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आज से 5 सौ साल पहले ही बन चुका था टूथब्रश, कुछ ऐसा था लुक

जानवरों के बाल से बनाया जाता था टूथब्रश (इमेज- इंटरनेट)

जानवरों के बाल से बनाया जाता था टूथब्रश (इमेज- इंटरनेट)

सुबह उठते ही जिस टूथब्रश से आप अपने दांत साफ करते हैं, वो आज के समय का नहीं है. दुनिया के सबसे पहले टूथब्रश का पेटेंट आज से पांच सौ साल पहले ही हो गया था.

आज के समय में टूथब्रश इंसान की जिंदगी का काफी अहम हिस्सा बन गया है. टूथब्रश का इस्तेमाल दिन की शुरुआत से लेकर रात को सोने तक किया जाता है. सुबह इंसान उठते ही इससे अपने दांत साफ़ करता है. साथ ही सोने से पहले भी अपने दांतों की सफाई के लिए इंसान टूथब्रश यूज करता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि जिस टूथब्रश का इस्तेमाल हम अपने दांतों की सफाई के लिए करते हैं, उसका इतिहास पांच सौ साल पुराना है. जी हां, टूथब्रश का प्रयोग कई सालों से किया जा रहा है.

मॉडर्न जमाने में प्लाटिक के ब्रश के अलावा इलेक्ट्रॉनिक ब्रश भी आते हैं. लेकिन पहले के समय में ऐसा नहीं था. पहले के जमाने में यूज किये जाने वाले टूथब्रश असल में लकड़ी से बने होते थे. प्राचीन बेबीलोनिया में करीब 3 हजार से साढ़े तीन हजार ईसा पूरब इन लकड़ियों से बने टूथब्रश का इस्तेमाल होता था. इसे वैसी लकड़ियों से बनाया जाता था, जो चबाई जा सके. इसके एक तरफ पंख की डंडी होती थी. इसी से दांतों की सफाई की जाती थी. लेकिन अब तो प्लास्टिक से बने ब्रश इस्तेमाल किये जाते हैं.

history of toothbrush

1498 में हुआ था पेटेंट
लकड़ी के इन ब्रश का पेटेंट 1498 में हो गया था. 26 जून को इसका पेटेंट चीन के राजा ने करवाया था. यही ब्रश का सबसे पहला इतिहास है. हिज ब्रश का पेटेंट करवाया गया था वो जानवर के बालों से बनाया गया था. इसे हड्डी या बांस के टुकड़े से बांध दिया जाता था. 1938 के बाद जानवरों के बाल की जगह इसे नाइलोन के ब्रिस्टल से बनाया जाने लगा. कई सालों तक लकड़ी के टूथब्रश का भी इस्तेमाल किया गया. 1939 में स्विस इलेक्ट्रिक टूथब्रश दुनिया में पहली बार सामने आया.

history of toothbrush
भारत में ऐसे हुआ विकसित
बात अगर भारत की करें, तो यहां सबसे पहले दातुन का प्रयोग किया जाता था. दातुन लकड़ी से बनी होती थी. वो भी ज्यादातर ये नीम की लकड़ी से बनाई जाती थी, जिसके कई तरह के मेडिकल बेनिफिट होते थे. नीम के अलावा आम और अमरुद जैसे पेड़ों की लकड़ी का भी इस्तेमाल दातुन जैसे किये जाते थे. इसके बाद 1950 में वैसे ब्रश बनाए जाने लगे जैसे हम आज यूज करते हैं. धीरे-धीरे भारत के मार्केट में ये ब्रश उतारे गए. लोगों ने इसे खरीदना शुरू किया क्यूँकि ये रिसाइकिल किया जा सकता था. अब तो भारत में भी इलेक्ट्रिक ब्रश आ चुके हैं.

Tags: Ajab Gajab, Khabre jara hatke, OMG, Weird news

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