OMG: करीब 8 लाख रुपये में बिकी ये खास तरह की मछली, जानें क्या है कारण

क्रोकर मछली को पकड़ने का समय सिर्फ दो महीने का ही होता है.  (कॉन्सेप्ट इमेज.)

क्रोकर मछली को पकड़ने का समय सिर्फ दो महीने का ही होता है. (कॉन्सेप्ट इमेज.)

ऐसा पहली बार नहीं है कि यह मछली इतने ज्यादा दामों पर बिकी हो. इससे पहले इससे ज्यादा वजन वाली क्रोकर मछली 17 लाख रुपये की कीमत पर बिकी थी.

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नई दिल्ली. बलूचिस्तान के ग्वादर जिले में मछुआरों के जाल में बेहद ही कीमती क्रोकर मछली पकड़ी. इस मछली का वजन और लंबाई तो कुछ खास नहीं है लेकिन फिर भी ये बेहद कीमती मानी जाती है. 26 किलो ये मछली बाजार में 7 लाख से भी ज्यादा रुपये में बिकी. बीबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक ग्वादर जिले में ईरानी सीमा से 17 किलोमीटर दूरी पर पकड़ी गई इस मछली को पकड़ने के लिए भी कड़ी मशक्कत करनी पड़ी. मछली को पकड़ने वाले मछुआरों के लिए कठिन काम था क्योंकि इसे पकड़ने के सिर्फ दो महीने ही होते हैं.

इस खास तरह की मछली की बोली 30 हजार रुपये की कीमत से लगनी शुरू हुई जो कि आखिर में 7 लाख 80 हजार तक पहुंची. ऐसा पहली बार नहीं है कि यह मछली इतने ज्यादा दामों पर बिकी हो. इससे पहले इससे ज्यादा वजन वाली क्रोकर मछली 17 लाख रुपये की कीमत पर बिकी थी. इस बार जो मछली करीब 8 लाख रुपये की बिकी है उसका वजन सिर्फ 26 किलो है.

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क्यों इतनी महंगी है ये मछली
अधिकतर मछलियां अपने मांस के कारण महंगी होती हैं लेकिन क्रोकर मछली में एयर ब्लेडर होता है जो कि इलाज के काम में आता है. एयर ब्लेडर में हवा भरने के चलते ये मछलियां तैरती हैं. चीन, जापान और यूरोप में इसकी काफी मांग है.

कोक्रर मछली के एयर ब्लेडर से इंसानों के शरीर में लगाए जाने वाले टांके बनाए जाते हैं. ये दिल के ऑपरेशन में काफी काम आते हैं.




इस मछली की आवाज के चलते इसका नाम क्रोकर रखा गया है. इनकी इस खास तरह की आवाज के चलते ही इन्हें पकड़ने की तैयारी की जाती है.

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