Home /News /maharashtra /

shivsena political crisis aaditya thackeray says betrayal of the rebels cannot be forgotten

'बागियों का विश्वासघात भुलाया नहीं जा सकता', आदित्य ठाकरे बोले- ये लड़ाई सत्य और असत्य के बीच की

बागी विधायकों ने धोखा दिया और इसे भुलाया नहीं जा सकता- आदित्य ठाकरे (File Photo)

बागी विधायकों ने धोखा दिया और इसे भुलाया नहीं जा सकता- आदित्य ठाकरे (File Photo)

Aditya Thackeray: महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे के बेटे और राज्य सरकार में मंत्री आदित्य ठाकरे ने कहा कि, शिवसेना के बागी विधायकों के विश्वासघात को नहीं भुलाया जाएगा. ये सत्य और असत्य के बीच की लड़ाई है.

मुंबई: महाराष्ट्र सरकार के मंत्री आदित्य ठाकरे (Aditya Thackeray) ने कहा कि, उद्धव ठाकरे की शिवसेना और एकनाथ शिंदे की शिवसेना के बीच जारी गतिरोध सत्य और असत्य के बीच की लड़ाई है. शिवसेना के बागी विधायकों के विश्वासघात को नहीं भुलाया जाएगा. आदित्य ठाकरे ने यह बयान पार्टी मुख्यालय में महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के बाद दिया.

महाराष्ट्र में मंगलवार से यह राजनीतिक संकट जारी है और रोजाना तेजी से घटनाक्रम बदल रहा है.पहले बैकफुट पर आई शिवसेना अब पूरी ताकत से इस सियासी विद्रोह से लड़ रही है. शनिवार को राष्ट्रीय कार्यकारिणी ने उद्धव ठाकरे को बागी विधायकों के खिलाफ कार्रवाई करने का अधिकार दिया और यह भी तय किया गया कि शिवसेना या बालासाहेब ठाकरे के नाम का इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

शिवसेना राष्ट्रीय कार्यसमिति ने पारित किए 3 प्रस्ताव

इससे पहले राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक में तीन बड़े प्रस्ताव पारित किये गए. सूत्रों के अनुसार पहले प्रस्ताव में कहा गया है कि शिवसेना में सभी तरह के निर्णय लेने के सभी अधिकार पार्टी के प्रमुख उद्धव ठाकरे के पास रहेंगे. दूसरे प्रस्ताव के तहत किसी के भी द्वारा बालासाहेब ठाकरे और शिवसेना के नाम का इस्तेमाल करने पर रोक लगाई गई. जबकि तीसरे प्रस्ताव में कहा गया कि पार्टी में गद्दारी करने वालों पर कार्रवाई करने का भी अधिकार पार्टी प्रमुख के पास ही रहेगा.

’40 विधायक, 70 रूम, 3 चार्टेड प्लेन’, बागी विधायकों की सुविधा पर खर्च हुआ इतना पैसा

इन सभी प्रस्तावों को स्वीकार कर लिया गया है. उद्धव ठाकरे ने कहा कि शिवसेना, कांग्रेस, एनसीपी का गठबंधन है और चल रहा है. इसके साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा से हाथ मिलाने का सवाल ही नहीं है.

वहीं शिवसेना के बागी विधायक दीपक केसरकर ने कहा कि उन्होंने शिवसेना नहीं छोड़ी है, लेकिन अपने समूह का नाम शिवसेना (बालासाहेब) रखा है. क्योंकि हम बाल ठाकरे की विचारधारा में विश्वास रखते हैं.

Tags: CM Uddhav Thackeray, Shivsena

विज्ञापन

राशिभविष्य

मेष

वृषभ

मिथुन

कर्क

सिंह

कन्या

तुला

वृश्चिक

धनु

मकर

कुंभ

मीन

प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
और भी पढ़ें
विज्ञापन

टॉप स्टोरीज

अधिक पढ़ें

अगली ख़बर