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VIDEO: जब आसमान से झील में बरसीं मछलियां ही मछलियां, शानदार है ये नज़़ारा

हजारों की संख्या में मछलियां झील में बरसने का वीडियो खूब वायरल हो रहा है. (Credit- Utah Division of Wildlife Resources)

हजारों की संख्या में मछलियां झील में बरसने का वीडियो खूब वायरल हो रहा है. (Credit- Utah Division of Wildlife Resources)

आसमान से हो रही मछलियों की बारिश (Fishes Raining from the sky) का शानदार वीडियो सोशल मीडिया (Amazing Video of Raining Fishes) पर खूब वायरल हो रहा है. आप भी इसे देखिए.

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    मछलियों की बारिश? सुनकर ये थोड़ा अजीब लग रहा होगा लेकिन उताह (Utah) में ऐसा हुआ है. अब आप ये मत सोचिए कि ये मछलियां ज़मीन पर गिरकर मर रही होंगी. दिलचस्प बात ये है कि आसमान से बरस (Fishes drpped from plane) रही इन मछलियों में से 95 फीसदी मछलियां स्वस्थ हैं, क्योंकि ये सीधा झील (Fishes Dropped in Lake) में गिर रही थीं.

    दरअसल ये रिवाज़ उताह में कई दशकों से चला आ रहा है. यहां एक प्लेन के ज़रिये टैंकों में भरकर मछलियों को झील में बरसाया (Video of raining fishes) जाता है. सीधा झील के पानी में गिरने वाली इन मछलियों का सर्वाइवल रेट भी कम नहीं है. Utah Division of Wildlife Resources की ओर से इस पूरी प्रक्रिया का वीडियो शेयर किया गया है. वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है.



    हवा में उड़ती हुई गिरती हैं मछलियां
    उताह के एक किनारे पर बनी इस झील में वॉटर मैमल्स को ज़िंदा रखने के लिए मछलियों की बारिश यहां हर साल की जाती है. एक लो फ्लाइंग प्लेन के ज़रिये Utah Division of Wildlife Resources की ओर से 35 हजार मछलियों को हवा से झील में डाला गया. प्लेन का हैच खोलने से पहले ये देख लिया जाता है कि प्लेन झील से काफी कम ऊंचाई पर हो, ताकि मछलियां मरें नहीं. ये मछलियां करीब एक से तीन इंच लंबी होती हैं. इन्हें एक बड़ी बाल्टी में डालकर प्लेन में रखा जाता है. जब प्लेन झील के पास पहुंच जाता है तो पायलट ट्रैप डोर खोले हैं और मछलियां सीधा पानी में गिरने लगती हैं.

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    1950 से चली आ रही है परंपरा
    Facebook पर इस शानदार वीडियो को शेयर करते हुए पर्यावरण संरक्षण संस्था की ओर से बताया गया है कि झील जहां मौजूद है, वहां गाड़ियां नहीं जा सकती हैं. ऐसे में यहां फिश स्टॉकिंग के लिए एरियल वे का सहारा लिया जाता है. Aerial Fish Stocking का ये तरीका 50 के दशक से यहां चल रहा है. कुछ लोगों को ये चिंता ज़रूर हुई कि मछलियां ज़िंदा बचती भी होंगी या नहीं तो विभाग की ओर से ये भी साफ किया गया है कि 95 फीसदी मछलियां झील में सही सलामत रहती हैं. एक बार में यहां 35 हजार मछलियां डाली जाती हैं. पहले यहां घोड़ों पर लादकर मिल्क केन में मछलियां लाई जाती थीं, फिर बाद में छोटे प्लेन से इन्हें यहां पहुंचाया जाने लगा.

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