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3 साल बाद फिर से 'जिन्दा' हो गई ये महिला, जिसे कोर्ट ने मान लिया था मरा... जानिए क्या है पूरा मामला

कोर्ट द्वारा मृत घोषित किए जाने के बाद 3 साल से खुद को जीवित साबित करने में लगी है ये महिला
कोर्ट द्वारा मृत घोषित किए जाने के बाद 3 साल से खुद को जीवित साबित करने में लगी है ये महिला

58 साल की एक महिला Jeanne Pouchain 3 साल से इस बात को साबित करने में लगी हुई है कि वो जिंदा है. कोर्ट ने एक केस के दौरान उसे मृत घोषित कर दिया था. जीन पोचेन नाम की महिला पिछले तीन साल से इस बात को साबित करने का प्रयास कर रही है कि वो अभी भी जिंदा है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 15, 2021, 10:16 AM IST
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फ्रांस (France) की कोर्ट ने एक महिला को मृत करार दे दिया था, लेकिन अचानक वह 3 साल बाद जिन्दा हो गई. हालांकि, वो ये साबित करने में लगी हुई है कि वो जिन्दा है. हाल ही में पंकज त्रिपाठी (Pankaj Tripathi) की फिल्म 'कागज' रिलीज हुई है जिसमें ये दिखाया गया है कि कैसे एक व्यक्ति ये साबित करने में लगा हुआ है कि वो जिंदा है. ये सिर्फ एक फिल्म की कहानी नहीं है, असल जिंदगी में भी कई लोग ऐसे हैं जिनको इस तरह की समस्या का सामना करना पड़ा है. फ्रांस की इस महिला की कहानी भी इस फिल्म की कहानी से मिलती-जुलती है.

58 साल की एक महिला 3 साल से इस बात को साबित करने में लगी हुई है कि वो जिंदा है. कोर्ट ने एक केस के दौरान उसे मृत घोषित कर दिया था. जीन पोचेन नाम की महिला पिछले तीन साल से इस बात को साबित करने का प्रयास कर रही है कि वो अभी भी जिंदा है. दरअसल जीन की एक क्लीनिंग कंपनी हुआ करती थी. साल 2000 में नुकसान को कारण जीन को अपनी क्लीनिंग कंपनी से कई कर्मचारियों को निकालना पड़ा. जिसके बाद कंपनी के एक कर्मचारी ने कंपनी पर केस कर दिया. साल 2004 में जीन की कंपनी को कोर्ट ने आदेश दिया कि निकाले गए कर्मचारी के नुकसान की भरपाई के लिए कंपनी उसे 14 हजार यूरो दे. मगर इस आदेश को पारित नहीं किया गया क्योंकि वो कंपनी के नाम था जीन के नहीं. इसके बाद उस कर्मचारी ने रुपये देने की मांग जीन से की और एक केस और कर दिया. इस बार कोर्ट ने ये आदेश देते हुए कि जीन अब इस दुनिया में नहीं है, उसके पति और बेटे से कहा कि वो उस कर्मचारी को भरपाई के तौर पर रुपये दे.

कोर्ट ने क्यों माना कि जीन मर चुकी है?
कोर्ट ने जीन के पूर्व कर्मचारी की बात मान ली कि वो मर चुकी है. ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि जीन कोर्ट ऑर्डर का जवाब नहीं देते थी और कर्मचारी के लेटर का भी उसने कोई उत्तर नहीं दिया. कोर्ट के लिए ये प्रमाण काफी थे. उसने जीन को मृत घोषित कर दिया. ये साबित करने के लिए कि वो जिंदा हैं, जीन अबतक कई कोर्ट में पेश हो चुकी हैं. उनकी इस कानूनी जंग के कारण अब उन्हें मृत तो नहीं माना जा रहा है मगर उन्हें जीवित भी नहीं माना गया है. इस बारे में जीन कहती हैं कि उन्हें कहीं भी बाहर जाने से अब डर लगता है क्योंकि उन्हें ऐसा मेहसूस होता है कि अगर वो बाहर गईं और उनके साथ कोई ऐसी घटना घटी जिसमें उन्हें ये साबित करना पड़ेगा कि वो कौन हैं तब वो बुरी तरह फंस जाएंगी. कोर्ट द्वारा मृत घोषित करने के बाद जीन के आई डी कार्ड, लाइसेंस आदि जैसे सभी दस्तावेज को खारिज कर दिया गया है.
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