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11 साल पहले से चीन ने छिपाई थी कोरोना की सच्चाई, वायरस वाले कुत्तों और जानवरों को मार्केट में करता था सेल

11 साल पहले से चीन ने छिपाई थी कोरोना की सच्चाई, वायरस वाले कुत्तों और जानवरों को मार्केट में करता था सेल

Coronavirus को लेकर एक रिपोर्ट में दावा किया गया है, कि 11 साल पहले भी इसका संक्रमण जानवरों में था.

Coronavirus को लेकर एक रिपोर्ट में दावा किया गया है, कि 11 साल पहले भी इसका संक्रमण जानवरों में था.

Coronavirus को लेकर एक चौंकाने वाली रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन ने अब से 11 साल पहले ही अपने देश के जिन जानवरों को बाजार में बेच देता था, उनमें कोरोनावायरस (Coronavirus in China)समेत और भी कई गंभीर बीमारियां मौजूद होती थीं.

    Coronavirus की उत्पत्ति को लेकर दुनिया भर में रिसर्च लगातार हो रही हैं. इसी बीच एक चौंकाने वाली रिपोर्ट बताती है कि चीन ने वायरस से मानवता को खतरे में डालने की तैयारी सालों पहले ही कर ली थी. रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन ने 38 जंगली जानवरों की प्रजातियों को बाज़ार में खाने के लिए बेचा, जिनमें खतरनाक वायरस मौजूद थे.

    स्टडी चीन, ब्रिटेन और कनाडा (China, Britain, Canada) के रिसर्चर्स ने मिलकर की है. इसे एक साल भर पहले ही तैयार कर लिया गया था और अब ऑनलाइन पब्लिश (Online Publish) किया गया है. रिपोर्ट में साफ तौर पर कहा गया है कि जंगली जानवरों (Wild Animals) में बीमारियों के वायरस डालकर उन्हें इंफेक्ट किया गया और फिर चीन ने उन्हें वुहान की मीट मार्केट (Wuhan meat market) में बेच दिया. बताया जा रहा है जो वायरस जानवरों के अंदर डाले गए थे, उनमें कोरोनावायरस भी शामिल था.

    नहीं छापी गई थी स्टडी
    चीन के वाइल्डलाइफ रिसोर्सेज़ कंजर्वेशन (Southwest China Wildlife Resources Conservation), ब्रिटेन की ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी (University of Oxford) और कनाडा की कोलंबिया यूनिवर्सिटी ( University of British Columbia) के रिसर्चर्स ने मिलकर वुहान मार्केट की फोटोग्राफ और हुनान सीफूड मार्केट से डेटा इकट्ठा करके रिपोर्ट तैयार की गई है. इसे Scientific Reports में ऑनलाइन पब्लिश किया गया है. इसे फरवरी 2020 में एक साइंस जर्नल में छापने के लिए भेजा गया था, जिसे 2 बार रिजेक्ट कर दिया गया. WHO में भी करीब साल भर से पड़ी इस रिपोर्ट पर ध्यान नहीं दिया गया. रिपोर्ट में कहा गया है कि पक्षियों के ज़रिये कोरोनावायरस के अलग-अलग टाइप को जंगली जानवरों में डालकर उन्हें बाज़ार में बेचा गया. इससे पहले भी ये बात कही जाती रही है कि कोरोना वायरस चीन की लैब से लीक हुआ है.
    रिपोर्ट में किए गए हैं सनसनीखेज खुलासे
    ये स्टडी साफ तौर पर कहती है कि कुत्तों, रकून, मिंक्स जैसे तमाम जानवरों को वायरस के अलग-अलग रूप से संक्रमित किया गया था. इस स्टडी के मुख्य शोधकर्ता चीन के डॉक्टर शाओ शाओ ने वुहान की मार्केट से मई 2017 -नवंबर 2019 के बीच का डेटा इकट्ठा किया था. जब जनवरी 2020 में कोरोनावायरस फैलना शुरू हुआ तो डॉक्टर शाओ ने बाकी वैज्ञानिकों के साथ मिलकर रिसर्च को आगे बढ़ाया. उन्होंने 38 प्रजातियों के 47000 जानवरों पर अध्ययन करते हुए कहा जिन जानवरों को बाज़ार में बेचा जाता है, उनमें से ज्यादातर पहले से ही इंफेक्टेड होते हैं. इन जानवरों में एनफ्लुएंजा, रेबीज और अन्य वायरसजन्य बीमारियां पहले ही मौजूद रहती है. अच्छी तरह साफ-सफाई न होने की वजह से ये बीमारियां इन जानवरों को खाने वालों में भी पहुंच जाती हैं. इतना ही नहीं इन जानवरों को लगने वाले घाव भी कई बार गोली या फिर दूसरे हथियारों से होते हैं. मार्केट में 30 फीसदी जानवर ऐसे ही घायल होते हैं और बाज़ार में बिक जाते हैं.

    Tags: Coronavirus, Coronavirus origin, Covid-19 News

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