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NASA ने दी चेतावनी- आज पृथ्वी के करीब से गुजरेगा बुर्ज खलीफा जितना बड़ा एस्ट्रॉयड

इस एस्ट्रॉयड की खोज साल 2000 में हुई थी. (प्रतीकात्मक तस्वीर)
इस एस्ट्रॉयड की खोज साल 2000 में हुई थी. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

NASA ने जानकारी दी है कि एस्ट्रॉयड सुबह 10:38 पर पृथ्वी के करीब से गुजरेगा. पृथ्वी (Earth) के करीब आकर भी यह एस्ट्रॉयड (Asteroid) धरती से 43 लाख किमी दूरी पर होगा. यह दूरी पृथ्वी और चांद के बीच की दूरी से ज्यादा है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 29, 2020, 12:49 PM IST
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वॉशिंगटन. अमेरिकी स्पेस एजेंसी नेशनल एयरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (NASA) ने चेतावनी दी है कि रविवार को एक विशालकाय एस्ट्रायड पृथ्वी के करीब से गुजरने वाला है. इस एस्ट्रायड का नाम 2000 WO107 है. खास बात है कि इस एस्ट्रॉयड का आकार बुर्ज खलीफा (Burj Khalifa) के लगभग बराबर है. गौरतलब है कि बुर्ज खलीफा दुनिया की सबसे ऊंची बिल्डिंग है, जिसकी ऊंचाई 829.8 मीटर है. जबकि, इस विशालकाय एस्ट्रॉयड का आकार 820 मीटर है. इसकी खोज साल 2000 में हुई थी.

एजेंसी ने जानकारी दी है कि एस्ट्रॉयड सुबह 10:38 पर पृथ्वी के करीब से गुजरेगा. वैज्ञानिकों ने इस एस्ट्रॉयड को नीयर अर्थ एस्ट्रॉयड (NEA) वर्ग में रखा है. NEA ऐसे कॉमेट्स और एस्ट्रॉयड्स का ऐसा समूह होता है, जो नजदीकी ग्रहों के गुरुत्वाकर्षण की वजह से ऑर्बिट में आ जाते हैं. इसकी वजह से यह पृथ्वी के करीब आ जाते हैं. खास बात है कि नासा के जेट प्रोपल्शन लैब ने पृथ्वी के करीब से गुजरने के चलते इसे काफी खतरनाक बताया है.

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पृथ्वी के करीब आकर भी यह एस्ट्रॉयड धरती से 43 लाख किमी दूरी पर होगा. यह दूरी पृथ्वी और चांद के बीच की दूरी से ज्यादा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस एस्ट्रॉयड को आधिकारिक रूप से 13 जनवरी 2018 को देखा गया था. 29 नवंबर के बाद उम्मीद की जा रही है कि यह पृथ्वी के इतना करीब से 6 फरवरी 2031 को गुजरेगा.

भारत और रूस की सैटेलाइट के बीच हादसा टला
इंटरनेट पर जारी रिपोर्ट्स के मुताबिक, बीते शुक्रवार को भारतीय सैटेलाइट कार्टोसेट-2एफ, रूस की सैटेलाइट कैनोपस-5 के काफी नजदीक आ गई थी. इस की जानकारी रूस की सरकारी स्पेस एजेंसी रॉसकॉसमोस ने भी दी थी. एजेंसी की तरफ से मिली जानकारी के मुताबिक, भारतीय सैटेलाइट, रूस की सैटेलाइट से केवल 224 मीटर की दूरी पर थी. वहीं, एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय स्पेस एजेंसी इसरो (ISRO) के प्रमुख के सिवन ने भी इस बात को माना था. हालांकि, उन्होंने रूस की स्पेस एजेंसी से अलग जानकारी दी थी. उन्होंने दावा किया था कि दोनों सैटेलाइट के बीच 420 मीटर की दूरी थी.
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