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पानी पर तैरता है ये अनोखा घर, जानिए कितनी है इसकी कीमत और कैसा है इंटीरियर

फोटो: सोशल मीडिया
फोटो: सोशल मीडिया

एक चीनी (China) उद्यमी ने 4 लाख युआन यानी करीब 45 लाख रुपये लगाकर एक ऐसे घर का निर्माण किया है जो पानी पर बना है (Floating House). ये घर पानी के ऊपर तैरता रहता है. ये घर चीन के फुजिआन प्रॉविंस (Fujian Province) में है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 28, 2020, 11:29 AM IST
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भारत में रहने वाले कई लोग शिकारा नाव के बारे में जानते होंगे. कश्मीर की डल झील पर छोटे से घर के रूप में नाव चलती हैं जिसे शिकारा कहते हैं. कश्मीर घूमने गए पर्यटक शिकारा का आनंद जरूर लेते हैं क्योंकि पानी पर घर के रूप में इस नाव का अनुभव करना ही अद्भुत होता है. मगर सोचिए कि आपको नाव की जगह ऐसे घर में रहने का मौका मिले जो पानी पर तैरता हो! सोचकर आपको जरूर हैरानी होगी मगर चीन के एक व्यक्ति ने इस तरह का घर सच में बना लिया है.

एक चीनी उद्यमी ने 4 लाख युआन यानी करीब 45 लाख रुपये लगाकर एक ऐसे घर का निर्माण किया है जो पानी पर बना है. ये घर पानी के ऊपर तैरता है. ये घर चीन के फुजिआन प्रॉविंस में बना हुआ है. इस घर को बनाने वाला व्यक्ति सिर्फ अपने निकनेम से जाना जाता है. इस युवा आंत्रप्रेन्योर का नाम 'कोस्टलाइन' है. आइए आपको बताते हैं क्या है इस घर की खासियत.

कैसे आया घर बनाने का आइडिया?
कोस्टलाइन, साउथ सी चाइना के एक टापू, डॉन्गशान काउंटी में रहते हैं. उनका बचपन समुद्र के किनारे बीता है और उन्होंने अपना अधिकतर समय मछली पकड़ते हुए बिताया है. उन्हें समुद्र इतना पसंद है कि वो हमेशा अपने दोस्तों से समुद्र की तारीफ करते रहते हैं साथ ही डॉन्गशान के मछुआरों के सुखी जीवन के बारे में बात करते रहते हैं. साल 2018 में एक बार कोस्टलाइन अपने दोस्त के साथ समय बिता रहे थे. दोनों के बीच यही बातें शुरू होने लगीं कि पानी के बीच तैरता हुआ घर कितना अच्छा रहेगा. ऐसे घर में वो दिनभर मछली पकड़ेंगे और बियर पिएंगे. दोनों रातभर बैठकर यही चर्चा करते रहे और अगले दिन सुबह दोनों ने तय कर लिया कि वो एक फ्लोटिंग हाउस, यानी पानी पर तैरने वाले घर का निर्माण करेंगे.
ऐसे हुई घर बनाने की शुरुआत


डॉन्गशान काउंटी में बहुत पहले से फिशिंग और एक्वाकल्चर यानी मछली पालन का व्यापार होता है. वहां नाव और बेड़ों का इस्तेमाल होता है. कोस्टलाइन और उसके आर्किटेक्ट दोस्त ने राफ्ट और नाव के ही कांसेप्ट का इस्तेमाल कर के अपने मेन्शन का डिजाइन तय किया. दोनों दोस्तों ने तय किया कि वो इस घर में साथ में रहेंगे. इसलिए घर को 600 स्क्वायर फीट के साइज का बनाया है. इतने बड़े घर को जमीन पर बनाना मुश्किल होता मगर पानी पर ऐसा घर बनाने में ऐसी मुश्किल नहीं थी. पहले उन्होंने घर को छिछले पानी में बनाया मगर वहां लहरों से काफी परेशानी हो रही थी इसलिए वो घर के प्लेटफॉर्म को खुले समुद्र ले गए और वहां घर बनाना शुरू किया.

