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मधुमक्खी के छत्ते से बनाई दवा, गंभीर बीमारियों के इलाज में आएगी काम

ETV MP/Chhattisgarh
Updated: May 18, 2017, 8:53 PM IST
मधुमक्खी के छत्ते से बनाई दवा, गंभीर बीमारियों के इलाज में आएगी काम
जीवाजी यूनिवर्सिटी की कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला
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Updated: May 18, 2017, 8:53 PM IST
मध्यप्रदेश के ग्वालियर में स्थित जीवाजी यूनिवर्सिटी के जूलॉजी डिपार्टमेंट ने मधुमक्खी के छत्ते से एंटी बैक्टिरियल दवा बनाई है. इस दवा से हेपेटाइटिस, लिवर सिरोसिस जैसी गंभीर बीमारियों का कारगर इलाज होने की उम्मीद है. दवा का चूहों पर इस्तेमाल किया जा चुका है, जिसके बेहतर परिणाम आए हैं. साथ ही यूनिवर्सिटी ने दवा के फॉर्मूले को पैटेंट कराने के लिए दावा भी पेश कर दिया है.

जीवाजी यूनिवर्सिटी की कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला के अनुसार यहां हुए एक रिसर्च के मुताबिक मधुमक्खी के छत्ते से मिलने वाले प्रोपॉलिस में एंटी बैक्टीरियल तत्व होते हैं इनसे लिवर संबंधी बीमारियों सिरोसिस, हेपेटाइटिस की दवा का फॉर्मूला बनाया गया है.

इस फार्मूलें को फिलहाल चूहों पर टेस्ट किया गया है, जिसके रिजल्ट सकरात्मक आए हैं. रिसर्च साल 2009 से चल रहा था. रीजनल रिसर्च लैबोरेटरी जम्मू, एम्स और नेशनल डोप टेस्टिंग लैबोरेटरी में भी दवा के फॉर्मूले के अलग-अलग फेज का सफल परीक्षण किया जा चुका है. जेयू ने दवा के फॉर्मूले को पैटेंट कराने के लिए दावा भी पेश कर दिया है. जिसमें पैटेंट कमेटी की क्यूरीज के जवाब भी दिए जा चुके हैं.

छत्ते में कैसे बनता है प्रोपॉलिस

मधुमक्खी जब छत्ता बनाती है तो उसमें वैक्स के बीच में कुछ गैप रह जाता है. इस जगह को मधुमक्खी फूलों के परागकणों से लिए गए प्रोपॉलिस से भरती है. प्रोपॉलिस में एंटी बैक्टीरियल तत्व क्वेरिसिटिन, रुटिन, सिनेमिक एसिड, इलैजिक एसिड, रेसवरसोट्रोल के साथ-साथ एस्टर, एल्डिहाइड और कीटोन्स जैसे तत्व होते हैं. रानी मक्खी जब अंडा देती है तो यही एंटीबैक्टीरियल तत्व उसकी वाइरस से रक्षा करते हैं. मधुमक्खी के प्रोपॉलिस में 300 एंटी बैक्टीरियल तत्व होते हैं.
First published: May 18, 2017
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