इस तरह फ्लाइट उड़ाते हैं पायलट कि खत्म हो जाती है ग्रेविटी, इस पर सवारी के लिए दीवाने हैं लोग

कंपनी ने इसके लिए
कंपनी ने इसके लिए "जी-फोर्स वन" नाम के एक बोइंग 727 विमान का यूज किया है (सांकेतिक फोटो)

कंपनी ने इसके लिए "जी-फोर्स वन" (G-Force One) नाम के एक बोइंग 727 विमान (Boing 727 Flight) का यूज किया है. जिसे जीरो ग्रेविटी के लिए मोडीफाई किया गया है. ऐसा इसलिए किया गया है ताकि इसके ग्राहकों को शून्य-गुरुत्वाकर्षण (Zero Gravity) वाले माहौल में अंतरिक्ष यात्रियों की तरह तैरने का मौका दिया जा सके.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 11, 2020, 6:47 PM IST
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अब आम लोग भी अंतरिक्ष (Space) जैसी जीरो ग्रेविटी (Zero Gravity) पर हवा में तैरते रहने का आनंद ले सकते हैं. वह भी धरती के वातावरण (Earth's atmosphere) में रहकर ही. इसके लिए आपको सिर्फ एक हवाई यात्रा का टिकट (Air ticket) खरीदने की जरूरत है. हां इसके लिए आपको ठीक-ठाक पैसे जरूर देने पड़ेंगे. जीरो ग्रेविटी का आनंद लेने की यह सुविधा दे रही है द ज़ीरो ग्रेविटी कॉर्पोरेशन (The Zero Gravity Corporation) नाम की एक कंपनी. यह एक अमेरिकी कंपनी (American Company) है. कंपनी ने इसके लिए "जी-फोर्स वन" (G-Force One) नाम के एक बोइंग 727 विमान (Boing 727 Flight) का यूज किया है. जिसे जीरो ग्रेविटी के लिए मोडीफाई किया गया है. ऐसा इसलिए किया गया है ताकि इसके ग्राहकों को शून्य-गुरुत्वाकर्षण वाले माहौल में अंतरिक्ष यात्रियों की तरह तैरने का मौका दिया जा सके.

धरती के वातावरण में ही जीरो ग्रेविटी तैयार करने के लिए कंपनी का फंडा सिंपल है. इसके पायलट (Pilot) इस सामान्य विमान को ही तेजी से ऊपर ले जाते हैं. और फिर मुड़कर उतनी ही तेजी से नीचे लाते हैं. फ्लाइट को अधिकतम 35 हजार फीट की ऊंचाई तक ले जाया जाता है. इस प्रक्रिया से फ्लाइट में भारशून्यता (Weightlessness) की स्थिति पैदा हो जाती है. आप कभी ऐसी लिफ्ट (Lift) में रहे हों, जिसकी रस्सी टूट गई हो, तो आप इसे समझ सकते हैं. विमान (Flight) में भी लिफ्ट जैसे ही भार खत्म हो जाता है. यह प्रभाव उससे कहीं ज्यादा होता है क्योंकि वायुयान की गति लिफ्ट से कहीं ज्यादा होती है. और ऐसे में भारशून्यता पैदा होने से वायुयान में कुछ समय के लिए प्रत्येक चीज हवा में तैरने लगती है.

इस विमान यात्रा के लिए चुकाने होंगे 3.53 लाख रुपये
अब ज़ीरो ग्रेविटी कॉरपोरेशन इस विमान को देश भर में भेज रहा है. ताकि लोग कुछ मिनटों के लिए भारहीनता का अनुभव कर सकें. हालांकि इसके लिए चुकाई जाने वाली राशि काफी अधिक है. इसके लिए आपको एक फ्लाइट के करीब 3.53 लाख रुपये देने होते हैं. हाल ही में न्यूयॉर्क में उड़ानों के दौरान इसने 'ब्लेड' नाम की एक कंपनी के साथ कांट्रैक्ट किया था. जो भारहीनता की फ्लाइट्स के साथ ही एक हेलिकॉप्टर में हवाई यात्रा का आनंद ग्राहकों को देती थी. हालांकि इसके लिए ग्राहकों को करीब 29 हजार रुपये और देने होते थे.
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कोविड-19 महामारी के दौरान भी इस उड़ान को नहीं रोका गया था. हालांकि महामारी के दौरान चेहरे पर मास्क पहनने के साथ ही हर उड़ान से पहले हवाई जहाज को कीटाणुरहित किया जा रहा है और फ्लाइट के भार को कम रखने की कोशिश की जा रही है. जिसके चलते ऐसी प्रत्येक फ्लाइट में सिर्फ 24 यात्रियों को ही टिकट दिया जाता है और फ्लाइट में जगह दी जाती है. इस यात्रा के दौरान फ्लाइट कुल 15 चक्कर ऊपर और नीचे लगाती है. नीचे आने की प्रक्रिया करीब 2 मिनट की होती है लेकिन इस दौरान औसतन 30 सेकेंड ही भारहीनता का अनुभव होता है. लोगों को यह यात्रा बहुत पसंद आ रही है.
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