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प्राइवेट प्रैक्टिस पर रोक लगाने के बाद डॉक्टरों ने जॉब को किया बाय बाय


Updated: April 21, 2017, 1:02 PM IST
प्राइवेट प्रैक्टिस पर रोक लगाने के बाद डॉक्टरों ने जॉब को किया बाय बाय
File Photo: News18.com

Updated: April 21, 2017, 1:02 PM IST
टीएमएच के डॉक्टरों की निजी प्रैक्टिस पर रोक के साईड इफेक्ट्स जारी हैं. गुरुवार को जहां एक डॉक्टर ने इस्तीफा दे दिया, वहीं शुक्रवार को सात डॉक्टरों के इस्तीफा की पुष्टि हो गई है.

कारणों पर नो कमेंट

टीएमएच से डॉक्टरों का इस्तीफा जारी है. अब तक कुल मिलाकर सात डॉक्टरों ने इस्तीफा दे दिया है जिसकी पुष्टि टाटा स्टील कॉरपोरेट कम्युनिकेशन ने भी कर दी है. सबसे पहले न्यूरो विभाग के डॉ. एमएन सिंह के इस्तीफे की खबर सामने आयी. उसके बाद एक दिन में छह और डॉक्टरों के इस्तीफे की खबर आ गई. हालांकि कम्युनिकेशन ने इस्तीफे के कारणों पर  टिप्पणी से इंकार किया है.

क्या है मामला

टीएमएच प्रबंधन ने टीएमएच के डॉक्टरों के निजी प्रैक्टिस पर रोक लगाते हुए 14 अप्रैल को जोर शोर से टीएमएच प्राईम कार्यक्रम को लॉन्च किया था. इस प्रोग्राम के तहत टीएमएच के डॉक्टरों को टीएमएच के ओपीडी में ही शाम को निजी प्रैक्टिस की सुविधा मिलनी थी. टाटा स्टील के कॉरपोरेट सर्विसेज़ के वाईस प्रेसीडेंट सुनील भाष्करण ने इस सेवा को लॉंन्च करते हुए ये खुलकर स्वीकार किया था कि निजी प्रैक्टिस पर लगाम लगाने के लिए ही ये कवायद की गई है. लेकिन जिस तरह से टीएमएच के डॉक्टरों का इस्तीफा जारी है, लगता है डॉक्टर किसी भी कीमत पर अपनी प्राईवेट प्रैक्टिस छोड़ने को तैयार नहीं.

इन  डॉक्टरों ने दिया इस्तीफा

डॉ. एमएन सिंह, न्यूरो, डॉ. केवी सेबेस्टियन, डेंटल, डॉ. इंद्रजीत घोष, डेंटल, डॉ. पीयूष जैन, ऑर्थो, डॉ. अजय कुमार गुप्ता, डॉ. अमोल पात्रा, सर्जरी और  डॉ. भट्टा मिश्रा, स्किन.
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