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Shocking: 37 साल तक बिना गुनाह के ही सज़ा काटता रहा शख्स, सच सामने आते ही पुलिस पर ठोंका मुकदमा

Shocking: 37 साल तक बिना गुनाह के ही सज़ा काटता रहा शख्स, सच सामने आते ही पुलिस पर ठोंका मुकदमा

रॉबर्ट डुबोइस (Robert DuBoise) को रेप और हत्या के झूठे मामले में 37 साल तक जेल में रहना पड़ा. (Credit- Tempabay)

रॉबर्ट डुबोइस (Robert DuBoise) को रेप और हत्या के झूठे मामले में 37 साल तक जेल में रहना पड़ा. (Credit- Tempabay)

रॉबर्ट डुबोइस (Robert DuBoise) की किस्मत ही थी, जो उन्हें 37 साल जेल के अंदर गुजारने पड़े, वो भी ऐसे अपराध के लिए, जो उन्होंने कभी किया ही नहीं. ये कहानी आपको भावुक कर देगी.

    अगर अपराधी गुनाह करता है, तो उसकी सज़ा भी उसे दी जाती है. सोचिए किसी को अपनी ज़िंदगी के लगभग 40 साल जेल के अंदर गुजारने पड़ जाएं, वो भी बिना किसी गुनाह के, तो ये कितनी नाइंसाफी होगी. अमेरिका में रहने वाले रॉबर्ट डुबोइस (Robert DuBoise) के साथ ऐसा ही हुआ. रेप और हत्या के झूठे मामले में फंसकर उनकी ज़िंदगी ही तबाह हो गई.

    जब रॉबर्ट के बेगुनाह होने की बात DNA Test के ज़रिये साबित हुई, तब तक काफी देर हो चुकी थी. उनकी ज़िंदगी के कीमती साल जेल में बर्बाद हो चुके थे. डीएनए टेस्ट से ये बात सामने आ गई कि 37 साल से जेल में वो जिस गुनाह की सज़ा भुगत रहे थे, वो दरअसल उन्होंने कभी किया ही नहीं था. सच सामने आने के बाद रॉबर्ट ने उन पुलिस अधिकारियों और फोरेंसिक टीम पर मुकदमा ठोंक दिया है, जिन्होंने अपनी गलती की सज़ा उन्हें दी.

    1983 में हुई वारदात में फंस गए रॉबर्ट
    The Tampa Bay की रिपोर्ट के मुताबिक ये मामला साल 1983 का है. 56 साल के रॉबर्ट डुबोइस (Robert DuBoise) को बारबरा ग्राम्स (Barbara Grams) की एक महिला के रेप और हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सज़ा सुनाई गई. उन्हें दोषी मानकर उन कैदियों के साथ 37 साल तक रखा गया, जिन्हें सज़ा-ए-मौत दी जा चुकी थी. पिछले साल जब रॉबर्ट का डीएनए टेस्ट कराया गया, तब पता चला कि ये अपराध उन्होंने किया ही नहीं है. उन्हें झूठे सबूत गढ़कर फंसाया गया था. बारबरा का शव डेंटल ऑफिस के बाहर यार्ड में मिला था. उसकी हत्या रेप के बाद पीटने से हुई थी. केस की जांच करने वाले अधिकारियों ने महिला के गाल पर काटने के निशान को रॉबर्ट के दांत के निशान के साथ मैच कराने के बाद उन्हें इस मामले में फंसाया था.

    सामने आ गया सच
    पिछले साल हुए टेस्ट में रॉबर्ट डुबोइस की बेगुनाही साबित होने के बाद उन्हें जेल से रिहा किया गया. अब उन्होंने तत्कालीन अधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज किया है. उन्होंने मामले में फेडरल कोर्ट के तीन पूर्व डिटेक्टिव, एक पूर्व सार्जेंट और फोरेंसिक डेंटिस्ट के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है. कोर्ट ने अगर साल 2020 में मृत महिला के डीनएन सैंपल और रॉबर्ट डुबोइस के सैंपल को मैच नहीं कराया होता तो उनकी ज़िंदगी जेल में ही बीत जाती. अब वो केस जीतते हैं तो उन्हें हर्जाने के तौर पर 1.85 मिलियन डॉलर मिल सकते हैं.

    Tags: Bizarre story, Crime News, United States (US)

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