Home /News /ajab-gajab /

'अपने गांव का नाम लेने में आती है शर्म' ग्रामीणों ने प्रशासन से की बदलने की मांग !

'अपने गांव का नाम लेने में आती है शर्म' ग्रामीणों ने प्रशासन से की बदलने की मांग !

स्वीडन के एक गांव (Swedish Village) में रहने वाले लोगों ने अपने गांव का नाम बदलने की मांग की है. (सांकेतिक तस्वीर/Pixabay)

स्वीडन के एक गांव (Swedish Village) में रहने वाले लोगों ने अपने गांव का नाम बदलने की मांग की है. (सांकेतिक तस्वीर/Pixabay)

Village with rude name : स्वीडन के एक छोटे से गांव में रहने वाले लोगों को अपने गांव का नाम लेने में शर्म आती है, ऐसे में वे अब मिलकर प्रशासन से अपील कर रहे हैं कि इसका नाम बदल दिया जाएगा.

    हम जहां पैदा होते हैं, उस जगह का नाम हमेशा गर्व से लेते हैं. भला ऐसा भी हो सकता है कि अपने गांव-घर का नाम बताने में किसी को शर्म आए? जी हां, ऐसा हो रहा है स्वीडन के एक गांव (Swedish Village) में रहने वाले लोगों के साथ. ग्रामीणों के लिए ये उनकी परेशानी का कारण बना हुआ है. उनकी तकलीफ ये है कि वे सोशल मीडिया (Social Media Censorship) पर भी अपने गांव का नाम सेंसरशिप की वजह से नहीं लिख सकते.

    आप भी सोच रहे होंगे कि भला ऐसा भी क्या नाम है इस गांव का, जो सोशल मीडिया पर लिखा नहीं जा सकता या फिर जिसे बताने में यहां के लोगों की गर्दन शर्म से झुक जाती है. वैसे तो इस नाम के लिए पूरा इतिहास जुड़ा हुआ है और उस वक्त शायद इस नाम को शर्मिंदगी का सबब नहीं माना जाता रहा होगा, लेकिन फिलहाल ये ग्रामीणों को दुख ही दे रहा है.

    ग्रामीणों की मांग- बदल दो नाम !
    Daily Star की रिपोर्ट के मुताबिक स्वीडन (Sweden) के Fucke गांव में रहने वाले लोगों ने इसका नाम बदलने के लिए अभियान छेड़ा हुआ है. इससे पहले भी ऐसी अपील साल 2007 में Fjuckby गांव को लेकर की जा चुकी है, लेकिन इसे बदला नहीं गया था. चूंकि Fucke नाम ऐतिहासिक है और इसे सन् 1547 में इस गांव को दिया गया था, इसलिए स्वीडन के नेशनल लैंड सर्वे डिपार्टमेंट को भी इसे बदलने में परेशानी हो रही है. हालांकि गांववालों का कहना है कि वे अपनी मांग उठाते रहेंगे कि गांव का नाम बदलकर कुछ और रख दिया जाए. यहां कुल 11 घर हैं और इन लोगों का कहना है कि Fucke नाम बताने में उन्हें शर्म आती है.

    ये भी पढ़ें- Video : नहीं थम रहा गोलगप्पे पर अत्याचार, अब दही और चीज़ के साथ परोसी तंदूरी पानी पूरी !

    Social Media पर लिख नहीं सकते नाम
    स्थानीय टीवी चैनल से बात करते हुए एक ग्रामीण का कहना है कि उनका गांव शांत है और लोग यहां खुश हैं, फिर भी वे इस गांव का नाम बदलना चाहते हैं. इसकी वजह है -सोशल मीडिया सेंसरशिप (Social Media Censorship). जिसके चलते इस तरह के नाम जो आपत्तिजनक या अश्लील लगते हैं, उन्हें हटा दिया जाता है. वे अपने किसी भी विज्ञापन को Facebook पर गांव के नाम के चलते नहीं डाल पाते. नाम बदलने से जुड़े मामलों में नेशनल लैंड ट्रस्ट को स्वीडन के नेशनल हेरिटेज बोर्ड और भाषा एवं लोककथा संस्थान से मिलकर फैसला लेना होता है. किसी भी नाम को बदलने से पहले उसके इतिहास के बारे में भी देखा जाता है.

    Tags: OMG News, Viral news, Weird news

    विज्ञापन
    विज्ञापन

    राशिभविष्य

    मेष

    वृषभ

    मिथुन

    कर्क

    सिंह

    कन्या

    तुला

    वृश्चिक

    धनु

    मकर

    कुंभ

    मीन

    प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
    और भी पढ़ें
    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें

    अगली ख़बर