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पृथ्वी की तरफ तेजी से बढ़ रहा है विशालकाय उल्कापिंड, वैज्ञानिकों ने बताई 'तबाही की तारीख'

पृथ्वी की तरफ तेजी से बढ़ रहा है विशालकाय उल्कापिंड, वैज्ञानिकों ने बताई 'तबाही की तारीख'

स्पेस पर नजर रख रहे एस्ट्रोनॉमर्स ने आज से पहले इतना बड़ा चट्टान स्पेस में कभी नहीं देखा था

स्पेस पर नजर रख रहे एस्ट्रोनॉमर्स ने आज से पहले इतना बड़ा चट्टान स्पेस में कभी नहीं देखा था

कोरोना महामारी (CoronaVirus) के बीच स्पेस (Space) में भी हलचल कम होने का नाम नहीं ले रही. वैज्ञानिकों ने अब बताया है कि Comet C/2014 UN271 तेजी से अंतरिक्ष से पृथ्वी की तरफ बढ़ रहा है. वैज्ञानिकों (Scientists) के मुताबिक, ये उल्कापिंड इतना बड़ा है कि पहले उन्होंने इसे ग्रह समझ लिया था.

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    कोरोना की वजह से दुनिया में पहले ही कम परेशानियां नहीं हैं. इसके बावजूद आए दिन स्पेस (Space Update) से भी कुछ ना कुछ ऐसी खबरें आने लगती हैं, जो दिल की धड़कन बढ़ा देती हैं. अब नासा के वैज्ञानिकों ने खुलासा किया है कि बेहद बड़ा उल्कापिंड पृथ्वी की तरफ बढ़ रहा है. ये इतना बड़ा है कि शुरुआत में इसे ग्रह समझ लिया गया था. लेकिन इसके बाद हुई स्टडी और रिसर्च (Space Research) में उल्कापिंड निकला. हालांकि, वैज्ञानिकों ने इसके पृथ्वी से टकराने की संभावना को लेकर भी खुलासा किया है.

    एस्ट्रोनॉमर्स ने इस 62 मीटर बड़े उल्कापिंड को स्पेस से पृथ्वी की तरफ अचानक आते देखा. इससे पहले एस्ट्रोनॉमर्स ने इतना बड़ा टुकड़ा कभी नहीं देखा था. वो भी शॉक्ड हैं कि अंतरिक्ष में इतना बड़ा टुकड़ा टूटकर घूम रहा था. ऐसे में कभी उनकी नजर इस पर पहले कैसे नहीं पड़ी थी. इसे सबसे पहले 23 जून को देखा गया, जिसके बाद हड़कंप मच गया. उस समय इसे छोटा सा पत्थर माना गया लेकिन अब पता चला है कि ये एक ग्रह जितना बड़ा है. इसे चिली (Chile) के सरो तोलोलो इंटर अमेरिकन ऑब्जर्वेटरी (Cerro Tololo Inter-American Observatory) के डार्क एनर्जी कैमरा (Dark Energy Camera) से स्पॉट किया गया.

    अभी तक का सबसे बड़ा उल्कापिंड
    इसका नाम C/2014 UN271 रखा गया है. इसके अलावा इसे Bernardinelli-Bernstein नाम दिया गया है. पेंसिल्वेनिया यूनिवर्सिटी के इन दो खोजियों ने ही इसकी खोज की थी. उनके नाम पर ही इस उल्कापिंड का नामकरण किया गया है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि ये अब तक का देखा गया सबसे बड़ा उल्कापिंड है. आम तौर पर किसी उल्कापिंड को सूर्य का पूरा चक्कर लगाने में 200 साल लगते हैं. लेकिन ये बीते 6 लाख सालों से चक्कर काट रहा है.

    10 साल बाद आएगा नजदीक
    एस्ट्रोनॉमर्स ने बताया कि इस उल्कापिंड को स्टडी करने के लिए अभी उनके पास 10 साल का समय है. 23 जनवरी 2031 को ये पृथ्वी के सबसे नजदीक होगा.  हालांकि, इसके टकराने की संभावना ना के बराबर है. ये इतना बड़ा है कि अगर गलती से भी टकराने की संभावना होती तो पृथ्वी की तबाही तय थी. इसने कई एस्ट्रोनॉमर्स का ध्यान आकर्षित किया है. अब सभी इसकी स्टडी कर ज्यादा से ज्यादा जानकारी जमा करने में जुट गये हैं.

    Tags: Asteroid, Nasa, Space, Space Science

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