Sports Podcast: रणजी ट्रॉफी में 41 बार की चैंपियन मुंबई को हरा मध्‍य प्रदेश ने रचा स्वर्णिम इतिहास

नमस्कार... न्यूज़18 हिन्दी पाॅडकास्ट के वीकली स्पोर्ट्स बुलेटिन में आपका स्वागत है. बुलेटिन के साथ हाज़िर है नवीन श्रीवास्तव.... शुरूआत करते है रणजी ट्रॉफी 2021-22 में पहली बार चैंपियन बनी मध्यप्रदेश टीम के स्वर्णिम व ऐतिहासिक प्रदर्शन पर. मध्य प्रदेश ने इतिहास रचते हुए 41 बार की चैंपियन मुंबई को रणजी ट्रॉफी के फाइनल मुकाबले में 6 विकेट से हराकर पहली बार ट्रॉफी पर कब्जा किया. मैच के पांचवें और अंतिम  दिन मध्यप्रदेश को  जीत के लिए मात्र 108 रनों का लक्ष्य मिला, जिसे टीम ने 30वें ओवर की पांचवीं ही गेंद पर ही हासिल कर लिया. मध्य प्रदेश की इस जीत के हीरो यश दुबे, शुभम शर्मा और रजत पाटीदार रहे जिन्होंने शानदार शतकीय पारियां खेलकर टीम को पहली पारी में बढ़त दिलाई थी.

अधिक पढ़ें ...

तेईस साल पहले यानी 1998-99 में चंद्रकांत पंडित की कप्तानी में मध्यप्रदेश की टीम रणजी ट्रॉफी के फाइनल में पहुंची थी, लेकिन उसे कर्नाटक ने हराया था. बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेले गए रणजी ट्रॉफी 2021-22 के खिताबी मुकाबले में पहली पारी में 162 रनों से पिछड़ने के बाद हाथ से लगभग ट्रॉफी फिसलते देख मुंबई के पास एक ही चारा बचा था, वह था दूसरी पारी में तेज़ गति से रन बनाकर सीधी जीत हासिल करने की कोशिश करना, लेकिन इस प्रयास में मुंबई की टीम अपनी दूसरी पारी में सिर्फ 269 रन बनाकर पैवेलियन लौट गई.

ऐसे में, पहली पारी की बढ़त के आधार पर चैंपियन बनने की ओर बढ़ रही मध्यप्रदेश टीम को सीधी जीत दर्ज कर खिताब जीतने का एक सुनहरा मौका मिल गया. मध्यप्रदेश को जीत के लिए मैच के अंतिम दिन 50 से अधिक ओवरों में मात्र 108 रनों का लक्ष्य मिला, जो उसने चार विकेट खोकर आसानी से प्राप्त कर स्वर्णिम सफलता अर्जित करते हुए रणजी ट्रॉफी के इतिहास में एक सुनहरा पन्ना जोड़ दिया. आदित्य श्रीवास्तव के नेतृत्व वाली मध्यप्रदेश की टीम की सफलता का श्रेय कोच चंद्रकांत पंडित को दिया जा रहा है.

रणजी ट्रॉफी 2022 के खिताबी मुकाबले पर थोड़े विस्तार के साथ बात करें तो मुंबई ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए अपनी पहली पारी में 374 रन बनाए. इस रणजी सत्र में सबसे अधिक रन बनाने वाले सरफराज ख़ान ने एक फिर बल्ले से ज़बर्दस्त प्रदर्शन किया और 134 रनों की शानदार शतकीय पारी खेली. यशस्वी जयसवाल ने 78 रनों का योगदान दिया. मध्यप्रदेश के लिए सबसे अधिक चार विकेट गौरव कुमार ने लिए. अनुभव अग्रवाल को तीन विकेट लेने में सफलता मिली.

मुंबई की पहली पारी 374 रनों के जवाब में मध्यप्रदेश ने यश दुबे 133, रजत पाटीदार 122 और शुभम शर्मा 116 रनों की शानदार व यादगार शतकीय पारियों की बदौलत अपनी पहली पारी में 536 रनों का विशाल स्कोर बनाकर मैच पर अपनी पकड़ मज़बूत कर ली. मुंबई की ओर से इस रणजी ट्रॉफी में सबसे अधिक विकेट लेने वाले शम्स मुलानी पांच विकेट सबसे सफल गेंदबाज़ रहे. पहली पारी के आधार पर 162 रनों से पिछड़ने के बाद मुंबई की दूसरी पारी 269 रनों पर ही सिमट गई. मध्यप्रदेश की ओर से कुमार कार्तिकेय ने सबसे अधिक चार विकेट लिए. मध्यप्रदेश ने जीत के लिए 108 रनों  का लक्ष्य 29.5 ओवर में  चार विकेट खोकर हासिल कर लिया.

