ईमेल के जरिए पालक देगा विस्फोटकों की जानकारी, रिसर्च में वैज्ञानिकों ने किया दावा!

फोटो: livescience.com

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ये पालक जमीन के पानी में नाइट्रो एरोमैटिक्स की खोज करेंगे. ये कंपाउंड लैंडमाइन्स जैसे विस्फोटकों में पाया जाता है. पालक की पत्तियों में मौजूद कार्बन नैनोट्यूब नाइट्रो एरोमैटिक्स का पता लगाकर एक सिग्नल भेजेंगे.

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  • Last Updated: February 3, 2021, 10:50 AM IST
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क्या कभी आपने सोचा है कि इंसान ही नहीं, पेड़-पौधे भी ई-मेल करें तो क्या होगा? वैसे ये सोचने में किसी साइंस फिक्शन फिल्म की कहानी लग सकती है मगर ऐसा सच में हो चुका है. अमेरिका के मैसाचुसेट्स इंस्‍टीट्यूट ऑफ टेक्‍नॉलजी के वैज्ञानिकों ने ऐसे पालक (Spinach) बनाये हैं जो खास तरह के ईमेल कर सकते हैं. इस रिसर्च को नाम दिया गया है नाइट्रो एरोमैटिक डिटेक्शन ऐंड इंफ्रारेड कम्यूनिकेशन. इस तरह के पालक को बनाने का मुख्य मकसद है कि ये पालक सेंसर की तरह काम करते हैं जो विस्फोटकों की जानकारी दे सकता है.

ये पालक जमीन के पानी में नाइट्रो एरोमैटिक्स की खोज करेंगे. ये कंपाउंड लैंडमाइन्स जैसे विस्फोटकों में पाया जाता है. पालक की पत्तियों में मौजूद कार्बन नैनोट्यूब नाइट्रो एरोमैटिक्स का पता लगाकर एक सिग्नल भेजेंगे. ये सिग्नल इन्फ्रारेड कैमरों की मदद से पकड़ा जाएगा और फिर वैज्ञानिकों को ईमेल के माध्यम से अलर्ट मिल जाएगा.

वैसे तो ये रिसर्च एक रिसर्च जर्नल में 2016 में प्रकाशित हुई थी मगर लोगों को अब जा कर इस रिसर्च के बारे में पता चला है. इस रिसर्च के प्रमुख प्रोफेसर माइकल स्ट्रेनो ने कहा कि पौधे बहुत अच्छे विश्लेषणात्मक रसायनज्ञ होते हैं. उनकी जड़ों का जमीन में बहुत अच्छा नेटवर्क होता है. उनके पास ये शक्ति होती है कि वो ग्राउंडवाटर को पत्तियों तक ले जाएं. इससे पत्तियां अपने आप सिग्नल देने लगेंगी. उन्होंने ये भी कहा कि ये इंसान और पौधों के बीच संवाद का बहुत अच्छा माध्यम है. अमेरिकन विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने पाया कि पालक को जब कार्बन नैनोशीट में परिवर्तित किया जाता है तो वो मेटल एयर बैट्री बनाने में कैटेलिस्ट का काम करने लगता है.

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