दुर्गा पूजा पंडाल में चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग को दिखाया असुर? फोटो वायरल होने के बाद आई ये सफाई

पश्चिम बंगाल के इस अनोखे दुर्गा पूजा पंडाल की तस्वीरें वायरल हो रही हैं.
पश्चिम बंगाल के इस अनोखे दुर्गा पूजा पंडाल की तस्वीरें वायरल हो रही हैं.

पूर्वी लद्दाख में भारत-चीन के बीच जो तनाव की स्थिति बनी हुई है, उसी की एक झलक इस पंडाल में देखने को मिली है. यहां असुर की जगह चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग का पुतला लगाया गया है जिसमें मां दुर्गा असुर 'जिनपिंग' का संहार करती हुईं दिख रही हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 23, 2020, 3:02 PM IST
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नई दिल्ली. दुर्गा पूजा (Durga Puja 2020) का मुख्य आकर्षण होते हैं इसके शानदार पंडाल, विशेष रूप से बंगाल में यह काफी प्रसिद्ध हैं. हर बार नवरात्रि (Navratri 2020) में पश्चिम बंगाल के दुर्गा पूजा पंडाल विभिन्न रचनात्मक सोच के साथ तैयार की गई माता की मूर्तियों के लिए सुर्खियां बटोरते हैं. इस बार श्रमिक मजदूर, कोरोना वायरस (Coronavirus) का अंत करने वाली माता जैसी कई थीम पर पंडाल को सजाया गया है. लेकिन मुर्शिदाबाद में चीनी राष्ट्रपति (China President Xi Jinping) पर एक ऐसा पंडाल सजाया गया है, जिसने हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींचा है.

पूर्वी लद्दाख में भारत-चीन के बीच जो तनाव की स्थिति बनी हुई है, उसी की एक झलक इस पंडाल में देखने को मिली है. यहां असुर की जगह चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग का पुतला लगाया गया है जिसमें मां दुर्गा असुर 'जिनपिंग' का संहार करती हुईं दिख रही हैं. मुर्शिदाबाद के इस अनोखे पंडाल की तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं.

दुर्गा पूजा पंडाल के आयोजकों ने दी सफाई
तस्वीरें वायरल होने के बाद हंगामा मच गया है. हंगामे के बाद दुर्गा पूजा पंडाल के आयोजकों ने सफाई दी है. इंडिया टुडे से बातचीत के दौरान आयोजकों में शामिल संजय चंद्रा ने शी जिनपिंग की असुरों के साथ की जा रही तुलना का खंडन किया है. उन्होंने कहा, 'हम प्रत्येक वर्ष विभिन्न नस्लों से प्रेरित असुरों को बनाते हैं. हमने असुरों को इससे पहले यूनानियों और दक्षिण अफ्रीका से प्रेरित किया था.'




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उन्होंने कहा, 'इस साल जिस कलाकार ने हमारे लिए मूर्ति बनाई है वो मंगोलियाई लोगों से प्रेरित था. हमने इसे नहीं बनाया है. किसी भी राजनीतिक मुद्दे पर मूर्ति वास्तव में बनाने पर क्लब के अधिकारियों को इस विषय में शामिल नहीं किया गया था, इस विचार की कल्पना कलाकार द्वारा की गई थी. हालांकि कई लोगों ने चीन को जवाब देने के लिए बनाए गए इस तरह के पंडाल की सरहाना की है.'
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