरान मलिक दायें हाथ के सुपर एक्सप्रेस गेंदबाज हैं, जो भले ही कई बार अपने रफ्तार के नियंत्रण में नहीं दिखते और विविधता में भी कमी रहती है, लेकिन हर गेंद वो जिस असाधारण रफ्तार और उतनी ही अद्भुत निरंतरता के साथ फेंकतें है, उसका कोई सानी नहीं हैं. ये वो दो गेंदबाज हैं जो अगर साउथ अफ्रीका के खिलाफ अच्छा खेल दिखाते हैं तो आने वाले कुछ महीने बाद वो टी20 वर्ल्ड वाली टीम के लिए भी अपना मजबूत दावा ठोकेंगे.


पंत और राहुल की तरह अश्विन भी टी20 और टेस्ट में हो सकते थे





कोहली-रोहित-बुमराह की ही तरह रवींद्र जडेजा- आर अश्विन की जोड़ी को भी चयनकर्ताओं ने इकलौते टेस्ट के लिए चुनना बेहतर समझा है, क्योंकि स्पिन डिपार्टमेंट में कुलचा यानि कि कुलदीप यादव और युजवेंद्र चहल की जोड़ी फिर से साथ दिखेगी तो तीसरे स्पिनर के तौर पर अक्षर पटेल भी हैं और इसके अलावा युवा रवि बिशनोई भी. अश्विन शायद ये सोच कर मायूस हो सकते हैं कि अगर पंत और राहुल को चयनकर्ताओं ने टी20 और टेस्ट के लायक समझा तो यही बात उनके साथ भी लागू हो सकती थी, क्योंकि आईपीएल 2022 में अश्विन ने ना सिर्फ अपनी गेंदबाजी की विविधता, बल्कि एक आक्रामक बल्लेबाज के तौर पर अपना एक नया रुप दिखाया था. ये देखते हुए कि अश्विन को पिछली बार टी20 वर्ल्ड कप के लिए चुना गया था तो इस बार कम से कम साउथ अफ्रीका सीरीज के लिए भी अश्विन होते तो शायद फिर से उनके लिए ऑस्ट्रेलिया में होने वाले वर्ल्ड कप के लिए दावेदारी को और बल मिल सकता था. खैर, अभी बहुत सारे टी20 मैच टीम इंडिया को खेलने हैं और हो सकता है कि अश्विन को बाद में कुछ मौके मिले भी.


ईशान किशन और वेंकेटेश अय्यर पर जबरदस्त तरीके से साबित करने का दबाव

ईशान किशन और वेंकेटेश अय्यर को साधारण आईपीएल के बावजूद इस सीरीज के लिए चुना जाना ये दिखाता है कि चयनकर्ताओं ने इन दोनों पर पूरी तरह से भरोसा नहीं खोया है. लेकिन, साउथ अफ्रीका के खिलाफ इन दोनों पर खुद को जबरदस्त तरीके से साबित करना दबाव भी होगा, क्योंकि अगर ये दोनों यहां भी फ्लॉप होते हैं तो ऑस्ट्रेलिया के लिए उड़ान भरने की उम्मीदें बस अगले महीने ही ख़त्म हो सकती हैं.


(डिस्क्लेमर: ये लेखक के निजी विचार हैं. लेख में दी गई किसी भी जानकारी की सत्यता/सटीकता के प्रति लेखक स्वयं जवाबदेह है. इसके लिए News18Hindi उत्तरदायी नहीं है.)
ब्लॉगर के बारे में
विमल कुमार

विमल कुमार

न्यूज़18 इंडिया के पूर्व स्पोर्ट्स एडिटर विमल कुमार करीब 2 दशक से खेल पत्रकारिता में हैं. Social media(Twitter,Facebook,Instagram) पर @Vimalwa के तौर पर सक्रिय रहने वाले विमल 4 क्रिकेट वर्ल्ड कप और रियो ओलंपिक्स भी कवर कर चुके हैं.

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First published: May 23, 2022, 8:41 AM IST
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