कोरोना वैक्सीन की हुई कमी तो लोगों को लगाने लगे घोड़ों का इंजेक्शन, नेता तक कर रहे हैं प्रचार-प्रसार

तेजी से बढ़े संक्रमण और मौत की दर के बाद लोग बिना जांच के इंजेक्शन ले रहे हैं

तेजी से बढ़े संक्रमण और मौत की दर के बाद लोग बिना जांच के इंजेक्शन ले रहे हैं

फिलीपींस (Philippines)में सरकार को कोरोना वैक्सीन (Corona Vaccine) की कमी का सामना करना पड़ रहा है। इस कारण यहां की सरकार लोगों को घोड़ों का इंजेक्शन दे रही है. सरकार के नेता भी इस इंजेक्शन को प्रमोट करते नजर आ रहे हैं.

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कोरोना महामारी ने दुनिया में तबाही मचा रखी है. इस वायरस को हराने के लिए जल्दी-जल्दी इसका इंजेक्शन तैयार किया गया. लोगों से जल्द से जल्द वैक्सीन लेने को कहा जा रहा है ताकि इस वायरस को हराया जा सके. भारत में 1 मई से 18 साल से ऊपर के लोगों को कोरोना वैक्सीन लगनी थी. इसके लिए रजिस्ट्रेशन भी शुरू हो चुका है लेकिन वैक्सीन की कमी के कारण ऐसा नहीं हो पाया. दुनिया में कई देश हैं जहां कोरोना वैक्सीन की कमी देखने को मिल रही फिलीपींस में भी यही समस्या है लेकिन यहां अब लोगों को घोड़ों का इंजेक्शन दिया जा रहा है.

लग रहा घोड़ों का इंजेक्शन

दुनिया में अब शायद ही कोई देश है जो कोरोना महामारी के प्रकोप से बचा रह पाया होगा. कई देशों को इस वायरस ने कब्रिस्तान में बदल कर रख दिया. अब वायरस लिए लोग वैक्सीन लेने को उतावले हैं. स्टडी में सामने आया है कि वैक्सीन लेने के बाद वायरस बॉडी को ज्यादा नुकसान नहीं पहुंचा पा रहा. लेकिन जिस हिसाब से संक्रमण की रफ़्तार है, उसकी तुलना में वैक्सीन का उत्पादन नहीं हो पा रहा है. इसी कमी से जूझ रहे देश फिलीपींस में अब लोगों को घोड़ों को दिया जाने वाला इंजेक्शन लगाया जा रहा है.

बिना अनुमति के दी जा रही वैक्सीन
फिलीपींस में कई नेता और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर लोगों को 'आइवरमेक्टिन' (Ivermectin) नाम का ड्रग्स लेने की सलाह दे रहे हैं. इस ड्रग्स को आमतौर को दिया जाता है. इस ड्रग को कोरोना के इलाज के तौर पर इस्तेमाल करने की परमिशन किसी स्टडी में नहीं दी गई है लेकिन फिलीपींस में लोगों को धड़ल्ले से इसकी वैक्सीन दी जा रही है.

देश में तेजी से बढ़ा संक्रमण है कारण

फिलीपींस में अचानक ही कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ गए. जहां 9 अप्रैल के बाद से हर दिन मामलों में उछाल देखने को मिल रहा है. अभी तक इस देश में करीब 20 हजार मौतें भी हो चुकी हैं. मौत के बढ़ते मामलों को देख डरे लोग बिना अनुमति के भी 'आइवरमेक्टिन' ड्रग्स ले रहे हैं. इसकी बढ़ती लोकप्रियता चिंता का विषय है.
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