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चमत्कार ! वैज्ञानिकों के लिए पहेली बना प्राचीन शिव मंदिर, कभी बुझती ही नहीं अग्निकुंड की अखंड ज्वाला

चमत्कार ! वैज्ञानिकों के लिए पहेली बना प्राचीन शिव मंदिर, कभी बुझती ही नहीं अग्निकुंड की अखंड ज्वाला

बांग्लादेश हिंदू यूनिटी काउंसिल (Bangladesh Hindu Unity Council) ने अपने ट्विटर अकाउंट से मंदिर की तस्वीरें शेयर की हैं. (Credit- Twitter)

बांग्लादेश हिंदू यूनिटी काउंसिल (Bangladesh Hindu Unity Council) ने अपने ट्विटर अकाउंट से मंदिर की तस्वीरें शेयर की हैं. (Credit- Twitter)

प्राचीन शिव मंदिर (Shiv Mandir) के अग्निकुंड में लगातार ज्वाला (constant flame without source) धधकती रहती है. चिट्टागांव में मौजूद मंदिर में ज्वाला का लगातार जलना वैज्ञानिकों (Miracle Flame in Shiv Temple) को भी दंग कर रहा है.

  • News18Hindi
  • Last Updated :

    हिंदू धर्म के आराध्य देव शिवशंकर को चमत्कारों का स्वामी माना गया है. सिर्फ भारत में ही नहीं पड़ोसी देशों में भी महादेव के तमाम मंदिर मौजूद हैं. फिर चाहे वो पाकिस्तान हो, अफगानिस्तान हो या फिर बांग्लादेश. इन दिनों सोशल मीडिया (Social Media) पर पड़ोसी देश बांग्लादेश (Bangladesh) का ऐसा ही प्राचीन शिव मंदिर (Shiv Mandir) छाया हुआ है, जो चमत्कारिक है.

    इस प्राचीन शिव मंदिर में मौजूद अग्निकुंड की ज्वाला सामान्य लोगों के साथ वैज्ञानिकों को भी हैरत में डाल रही है. लोगों की आस्था का केंद्र बने हुए शिव मंदिर में भक्त आज भी पहुंचते हैं और इस दिव्य ज्वाला के दर्शन करते हैं, जो अनवरत मंदिर के कुंड में जलती रहती है. न तो इसका स्रोत पता है, न ही इसमें ईंधन पड़ता है, फिर भी ज्वाला का अखंड रूप से जलना चमत्कार ही है.

    Twitter पर शेयर हुईं तस्वीरें
    इस अद्भुत मंदिर के बारे में ज्यादा लोगों को जानकारी भी नहीं थी. जब बांग्लादेश हिंदू यूनिटी काउंसिल (Bangladesh Hindu Unity Council) ने अपने ट्विटर अकाउंट से मंदिर की तस्वीरें शेयर कीं, तो देखने वालों को यकीन हीं नहीं हुआ. ये मंदिर पूरी दुनिया के लिए आश्चर्य का केंद्र बना हुआ है. बांग्लादेश हिंदू यूनिटी काउंसिल ने शिव मंदिर की तस्वीरें झा करते हुए लिखा है- ‘अग्निकुंड महादेव मंदिर. महादेव का ये प्राचीन मंदिर है, जो चिट्टागांव में स्थित है. इस मंदिर से हमेशा आग की एक ज्वाला निकलती रहती है. अभी तक कोई पुरातत्वविद इस आग के स्रोत का पता नहीं लगा पाया है.’ मंदिर को ‘अग्निकुंड महादेव मंदिर’ (Agnikund Mahadev Temple) का नाम दिया गया है.

    अनसुलझी पहेली बनी मंदिर की ज्वाला
    काउंसिल (Bangladesh Hindu Unity Council) ने इस बात को भी अपने ट्विटर अकाउंट पर लिखा है कि अग्निकुंड की ज्वाला का स्रोत पुरातत्वविद भी नहीं जान पाए हैं. तस्वीरों में साफ-साफ मंदिर के अग्निकुंड में ज्वाला को देखा जा सकता है. इस पोस्ट पर लोगों ने ‘हर-हर महादेव’ लिखना शुरू कर दिया, वहीं कुछ लोगों ने मंदिर की सुरक्षा के प्रति चिंता ज़ाहिर की है. बांग्लादेश के प्राचीन शिव मंदिर (Agnikund Mahadev Temple) के अलावा श्रीलंका (Srilanka) और कंबोडिया (Combodia) में भी कई विशाल शिव मंदिर पाए गए हैं. श्रीलंका में मौजूद ढाई मील लंबे और 650 फीट चौड़े मंदिर को तो यूनेस्को की विश्व धरोहरों में भी गिना जाता है. वहीं कंबोडिया में बने विष्णु भगवान के मंदिर में अब भी पूजा की जाती है और दुनिया के सबसे बड़े हिंदू मंदिरों में से एक है.

    Tags: Bangladesh, Hindu Temple, Shiva Temple

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