नींद की गोली से ठीक हो सकती है दिमागी बीमारियां? रिसर्च में सामने आये नये फैक्ट्स

रिचर्ड के दवा लेने के 20 मिनट बाद ही महत्वपूर्ण शारीरिक और मानसिक कमियां दूर हो गईं (सांकेतिक फोटो)

रिचर्ड के दवा लेने के 20 मिनट बाद ही ज्यादातर शारीरिक और मानसिक कमियां (Physical and mental deficiencies) दूर हो गई थीं. जो हमेशा व्हीलचेयर (Wheelchair), असंयम, एक फीडिंग ट्यूब पर, और पूरी तरह से नर्सिंग (Nursing) देखभाल पर निर्भर रहते थे.

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    खोजकर्ताओं (Researchers) ने एक चौंकाने वाली खोज की है. यह खोज है एक दवा के बारे में. इस दवा जॉल्पिडेम (Zolpidem) को लेने के बाद एक व्यक्ति जो एक साल से गहरे कोमा (Deep Coma) में और लकवाग्रस्त (paralyzed) स्थिति में था, वह जाग गया. यह एक 37 साल का डच आदमी था, जिस पर इस रिसर्च को अंजाम दिया गया. रिसर्च में इस आदमी का नाम सिर्फ रिचर्ड दर्ज है. दरअसल आठ साल पहले इसके गले में एक मांस का टुकड़ा फंस गया था. इस दुर्घटना से रिचर्ड के दिमाग पर चोट आई (Brain Damage) थी. वह तभी से व्हीलचेयर (Wheelchair) पर था. और बोल भी नहीं पाता था.

    इसके बाद जब उसे दिल का दौरा (Heart Attack) पड़ा तो उसके मस्तिष्क में ऑक्सीजन (Oxygen) की कमी हो गई. और वह एक गंभीर न्यूरोलॉजिकल स्थिति (neurological condition) में चला गया, इसे एकिनेटिक म्यूटिस्म (Akinetic mutism) कहा जाता है. इस आदमी के थोड़ी देर के लिए स्वस्थ होने के बाद से वैज्ञानिकों में इस नींद की दवा को लेकर उम्मीद जाग गई है कि यह दिमागी बीमारियों के इलाज में अलग-अलग तरीकों से काम आ सकती है.

    आसानी से चल और बोल नहीं पा रहे थे
    न्यूरोसर्जन डॉ हिस्सा अर्नट्स ने इस बारे में CBC को बताया कि इस दवा ने उन्हें जगा दिया, हालांकि अपनी स्थिति के बारे में उन्हें जानकारी नहीं थी और वे आसानी से न ही चल पा रहे थे और न ही बोल पा रहे थे.

    हालांकि रिचर्ड "प्रभावशाली" लेकिन अस्थायी रूप से "जागे". ऐसा तब हुआ जब एम्स्टर्डम के डॉक्टरों ने उन्हें जॉल्पिडेम (संयुक्त राज्य अमेरिका में एंबियन के रूप में भी जानी जाती है) की एक छोटी खुराक दी.

    मरीज ने थोड़ी ही देर में बोलना शुरू किया और मांगा फास्ट फूड
    रिचर्ड के दवा लेने के 20 मिनट बाद ही ज्यादातर शारीरिक और मानसिक कमियां दूर हो गई थीं. जो हमेशा व्हीलचेयर, असंयम, एक फीडिंग ट्यूब पर, और पूरी तरह से नर्सिंग देखभाल पर निर्भर रहते थे.

    मेडिकल जर्नल कॉर्टेक्स में प्रकाशित अध्ययन में कहा गया है, "मरीज ने तुरंत बातचीत करना शुरू कर दिया, नर्स से पूछा कि उसका व्हीलचेयर कैसे चलाया जाता है और फास्ट फूड का मांगा."

    कुछ ही समय तक रहा रिजल्ट
    शोधकर्ताओं ने कहा कि वह चल भी सकते थे, जब स्टाफ ने मरीज को सहारा दिया. अस्पताल के कर्मचारियों ने रिचर्ड के पिता को फोन किया, जिन्होंने सालों से अपने बेटे की आवाज़ नहीं सुनी थी. अध्ययन में, डॉक्टरों ने रिचर्ड को 'हंसमुख' और 'सतर्क' बताया.

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    उन्होंने 'एंबियन' को लेने के बाद आसपास के लोगों और कलाकृतियों में रुचि दिखानी शुरू कर दी. लेकिन दुख की बात है कि ये सकारात्मक परिणाम बहुत कम समय तक थे.

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