घर बनाने में इन समस्याओं का करना पड़ा सामना
कोस्टलाइन ने तैरते हुए प्लेटफॉर्म पर घर बनाने को जितना मुश्किल सोचा था, ये कार्य उससे कहीं ज्यादा मुश्किल था. घर का बेस मजदूरों के चलने से काफी हिलता था जिसके कारण उस पर खड़े होने में मुश्किल होती थी. तेज हवाओं के कारण भी निर्माण के दौरान काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता था. घर की संरचना स्टील से बनी थी. कोस्टलाइन चाहते थे कि वो घर में ज्यादा से ज्यादा कांच का उपयोग करें मगर ठोस बेस ना होने के कारण कांच के बार-बार टूटने का डर था. घर के निर्माण के वक्त कोस्टलाइन को ये समझ आ गया था कि घर को मजबूती देने के लिए उन्हें खूबसूरती और घर के लुक से समझौता करना पड़ेगा.

कोस्टलाइन और उनके कर्मियों को बिजली की समस्या का स्थायी रास्ता निकालने में एक साल का समय लगा था. पहले इस घर को बिजली पहुंचाने के लिए इसे पास के ही हाइड्रो पावर इन्स्टॉलेशन से जोड़ना पड़ा था मगर वहां से गुजरने वाली मछली पकड़ने वाली नाव से बिजली का केबल टूट जाता था. कुछ समय बाद कोस्टलाइन ने उन नाव वालों से बातचीत कर के उन्हें ये समझाया कि वो जब भी उस रास्ते से गुजरें तो उसके घर के केबल को ध्यान में रखें जिससे कि वो टूटे ना. कोस्टलाइन के घर से केबल 3 किलोमीटर दूर एक डॉक तक गया है. मगर नाविकों  से बात करने के बाद अब घर का तार नहीं टूटता है. इन सब बातों के बावजूद कोस्टलाइन और उनके दोस्त के मन में ये डर हमेशा बना रहता है कि तेज तूफान में घर टूट सकता है.

कितनी है घर की कीमत और क्या है खासियत?
कोस्टलाइन ने इस घर का नाम हेक्सी (Haixi) रखा है. घर को एक जगह पर स्थिर रखने लिए 16 बड़े एंकर या लंगर का इस्तेमाल किया गया है. प्रत्येक लंगर एक टन वजन का है. अगर घर को मालिकों को इस घर को यहां से हटाना भी है तो उन्हें सिर्फ इन लंगरों को ऊपर खींचना होगा और एक पावर बोट के सहारे नई जगह पर ले जाना होगा. इस 600 स्क्वायर मीटर के घर में काफी इंडोर और आउटडोर जगह है. 2019 में जब ये घर बनकर तैयार हुआ तब से कोस्टलाइन इसे वैकेशन की जगह के रूप में इस्तेमाल करने लगे.

ये घर पूरे समुद्र का 360 डिग्री व्यू देता है. ये डॉन्गशान के तट से महज 500 मीटर की दूरी पर है. ये घर कोस्टलाइन और उनके दोस्त डॉन जिनमेंग को लगभग 45 लाख रुपये का पड़ा. कोस्टलाइन के अनुसार ये काफी सस्ता सौदा है क्योंकि इतना बड़ा घर अगर वो जमीन पर बनाते तो उन्हें काफी महंगा पड़ता. घर के अंदर का इंटीरियर देखकर सब लोग दंग रह जाते हैं.

कोरोना महामारी के पहले कोस्टलाइन ज्यादा से ज्यादा 7 दिन तक इस घर में रुकते थे. मगर जब चीन में लॉकडाउन लगा तब वो अपनी पत्नी और दो साल के बेटे के साथ यहां 21 दिन रहे. उनके अनुसार उनका ये वक्त बहुत अच्छा बीता.

कोस्टलाइन और डॉन्ग ने ये घर अपने लिए बनाया था मगर जब उन्होंने अपने इस घर की तस्वीर सोशल मीडिया पर पोस्ट की तो उनके कई दोस्तों ने इस घर में वक्त गुजारने की इच्छा जाहिर की. धीरे-धीरे कोस्टलाइन और डॉन्ग के दोस्तों ने अन्य लोगों के बीच इस खूबसूरत घर का जिक्र करना शुरू किया. घर में रहने की बढ़ती मांग के बाद सितंबर 2020 में कोस्टलाइन ने इस घर को चीन का पहला फ्लोटिंग होटल बना दिया. उन्होंने होटल बनाने के लिए किसी कंपनी के साथ साझेदारी नहीं की है बल्कि वो सिर्फ अपने दोस्तों के माध्यम से हो रहे प्रचार के जरिये मेहमानों का स्वागत करते हैं. अब आलम ये है कि अगर उन्हें यहां आकर वक्त बिताना होता है तो वो एक महीने पहले से ही प्लान करते हैं.
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