मर्दों को भी आता है 'Periods'! हर महीने की पूर्णिमा वाली रात पुरुषों की Body में होता है ऐसा बदलाव

स्टडी में सामने आया कि हर पूर्णिमा की रात मर्दों की बॉडी में कई तरह के हार्मोनल (Harmonal) बदलाव आते हैं. ये उनकी सेक्स लाइफ (Sex Life) को भी प्रभावित करते हैं.

स्टडी में सामने आया कि हर पूर्णिमा की रात मर्दों की बॉडी में कई तरह के हार्मोनल (Harmonal) बदलाव आते हैं. ये उनकी सेक्स लाइफ (Sex Life) को भी प्रभावित करते हैं.

ट्यूनीशिया (Tunisia) और क़तर (Qatar) के वैज्ञानिकों (Scientists) ने नए शोध में बताया कि पूरा चांद मर्दों की सेहत के लिए हानिकारक है. इस नए रिसर्च (Research) में दावा किया गया है कि पूर्णिमा की रात मर्द अन्य रातों के मुकाबले ज्यादा स्ट्रेस (Stress) में रहते हैं. साथ ही उनके खून में स्ट्रेस हार्मोन का बहाव काफी ज्यादा बढ़ जाता है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 18, 2021, 8:17 AM IST
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पूर्णिमा का चांद हर किसी को पसंद होता है. पूरे चांद का जिक्र कई रोमांटिक गीतों में किया जाता है. कई सदाबहार गाने इस चांद के इर्द-गिर्द बनाए गए हैं. लेकिन अब हुए एक नए शोध में पूरे चांद से जुड़े शॉकिंग फैक्ट्स सामने आए हैं. ये रिसर्च किया है टुनिशिया और क़तर के वैज्ञानिकों ने. उन्होंने अपनी स्टडी में पाया कि पूरा चांद मर्दों के लिए काफी नुकसानदायक है. इस चांद की वजह से बॉडी में टेस्टोस्टेरोन (Testosterone) और कोर्टिसोल (Cortisol) का लेवल काफी ज्यादा बढ़ जाता है. इसकी वजह से मर्दों को काफी ज्यादा स्ट्रेस हो जाता है.

महिलाओं के पीरियड्स सा असर

पूर्णिमा की रात को मर्दों की बॉडी में हार्मोनल बदलाव आते हैं. साइंटिस्ट्स ने कहा कि मर्दों को इस रात में नींद नहीं आती है. साथ ही उनके खून में स्ट्रेस बढ़ाने वाले हार्मोन्स का बहाव जाता होता है. इसके अलावा मर्दों की बॉडी में सेक्स हार्मोन टेस्टोस्टेरोन और स्ट्रेस हार्मोन कोर्टिसोल में बढ़त हो जाती है.

समुद्री टाइड जैसे आते हैं बदलाव
अभी तक पूर्णिमा के चांद को समुद्री लहरों से जोड़ा जाता था. लेकिन इस नए रिसर्च में सामने आया कि पूरे चाँद से होने वाला ग्रैविटेशनल फ़ोर्स (Gravitational Force) मर्दों की बॉडी और दिमाग पर भी असर डालता है. ये रिसर्च किया गया था ट्यूनीशिया और क़तर के रिसर्च सेंटर में. इससे मर्दों के दिमाग और उनके खून के बहाव में बदलाव आता है. इस रिसर्च का हिस्सा रहे इसमाइल डेरगा ने कहा कि स्टडी के रिजल्ट के लिए मर्दों की बॉडी के खून को पूर्णिमा और अन्य दिनों में लेकर कंपेयर किया गया था.

सामने आया ये परिणाम

पूर्णिमा की रात लिए गए खून के सैंपल और अन्य दिनों के सैंपल में काफी बदलाव था. पाया गया कि मर्दों के खून में पूर्णिमा की रात को बॉडी में स्लीप हार्मोन मेलाटोनिन (Melatonin) और टेस्टोस्टेरोन कम थे. जबकि स्ट्रेस हार्मोन कोर्टिसोल की मात्रा ज्यादा थी.
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