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टीम वेस्ट इंडीज

वेस्टइंडीज (West Indies) की जब भी बात की जाती है तो सबसे पहले उसके लंबे कद-काठी के तेज गेंदबाज याद आते हैं. वेस्टइंडीज ने पहला टेस्ट 23 जून 1928 को लॉर्ड्स में इंग्लैंड के खिलाफ खेला. तब कैरेबियाई टीम के कप्तान कार्ल नुनेस थे. हालांकि, टीम यह मुकाबला हार गई थी. वेस्टइंडीज को पहली जीत 21 फरवरी 1930 को छठे टेस्ट में मिली थी. जॉर्जटाउन में खेले गए इस मुकाबले में उसने इंग्लैंड को 289 रन से हराया था. कप्तान माउराइस फर्नांडेज थे.

वेस्टइंडीज ने 1958 में पाकिस्तान के खिलाफ 3 विकेट पर 790 रन बनाकर टेस्ट का अपना सबसे बड़ा स्कोर बनाया. टीम का 1970 के दशक से 1995 तक वर्ल्ड क्रिकेट पर दबदबा रहा. टीम लगातार 29 सीरीज में अपराजेय रही. अन्य कोई टीम 20 अपराजेय सीरीज का आंकड़ा भी अब तक नहीं छू सकी है. वेस्टइंडीज ने 550 से अधिक टेस्ट खेले हैं. टीम की ओर से 37 खिलाड़ी टेस्ट में कप्तानी कर चुके हैं. 12 को एक भी टेस्ट में जीत नहीं मिली है. टीम ने क्वाइव लॉयड की कप्तानी में सबसे अधिक 36 टेस्ट जीते हैं.

वेस्टइंडीज ने वनडे और टी20 वर्ल्ड कप दो-दो बार जीते हैं. वनडे विश्व कप के पहले दो खिताब कैरीबियाई टीम के ही नाम हैं. बेहतरीन इतिहास के बावजूद वेस्टइंडीज के खिलाड़ी अब टेस्ट की जगह टी20 फॉर्मेट को अधिक तरजीह दे रहे हैं. इस कारण टीम का प्रदर्शन टेस्ट में लगातार गिरा है. 2005 से 2007 के बीच टीम ने लगातार 7 सीरीज गंवाई थी.