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जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम में घपला , गर्भवती महिलाओं को सौ की जगह पचास रुपए का खाना

Upendra Kumar | ETV Bihar/Jharkhand
Updated: May 20, 2017, 8:12 AM IST
जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम में घपला , गर्भवती महिलाओं को सौ की जगह पचास रुपए का खाना
झारखंड के सरकारी अस्पतालों में सरकारी योजना के अनुसार गर्भवती महिलाओं को नहीं दिया जा रहा पौष्टक आहार
Upendra Kumar | ETV Bihar/Jharkhand
Updated: May 20, 2017, 8:12 AM IST
झारखंड में मां और शिशु दोनों की सेहत ठीक रहे इसके लिए केन्द्र सरकार ने जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम चला रखा है. जेएसएसके के नाम से इस योजना के तहत अस्पतालों में संस्थागत डिलिवरी करानेवाली महिलाओं के लिए सामान्य रोगियों से दोगुनी राशि का भोजन उपलब्ध कराती है. पर इस योजना के तहत विशेष भोजन की जगह सामान्य भोजन देकर हर साल करोड़ों की राशि का बंदरबांट कर लिया जा रहा है

बता दें कि कुपोषित झारखंड की माताएं और उनका शिशु स्वस्थ रहे इसके लिए सरकारी अस्पताल में प्रसव कराने वाली माताओं को ज्यादा प्रोटीनस फूड दिया जाना है मगर ऐसा नहीं हो रहा.

इसका प्रमाण सदर अस्पताल ,रांची में ही प्रसूता महिलाओं को दिए जा रहे खाने की गुणवत्ता से मिल जाता है. सदर अस्पताल में सीमा देवी ने कहा कि खाना में दाल, चावल और सब्जी है और दाल थोड़ा कम ही है.

सूबे में हर वर्ष तीन लाख के करीब माताओं का प्रसव सरकारी अस्पताल में होता हैयानी प्रति महिला 50 रुपए के हिसाब से बंदरबांट का आंकड़ा हर वर्ष डेढ करोड़ का हो जाता है

झारखंड की स्वास्थ्य सेवा के निदेशक प्रमुख डॉ प्रवीण चंद्रा स्वीकारते हुए कहते हैं कि गाइडलाइन की जानकारी नहीं होने के कारण 50 रुपए का खाना दिया जा रहा है. लेकिन अब सभी को जानकारी दे दी गई है.

गर्भवती महिलाओं को पोषक तत्वों से परिपूर्ण भोजन के नाम पर केन्द्र से मिलनेवाली राशि की बंदरबांट एक बड़े घपले की ओर संकेत देता है
First published: May 20, 2017
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