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मायोपिया से जूझ रहे लोगों के लिए संजीवनी है ये स्मार्ट चश्मा, साफ नजर आएंगी दूर की चीजें

(फोटो:  Kubota Pharmaceutical Holdings)

(फोटो: Kubota Pharmaceutical Holdings)

जापानी कंपनी Kubota Pharmaceutical Holdings ने दावा किया है कि उनके इस चश्मे को रोज 60 से 90 मिनट तक पहनने से मायोपिया ठीक हो सकता है.

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    जापान (Japan) अपने अनोखे आविष्कारों के लिए जाना जाता है. हाल ही में एक जापानी कंपनी ने एक चश्मे का आविष्कार किया है जो आंख की बीमारी ठीक कर सकता है. जापानी कंपनी कुबोटा फार्मासूटिकल होल्डिंग (Kubota Pharmaceutical Holdings) ने ये दावा किया  है कि उन्होंने एक ऐसे चश्मे का आविष्कार किया है जो अगर रोज सिर्फ एक घंटे पहना जाए तो वो कथित तौर पर मायोपिया बीमारी को ठीक कर सकता है. मायोपिया (Myopia) एक तरह की कंडीशन या आंखों की बीमारी है जिसमें पास की चीज आसानी से दिख जाती है मगर दूर की चीजों को देखने में मुश्किल होती है. दूर की चीजें धुंधली नजर आती हैं.

    smart glasses
    (फोटो: Kubota Pharmaceutical Holdings)


    इस चीज को ठीक करने के लिए ही लोग लेन्स वाला चश्मा लगाते हैं या लेन्स पहनते हैं जिससे उन्हें दूर की चीजें भी साफ नजर आ सकें. मगर जापानी कंपनी ने दावा किया है कि उनके इस चश्मे को रोज 60 से 90 मिनट तक पहनने से मायोपिया ठीक हो सकता है. ये स्मार्ट चश्मे (Smart Glasses) लेन्स के माध्यम से आंखों के  रेटीना पर उस दृश्य को दिखाते हैं और आंखों दृश्य की जो गलत छवि पढ़ती है उसे ठीक कर देते हैं.

    इस चश्मे का आविष्कार कुबोटो फार्मासूटिकल होल्डिंग के डॉ. रेयो कुबोटो ने किया है. वो अभी भी कुबोटो चश्मे की टेस्टिंग कर रहे हैं जिससे ये पता लगाया जा सके की चश्मे का असर कब तक देखने को मिलेगा और अजीब से दिखने वाले इस चश्मे को कब तक पहनना पड़ेगा. एक प्रेस रिलीज में इस बात की जानकारी दी गई कि ये चश्में कैसे काम करते हैं. इन खास चश्मों में माइक्रो एलईडी का इस्तेमाल किया जाता है जिससे वर्चुअल इमेज को आखों के रेटीना पर भेजा जाता है. इससे रेटीना में प्रवेश करने वाली रोशनी और आंखों में बनने वाली छवि पहले से बेहतर बनती है. इस चश्मे में मल्टी फोकल कॉन्टैक्स लेंस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया है.

    कुबोटा फारमासूटिकल ने इस चश्मे का क्लिनिकल ट्रायल पिछले साल गर्मियों में शुरू किया था. अब वो करीब 25 लोगों पर इस चश्मे की टेस्टिंग कर रहे हैं. कंपनी ने इस चश्मे को 2021 के अंत तक एशिया के अन्य देशों में बेचने का फैसला किया है. इसके अलावा वो अन्य देशों की मार्केट में भी प्रवेश करना चाहते हैं.

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