होम /न्यूज /अजब गजब /जहां ग्रामीणों को वोटिंग नहीं करने पर देना पड़ता है जुर्माना

जहां ग्रामीणों को वोटिंग नहीं करने पर देना पड़ता है जुर्माना

यदि कोई ग्रामीण किसी आवश्यक काम से गांव से बाहर है अथवा वह किसी अन्य जरूरी कारण से मतदान नहीं कर सकता है तो उस पर जुर्माना नहीं लगाया जाता है।

यदि कोई ग्रामीण किसी आवश्यक काम से गांव से बाहर है अथवा वह किसी अन्य जरूरी कारण से मतदान नहीं कर सकता है तो उस पर जुर्माना नहीं लगाया जाता है।

यदि कोई ग्रामीण किसी आवश्यक काम से गांव से बाहर है अथवा वह किसी अन्य जरूरी कारण से मतदान नहीं कर सकता है तो उस पर जुर्म ...अधिक पढ़ें

    राजकोट। गुजरात विधानसभा चुनाव की गहमागहमी के बीच राजकोट जिले के राजसमाधियाला गांव के ग्रामीण प्रत्येक मतदाता के हर हाल में मतदान करने की गांव की अनूठी परंपरा को बनाए रखने के लिए काम कर रहे हैं।

    राजकोट भवनगर राजमार्ग पर स्थित इस गांव के लोग हर स्थिति में मतदान करते हैं और यदि कोई मतदान नहीं कर सका तो उसे जुर्माना भरना पड़ता है। इस छोटे से गांव में आजकल यही गहमागहमी है कि 13 दिसंबर को विधानसभा के पहले चरण के मतदान के लिए हर मतदाता वोट डाले।

    गांव विकास समिति, वीसीडी के अध्यक्ष हरदेसिंह जडेजा ने बताया कि गांव के हर नागरिक के लिए जरूरी है कि वह मतदान करे और जो ग्रामीण मतदान नहीं करता है उस पर ग्राम समिति 51 रुपए का जुर्माना लगाती है। यदि कोई ग्रामीण किसी आवश्यक काम से गांव से बाहर है अथवा वह किसी अन्य जरूरी कारण से मतदान नहीं कर सकता है तो उस पर जुर्माना नहीं लगाया जाता है।

    इस गांव में करीब एक हजार मतदाता हैं और पिछले चुनाव में इस गांव में करीब 80 प्रतिशत मतदान हुआ। जडेजा ने कहा कि उनके गांव में सरपंच का चुनाव नहीं होता है बल्कि उसका चयन होता है। जडेजा राजकोट मार्केटिंग यार्ड के अध्यक्ष भी हैं। गांव में पेड़ काटने, शराब पीने अथवा गुटका के इस्तेमाल, जुआ खेलने, चुडैल जैसी गतिविधि को बढ़ावा देने और सार्वजनिक स्थल पर पटाखे फोड़ने पर भी प्रतिबंध है।

    इन्हीं सब की वजह से पिछले कई सालों से इस गांव में कोई आपराधिक घटना नहीं हुई और किसी ग्रामीण के खिलाफ मामला दर्ज नहीं किया गया। इस गांव को 2009 में निर्मल ग्राम पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया है।


    Tags: Election, Gujarat, Rajkot

    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें