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    पानी के ऊपर तैरते रहते हैं ये घर, अंदर रहते हैं 20 हजार से ज्यादा लोग... आप भी चाहेंगे बसना!

    इजबर्ग के इन तैरते हुए घरों में फिलहाल 20 हजार से ज्यादा लोग रह रहे हैं. अभी और ऐसी इमारतों का निर्माण हो रहा है. (फोटो- सोशल मीडिया)
    इजबर्ग के इन तैरते हुए घरों में फिलहाल 20 हजार से ज्यादा लोग रह रहे हैं. अभी और ऐसी इमारतों का निर्माण हो रहा है. (फोटो- सोशल मीडिया)

    एम्सटर्डम (Amsterdam) से कुछ दूरी पर स्थित है इजमीर लेक (IJmeer lake). इस लेक में तैरती हुई इमारतों (Floating Houses) का निर्माण किया जा रहा है. कई इमारतें पूरी तरह बन चुकी हैं और 20 हजार से ज्यादा लोग रह रहे हैं.

    • News18Hindi
    • Last Updated: October 29, 2020, 5:55 PM IST
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    दुनियाभर में एक से बढ़कर एक आर्किटेक्ट (Architect) हैं, जो बेहद ही खूबसूरत निर्माण (Beautiful Architectures) करने में माहिर हैं. ऐसे ही आर्किटेक्ट की देन है, नीदरलैंड (Neitherlands) की राजधानी एम्सटर्डम (Amsterdam) से कुछ दूरी पर स्थित इजमीर लेक (IJmeer lake) में मौजूद तैरते हुए घर (Floating Houses). पानी के बीचों-बीच इतनी खूबसूरती से इन घरों का निर्माण किया गया है कि पूछिए मत. इन्हें देखकर आप भी यहां बसना चाहेंगे. हाल-फिलहाल इन घरों में 20 हजार से ज्यादा लोग रह रहे हैं, लेकिन इसका निर्माण कार्य अभी भी जारी है.

    इन घरों को बनाने के लिए सबसे पहले इजमीर झील में आर्टिफिशियल आइलैंड (Artificial Islands) बनाए गए हैं, जहां पर ये तैरती इमारतें बनी हैं. अभी भी यहां पर इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के कंस्ट्रक्शन का काम चल रहा है और जब यह पूरा हो जाएगा तो 18 हजार फैमिली के 45 हजार से ज्यादा लोग रहेंगे. वहीं, 12 हजार से ज्यादा लोगों को नौकरियां मिलेंगी. इस तैरती सोसायटी में स्कूल, दुकानें, रेस्टोरेंट के साथ-साथ बीचेस का भी निर्माण किया जा रहा है. इसे वाटरबर्ट अर्थात वाटर डिस्ट्रिक्ट के रुप में भी जाना जाता है. बता दें कि वाटरबर्ट, इजबर्ग का हिस्सा है, जो 'स्टेगरलैंड' (जेट्टी आइलैंड) पर स्थित है. यही से इनिअस हीर्मा ब्रिज (Enneus Heerma Bridge) से इजबर्ग जाने के लिए मुख्य रास्ता है. इन घरों से बाहर का नजारा देखना बेहद ही शानदार अनुभव देता है.

    कैसे बने हैं ये घर?



    पानी के अंदर कंक्रीट ट्यूब के जरिए इसकी दीवारें खीचीं गई हैं, जिसके द्वारा घरों के नींव तैयार हुए. इसके ऊपर स्टील लगा है और कमरे तथा फर्स के लिए लकड़ी का पैनल लगा हुआ है. नीचले हिस्से में बेडरूम तथा बाथरूम हैं. वहीं, ग्राउंड फ्लोर पर किचन और डाइनिंग स्पेस हैं, जो खुली छत से जुड़े हैं. वहीं, घर का मुख्य कमरा ऊपरी मंजिल पर बना है.
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    इजबर्ग के इन तैरते हुए घरों में फिलहाल 20 हजार से ज्यादा लोग रह रहे हैं. अभी और ऐसी इमारतों का निर्माण हो रहा है. (फोटो- सोशल मीडिया)


    इन घरों का निर्माण इजबर्ग लेक से 65 किलोमीटर दूर किया गया. बाद में उन्हें नहर के जरिए खींचकर इस जगह पर लाया गया. पानी में ये घर बह न जाएं, इसके लिए स्टील के खंभों से इन्हें जोड़ा गया है. इनकी चौड़ाई 6.5 मीटर है, ताकि आसानी से इनका निर्माण करके इन्हें इस जगह पर लाया जा सके. वहीं, बीचेस किनारे लोग स्वीमिंग करते हैं और नहाने का लुत्फ भी उठाते हैं.
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