सावधान! दिल्ली आपके बच्चों को मौत के करीब ले जा रही है

सेंटर फॉर साइंस एंड एन्वायरमेंट (CSE) की एक रिपोर्ट में सामने आया है कि दिल्ली का हर तीसरा बच्चा फेफड़ों से जुड़ी किसी न किसी बीमारी की चपेट में है. स्कूल जाने वाले दिल्ली के करीब 45 लाख बच्चों के लिए अब ये शहर रहने लायक नहीं रह गया है.

News18Hindi
Updated: December 5, 2017, 5:34 AM IST
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Updated: December 5, 2017, 5:34 AM IST
दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण के चलते हालात अब बेहद खराब हो चले हैं. सेंटर फॉर साइंस एंड एन्वायरमेंट (CSE) की एक रिपोर्ट में सामने आया है कि दिल्ली का हर तीसरा बच्चा फेफड़ों से जुड़ी किसी न किसी बीमारी की चपेट में है. स्कूल जाने वाले दिल्ली के करीब 45 लाख बच्चों के लिए अब ये शहर रहने लायक नहीं रह गया है.

CSE ने जारी की रिपोर्ट
CSE की 'बॉडी बर्डन' नाम की इस रिपोर्ट में कहा गया है कि दिल्ली-NCR में हर साल होने वाली अप्राकृतिक मौतों में से 61% का संबंध किसी न किसी तरह से बढ़ते वायु प्रदूषण से है. देश भर में इन मौतों का आंकड़ा करीब 19 लाख बताया गया है. वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेश की एक रिपोर्ट के मुताबिक दुनिया में हर साल वायु प्रदूषण से होने वाली बीमारियों से करीब 60 लाख लोग मारे जा रहे हैं.

बढ़ेगा अस्थमा और कैंसर का प्रकोप

इस रिपोर्ट के मुताबिक वायु प्रदूषण के चलते देश में साल 2020 तक कैंसर के 17.3 लाख नए मामले सामने आ सकते हैं. दिल्ली और अन्य प्रदूषित शहरों में रह रहे 40 साल से कम उम्र वाले 60 प्रतिशत लोगों को सांस संबंधी बीमारियां हैं. बता दें कि भारत में फिलहाल अस्थमा के 3.5 करोड़ मरीज मौजूद हैं.

सिर्फ दिल्ली ही नहीं खतरनाक!
इस रिपोर्ट में दिल्ली के आलावा देश के कई और प्रदूषित शहरों का ज़िक्र किया गया है जो बच्चों के लिए खतरनाक हैं. इन शहरों में आगरा, मुरादाबाद, लखनऊ, रोहतक, कोलकाता, और पटना भी शामिल हैं. रिपोर्ट के मुताबिक सांस संबंधित बीमारियों के बढ़ने की वजह हवा में मौजूद डर्ट पार्टिकल्स, स्मोकिंग और बदलता खानपान है.
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