मध्यप्रदेश टीम का इस पूरे रणजी सत्र के दौरान ज़बर्दस्त प्रदर्शन रहा. पहले तो एलीट ग्रुप ए के लीग मैचों में मध्यप्रदेश ने तीन मैचों में दो जीत और एक मैच ड्रॉ खेलकर ग्रुप में शीर्ष स्थान प्राप्त कर प्लेऑफ के लिए क्वालिफाई किया. इसके बाद, प्लेऑफ मैचों में टीम के शानदार प्रर्दशन का दौर बदस्तूर जारी रहा और मध्यप्रदेश ने अल्लूर में खेले गए क्वार्टर फाइनल मुकाबले में मज़बूत पंजाब को 10 विकेट से और फिर सेमीफाइनल मैच में बंगाल जैसी सशक्त टीम को 174 रनों से करारी शिकस्त देकर न सिर्फ खिताबी मुकाबले के लिए स्थान बनाया, बल्कि फाइनल में 41 बार की चैंपियन मुंबई को चारों खाने चित कर ट्रॉफी पर क़ब्ज़ा किया.

मध्यप्रदेश की टीम पहली बार रणजी ट्रॉफी चैंपियन बनी है. इससे पहले, होल्कर टीम ने 1945-46 में पहली बार खिताब जीता था, जबकि 1947-48, 1950-51 और 1952-53 में भी खिताब अपने नाम किया था. मध्य प्रदेश के नाम यह पहला खिताब है.

रणजी ट्रॉफी के 88 सालों के इतिहास में पहली बार मध्य प्रदेश के रणजी चैंपियन बनने पर टीम के लिए बधाइयों का तांता लगा हुआ है. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान ने कहा कि, ‘पहली बार कई बार की विजेता मुंबई को हराकर मध्य प्रदेश की टीम ने रणजी ट्रॉफी जीत कर कमाल कर दिया है. हम सब गदगद, प्रसन्न और भावविभोर हैं. मैं टीम के कोच चंद्रकांत पंडित, कप्तान आदित्य श्रीवास्तव एवं समस्त टीम को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देता हूं. पूरी क्रिकेट टीम का राजधानी भोपाल में भव्य स्वागत व नागरिक अभिनंदन किया जाएगा. क्रिकेट का एक नया इतिहास रचने वाले हमारे क्रिकेट-वीर रणबांकुरों का भव्य स्वागत होगा.‘

वर्तमान समय में दो भारतीय क्रिकेट टीमें अलग-अलग दौरे पर हैं. हार्दिक पांड्या की कप्तानी में एक टीम आयरलैंड में दो मैचों की टी-20 सीरीज खेल रही है तो वहीं रोहित शर्मा के नेतृत्व में दूसरी टीम इंग्लैंड में आगामी टेस्ट मैच की तैयारी में जी-जान से जुटी हुई है. दोनों ही टीमों के खिलाड़ियों की चोट ने टीम मैनेजमेंट की मुश्किलें बढ़ाई हैं. केएल राहुल जहां चोट के कारण इंग्लैंड दौरे से पहले से ही बाहर हो चुके हैं, वहीं कप्तान रोहित शर्मा भी कोरोना की चपेट में आ गए हैं. अब आयरलैंड दौरे पर ऋतुराज गायकवाड़ चोटिल हो गए हैं.

भारत और इंग्लैंड के बीच 2021 की पांच मैचों की टेस्ट सीरीज का आखिरी मैच कोविड-19 के चलते स्थगित करना पड़ा था. भारत सीरीज में 2-1 से बढ़त बनाए हुए है. इस सीरीज का अंतिम टेस्ट मैच अब 1 जुलाई से खेला जाना है.  रोहित शर्मा इस मैच के लिए उपलब्‍ध रहेंगे या नहीं, इस पर संशय बना हुआ है. ऐसा माना जा रहा है कि रोहित अगर यह मैच नहीं खेल पाते हैं तो जसप्रीत बुमराह ही टीम की कमान संभालेंगे. केएल राहुल पहले ही चोट के चलते इस मैच का हिस्सा नहीं हैं. अगर रोहित भी नहीं उपलब्ध होते हैं, तो उनकी जगह मयंक अग्रवाल शुभमन गिल के साथ पारी की शुरूआत कर सकते हैं.

