VIDEO: 200 साल पुराना नायाब कुरान शरीफ गया के खानकाह में सुरक्षित

मौलाना कहते हैं कि 1158 पेज वाली यह कुरान उनके बुजुर्गों द्वारा यहां पहुंची है. बिस्मिल्लाह की लिखावट की खूबसूरती देखकर लगता है कि किताब सालों पुरानी है.

  • Share this:
रमजान के पाक महीने में 200 साल पुराने कुरान शरीफ का दीदार करने दूर-दूर से लोग आते हैं. दुनिया में तीन जगह और देश में दो जगह पर मौजूद यह कुरान शरीफ 1158 पेज की है. पहला संस्करण ब्रिटिश संग्रहालय में दूसरा अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी की लाइब्रेरी में और तीसरी गया के राम सागर स्थित चिस्तिया मोनामिया खानकाह में है. दो तरजुमा (अनुवाद) और दो तफसीर वाली कुरान पहली बार 1882 में छपी थी जिसका अरबी से फारसी में अनुवाद हजरत शाह मोहड्डिस देहलवी ने किया था.

VIRAL VIDEO: दूसरी पत्नी ने चप्पलों से उतारा तीसरी शादी का भूत

खानकाह के सज्जादा नशी हजरत मौलाना सबहुद्दीन मोनामी बताते है कि 200 साल पुरानी कुरान शरीफ के गया के रामसागर मोहल्ला स्थित खानकाह चिस्तिया मोनामिया में सुरक्षित है, सुरक्षा की दृष्टि से वर्षों पुरानी कुरान को आम लोग नहीं पढ़ सकते हैं, आम लोग इसका दर्शन कर सकते हैं, ज्यादा छूने से इसकी जिल्द अलग होने लगती है.



मौलाना कहते हैं कि 1158 पेज वाली यह कुरान उनके बुजुर्गों द्वारा यहां पहुंची है. बिस्मिल्लाह की लिखावट की खूबसूरती देखकर लगता है कि किताब सालों पुरानी है, ये खानकाह इतिहास सदियों पुराना है.
ऐसी ही अजब-ग़ज़ब कहानियों और VIDEOS के लिए क्लिक करें
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज