NASA ने शेयर की आकाशगंगा के केंद्र की बेहद खूबसूरत तस्वीर, आपने देखा अंतरिक्ष का ये रहस्य?

ऐसा दिखता है मिल्की वे का डाउनटाउन (फोटो- नासा )

ऐसा दिखता है मिल्की वे का डाउनटाउन (फोटो- नासा )

स्पेस एजेंसी NASA ने अंतरिक्ष की एक ऐसी तस्वीर शेयर की है, जिसे देखकर आप पल भर के लिए ये सोचने लगेंगे कि धरती से इतनी दूरी पर अंतरिक्ष में क्या-क्या होता है?

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अमेरिकन स्पेस एजेंसी NASA ने हमारी आकाशगंगा (Galaxy) के डाउनटाउन की बेहद खूबसूरत और एनर्जी से भरपूरी तस्वीर शेयर की है. इस तस्वीर में दिख रही जगह मिल्की वे (Milky Way) का डाउनडाउन (Milky Way Downtown)है. ये हमारी धरती से करीब 26 हजार प्रकाश वर्ष की दूरी पर है. ये आकाशगंगा की वो जगह है, जहां सबसे ज्यादा खगोलीय गतिविधियां होती हैं और यहां हलचल भी सबसे ज्यादा रहती है.

ये तस्वीर जुलाई 1999 से पृथ्वी का चक्कर लगा रहे ‘चंद्र एक्स-रे ऑब्जर्वेटरी’ (Chandra X-ray Observatory) के 370 ऑब्जर्वेशन का नतीजा है. इसने अरबों सितारों और ब्लैक होल्स (Black Holes) की तस्वीरों को खींचा और ये हमें देखने को मिली. ये तस्वीर मिल्की वे (Milky Way) के बिल्कुल केंद्र की है. इस तस्वीर को दुनिया के सामने लाने में दक्षिण अफ्रीका (South Africa) के एक रेडियो टेलिस्कोप (MeerKAT)का भी सहयोग रहा है.

मिल्की वे के केंद्र में मौजूद है ज़बरदस्त एनर्जी

यूनिवर्सिटी ऑफ मैसाचुसेट्स एमहर्स्ट (University of Massachusetts Amherst) के एस्ट्रोनोमर डैनियल वांग (Daniel Wang) ने बताया कि उन्होंने महामारी के दौरान घर पर रहते हुए इस पर सालभर काम किया है. एक ई मेल के जरिये उन्होंने साफ किया कि तस्वीर में दिख रही बेहद खूबसूरत चीज़ आकाशगंगा के डाउनटाउन का ऊर्जावान इकोसिस्टम है. तमाम तरह के सुपरनोवा, ब्लैक होल्स और न्यूट्रॉन स्टार्स इसमें दिख रहे हैं और ज्यादातर गतिविधियां इसके केंद्र में हैं. चूंकि पृथ्वी और मिल्की वे की दूरी बहुत ज्यादा है इसलिए ये पता करना अब भी मुश्किल है कि आखिर वहां हो क्या रहा है. आज भी अंतरिक्ष के तमाम रहस्य अनसुलझे हैं, भले ही चंद्र एक्स रे ऑब्जर्वेटरी (Chandra X-ray Observatory) जैसे तमाम सिस्टम हमारे पास मौजूद हैं.
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2 दशक पहले गया था ‘चंद्र एक्स-रे ऑब्जर्वेटरी’

डेनियल वांग (Daniel Wang) के इस काम को रॉयल एस्ट्रोनॉमिकल सोसाइटी (Royal Astronomical Society) के जून अंक में प्रकाशित किया जाएगा. जिस प्रोजेक्ट के तहत ये तस्वीर आ सकी है, वो‘चंद्र एक्स-रे ऑब्जर्वेटरी’1999 में लॉन्च किया गया था, जो अब पृथ्वी का चक्कर लगा रहा है. साल 2018 में ब्लिप्स को छोड़ दें तो ये अब भी अच्छी तरह से काम कर रहा है.



आकाशगंगा रहस्यों से भरी हुई है. इसमें धूल, ग्रह, तारें, उल्कापिंड तैर रहे हैं. आकाशगंगा चारों ओर हजारों प्रकाशवर्ष की दूरी तक फैली हुई है, लेकिन इसकी मोटाई कुछ हजार प्रकाशवर्ष ही है. आपको बता दें कि एक प्रकाश वर्ष की दूरी तकरीबन 6 ट्रिलियन मील होती है. ऐसे में वहां होने वाली खगोलीय घटनाओं का आज भी सही-सही पता कर पाना मुश्किल है.

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