Viral Video: रेगिस्तान में झमाझम बरसा पानी ! ये चमत्कार देखकर यहां रहने वाले भी चौंक पड़े

United Arab Emirates में बरिश का ये नज़ारा देखकर वहां के लोग भी चौंक पड़े. (Credit- Pixabay)

Monsoon Season में एशिया के देशों में बारिश (Rains in Asian Countries) कोई नई बात नहीं है, लेकिन अगर रेगिस्तान (Rain in Dubai) में झूमकर सावन बरसने लगे, तो वहां के लिए लोगों के लिए ये चमत्कार से कम नहीं.

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    भारत में मॉनसून ज़रा लेट हो जाए तो हम गर्मी से बेहाल होने लगते हैं. तापमान 40 तक पहुंच जाए तो रातों की नींद उड़ जाती है, लेकिन संयुक्त अरब अमीरात में 50 तक टेम्परेचर आम बात है. यहां बारिश के भी दर्शन दुर्लभ हैं. ऐसे में अगर सड़कों पर झमाझम बारिश होने लगे, तो लोगों का चौंकना स्वाभाविक है.

    United Arab Emirates के उबाल देने वाले तापमान के बीच सड़कों पर बारिश ने आने-जाने वालों को सराबोर कर दिया. यहां की Hi-Tech City Dubai में गाड़ियों से जा रहे लोग तब चौंक पड़े, जब उन्हें बारिश की तेज़ बौछार भिगोने लगी. शॉकिंग क्लाउड्स का ये नज़ारा सोशल मीडिया पर भी वायरल हो गया क्योंकि यहां आम तौर पर बारिश नहीं होती.

    Dubai की सड़कें हुईं सराबोर
    United Arab Emirates के अहम शहर में हुई इस बारिश ने तापमान कम कर दिया और लोगों के चेहरे पर खुशी आ गई. हालांकि ये बारिश नेचुरल नहीं थी, बल्कि ये विज्ञान की देन थी. एक खास तकनीक के तहत ड्रोन टेक्नॉलजी से ये शॉक क्लाउड बनाए गए थे. काफी खर्चीले इस प्रोजेक्ट के तहत बादलों में वॉटर सीडिंग की जाती है और फिर बादलों से कृत्रिम तरीके से पानी बरसाया जाता है, ताकि तापमान कम हो सके. क्लाउड सीडिंग के ज़रिये बादलों को एक साथ लाया जाता है और प्रीसिपिटेशन के ज़रिये पानी फॉर्म किया जाता है. बारिश का वीडियो UAE के मौसम विभाग की ओर से जारी किया गया है.



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    Artificial Rain है चमत्कार
    Shocking Clouds और Artificial Rain विज्ञान का चमत्कार ही हैं. हर साल इस तकनीक के ज़रिये दुबई में बारिश की जाती है और तापमान को कम किया जाता है. कृत्रिम बारिश से पहले मौसम विभाग की ओर से यलो अलर्ट भी जारी किया गया था, क्योंकि कई बार बारिश इतनी मूसलाधार होती है कि बाढ़ जैसी स्थिति भी बन सकती है. एक बार ऐसा हो भी चुका है. UAE में इस प्रोजेक्ट की शुरुआत साल 2017 में हुई थी. University of Reading के प्रोफेसर Maarten Ambaum ने क्लाउड सीडिंग प्रोजेक्ट पर काम किया है और UAE में इस तरह की 9 और तकनीक पर काम चल रहा है, जिससे इलाके में बारिश करवाई जा सके.

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