भारत का वो राज्य जहां हजारों पक्षी करते हैं एक साथ सुसाइड, पहाड़ से नीचे कूद दे देते हैं जान

शाम के 6 से रात के 10 बजे ग्रुप सुसाइड करते हैं हजारों पक्षी

शाम के 6 से रात के 10 बजे ग्रुप सुसाइड करते हैं हजारों पक्षी

भारत में बंगाल असेंबली इलेक्शन (Bengal Assembly Election 2021) के नतीजों को लेकर माहौल गर्म हो चुका है. मतगणना (Counting) शुरू हो चुकी है. बंगाल से सटे असम में भी आज असेंबली इलेक्शन का नतीजा आना है. असं में बसा वैली ऑफ डेथ (Valley Of Death) भी अक्सर चर्चा में रहता है. ये जगह चर्चित है एक साथ हजारों चिड़ियों द्वारा सुसाइड (Suicide) करने की वजह से.

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बंगाल से सटे असम में वैली ऑफ़ डेथ चर्चित है. ये जगह गुवाहाटी के डिमा हसाओ (Dima Hasao) जिले में मौजूद है. जिला में बसे जटिंगा गांव (Jatinga Village) में एक ऐसा पॉइंट है, जहां एक साथ हजारों चिड़िया आत्महत्या करने आती है. आज तक कोई समझ नहीं पाया कि एक साथ इतनी सारी चिड़ियां सुसाइड क्यों करती है? लेकिन बीते कई सालों से ये हजारों चिड़ियां यहां आकर पहाड़ से नीचे कूदकर जान दे देती हैं.

बेहद खूबसूरत है जटिंगा

असम के गुवाहाटी शहर से 330 किलोमीटर दूरी पर जटिंगा गांव बसा है. ये गांव अचानक तब चर्चा में आ गया था जब पता चला कि यहां एक साथ हजारों चिड़ियां सुसाइड कर लेती हैं. जटिंगा गांव की जनसंख्या करीब ढाई हजार है. इस गांव में एक बर्ड वॉचिंग सेंटर भी है. गांव चारों तरफ से ऊंचे-ऊंचे पहाड़ से घिरा हुआ है. लेकिन ये गांव अपनी खूबसूरती के कारण कम, चिड़ियों के सुसाइड की वजह से ज्यादा चर्चा में है.

ख़ास समय में करते हैं आत्महत्या
जटिंगा गांव में दूर-दूर से पक्षी आत्महत्या करने आते हैं. वैज्ञानिक भी आजतक इसका कारण समझ नहीं पाए. सबसे बड़ी बात ये है कि ना सिर्फ गांव में रहने वाले, बल्कि दूर-दूर से पक्षी भी यहां सिर्फ मरने के लिए आते हैं. ये सभी पक्षी मॉनसून के बाद यानी सितंबर से लेकर नवंबर के बीच आत्महत्या करने आते हैं. इस समय शाम को 6 बजे से लेकर रात के 10 बजे तक सुसाइड करते हैं.

आत्माओं से कनेक्ट करते हैं लोग

जटिंगा गांव की ये घटना पूरी दुनिया के लिए हैरत की बात है. वैज्ञानिक भी नहीं समझ पाए कि इस ग्रुप सुसाइड का कारण क्या है? लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि बुरी आत्माएं इन चिड़ियों से सुसाइड करवाती हैं. लोगों का कहना है कि रात होने पर हवा का दवाब पहाड़ के नीचे बढ़ता है, जिसके बाद पक्षी सुसाइड कर लेते हैं.
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