डॉक्टर की ड्रेस पहन गार्ड ने की महिला की सर्जरी, तड़प-तड़प कर चली गई शमीमा बेगम की जान

80 साल की महिला की सर्जरी लाहौर के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में किया गया था

80 साल की महिला की सर्जरी लाहौर के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में किया गया था

पाकिस्तान (Pakistan) में एक सिक्युरिटी गार्ड (Security Guard) ने अस्पताल में रखे डॉक्टर के कपड़े पहनकर 80 साल की शमीमा बेगम (Shameema Begum) की सर्जरी कर दी. मामला लोगों की नजर में तब आया जब महिला की सर्जरी के बाद मौत हो गई.

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पाकिस्तान में लोगों की जान कितनी सस्ती है इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इस देश के अस्पतालों में लापरवाही से होने वाली मौतों की संख्या काफी ज्यादा है. ऐसे कई मामले सामने आते हैं, जिसमें अस्पताल के ऊपर पैसे ठगने का इल्जाम लगाया जाता है. अस्पताल बेवजह के ट्रीटमेंट्स के जरिये मरीज के घरवालों से पैसे ठगता है. इस बीच अब लाहौर (Lahore) के अस्पताल से एक नया मामला सामने आया है. यहां एक मरीज की सर्जरी अस्पताल के गार्ड ने डॉक्टर बन कर की, जिसके बाद महिला की मौत हो गई.

महिला की मौत के बाद परिजनों ने पुलिस को इसकी जानकारी दी. परिजनों ने कहा कि 80 साल की शमीमा की मौत डॉक्टर की लापरवाही के कारण हुई है. इसके बाद पुलिस मौके पर आई और ममले की जाँच की. जाँच में जो बात सामने आई उसने परिजनों के होश ही उड़ा दिए. दरअसल, महिला की सर्जरी जिसने की, वो कोई डॉक्टर नहीं बल्कि अस्पताल का गार्ड था.

सरकारी अस्पताल से सामने आया केस

ये मामला लाहौर के सरकारी अस्पताल से सामने आया. यहां 80 साल की शमीमा को सांस लेने में दिक्कत होने पर भर्ती करवाया गया था. इसके बाद परिजन से मुहम्मद वहीद ने मुलाक़ात की. उसने शमीमा की सर्जरी करना जरुरी बताया और फिर उसकी सर्जरी कर दी. लेकिन इसके बाद से शमीमा की हालत लगातार खराब रहने लगी. शमीमा की सर्जरी के दो हफ्ते बाद मौत हो गई. तब परिजनों ने डॉक्टर और अस्पताल पर लापरवाही का मामला दर्ज करवाया.
ऐंठे थे अच्छे-खासे पैसे

परिजनों ने बताया कि सर्जरी और इलाज के नाम पर डॉक्टर ने उनसे भारी फीस वसूली थी. उन्होंने भी सारा पैसा पेमेंट कर दिया. सर्जरी के बाद शमीमा को घर भेज दिया गया था. वहां आकर चेकअप के नाम पर भी पैसे लिए गए. इसके बावजूद शमीमा की हालत में सुधार नहीं हुआ. उसकी तकलीफ और बढ़ती चली गई, जिसने आखिरकार उसकी जान ले ली. जब पुलिस ने मामले की जांच की तो पाया कि शमीमा की सर्जरी असल में किसी डॉक्टर ने नहीं, बल्कि अस्पताल के गार्ड ने की थी.

अस्पताल के फ्रॉड का खुलासा



पुलिस जांच में लाहौर के सबसे बड़े अस्पतालों में गिने जाने वाले इस संस्थान से जुड़े कई मामले सामने आये. ये भी पता चला कि मुहम्मद वहीद ने इससे पहले डॉक्टर बन कई और मरीजों को भी ठगा था. अस्पताल में फर्जी डॉक्टर्स द्वारा इलाज के भी कई केसेस सामने आए. कोविड के दौरान सरकारी अस्पताल से ऐसे मामले सामने आना वाकई हैरानी की बात है. लोग इससे आक्रोशित हैं. पुलिस ने मुहम्मद वहीद को अरेस्ट कर लिया है और जांच में जुट गई है.

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