भारत और आयरलैंड के दो मैचों की टी20 सीरीज के तहत बारिश से बाधित पहला मैच 12-12 ओवरों का खेला गया. भारत ने यह मैच आसानी से सात विकेट से जीता. आयरलैंड ने पहले बल्लेबाज़ी करते हुए  निर्धारित 12 ओवरों में 4 विकेट पर  108 रन बनाए. हैरी टेक्टर ने नाबाद 64 रनों की शानदार अर्धशतकीय पारी खेली. भारत की ओर से भुवनेश्वर कुमार, हार्दिक पांड्या, यज़ुवेन्द्र चहल और आवेश ख़ान ने  1-1 विकेट लिया. भारत ने जीत के लिए मिले 109 रनों के लक्ष्य को मैच की 16 गेंद शेष रहते तीन विकेट खोकर हासिल कर लिया. दीपक हुड्डा ने सबसे अधिक नाबाद 47 रन बनाए. ईशान किशन ने 26 कप्तान हार्दिक पांड्या ने 24 रनों का योगदान दिया. दिनेश कार्तिक 5 रन बनाकर नाबाद रहे. आयरलैंड की ओर से क्रेग यंग ने 2 विकेट लिए.

-भारत और आयरलैंड के बीच डबलिन में खेले गए पहले टी20 मुकाबले में भुवनेश्वर कुमर ने एक नया रिकाॅर्ड बनाया. भुवनेश्वर को आयरलैंड के खिलाफ एकमात्र विकेट पावरप्ले में मिला और इसी के साथ भुवनेश्वर के नाम टी20 पावरप्ले में अब 34 विकेट हो गए हैं और वह पहले 6 ओवर में सबसे ज्यादा विकेट चटकाने वाले गेंदबाजों में पहले नंबर पर हैं.

बांग्लादेश और वेस्टइंडीज के बीच सेंट लूसिया में दूसरे टेस्ट के तीसरे दिन मेजबान टीम के तेज गेंदबाज केमार रोच ने अपने नाम बड़ी उपलब्धि दर्ज की. बांग्लादेश के खिलाफ दूसरी पारी में तमीम इकबाल का विकेट लेते ही रोच  ने वेस्टइंडीज के पूर्व तेज गेंदबाज माइकल होल्डिंग 249 विकेट को पीछे छोड़ते हुए टेस्ट क्रिकेट में अपने 250 विकेट पूरे कर लिए. ऐसा करने वाले वह वेस्टइंडीज के मात्र छठवें गेंदबाज हैं. वेस्टइंडीज़ के लिए सबसे अधिक 519 विकेट कर्टनी वॉल्श ने लिए हैं.  कर्टली एम्ब्रोस 405 के साथ दूसरे, मैल्कम मार्शल 376 के साथ तीसरे, लॉन्स गिब्स 309 विकेट लेकर चैथे और जोएल गार्नर 259 विकेट के साथ पांचवें नंबन पर हैं.

और अंत में …..दीपिका कुमारी, अंकिता भगत और सिमरनजीत कौर की भारतीय महिला रिकर्व टीम ने रविवार को विश्व कप के तीसरे चरण में एकतरफा फाइनल में चीनी ताइपे की तिकड़ी से हारकर रजत पदक हासिल किया. भारत ने इस तरह प्रतियोगिता में अपना अभियान एक स्वर्ण और दो रजत पदक से समाप्त किया. इनमें से दो पदक कम्पाउंड वर्ग में मिले थे.

न्यूज़ 18 हिन्दी पाॅडकास्ट के साप्ताहिक स्पेशल स्पोर्ट्स बुलेटिन में आज इतना ही.  ताजतरीन खेल खबरों  के साथ हम फिर हाज़िर होंगे. तब के लिए नवीन श्रीवास्तव को इजाज़त दीजिए. नमस्कार.

Tags: Cricket news, News18 Podcast, Podcast

विज्ञापन

राशिभविष्य

मेष

वृषभ

मिथुन

कर्क

सिंह

कन्या

तुला

वृश्चिक

धनु

मकर

कुंभ

मीन

प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
और भी पढ़ें
विज्ञापन

टॉप स्टोरीज

अधिक पढ़ें

अगली ख़बर